Trending

देश की बेटियों को आजादी के 75 सालों बाद मिला ये हक!

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 18 Aug 2021, 12:00 AM | Updated: 18 Aug 2021, 12:00 AM

देश की प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) की परीक्षा में महिलाओं के हिस्सा लेने पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब तक NDA परीक्षा में लड़कियां बैठ नहीं सकती थीं, उन्हें इसकी इजाजत नहीं थी। लड़कियां और परिजन इसमें लगातार छूट देने की मांग कर रहे थे। अब इस पर सुप्रीम कोर्ट ने इस पर महिलाओं के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें NDA परीक्षा में बैठने का हक दे दिया है।

कोर्ट ने केंद्र को आदेश दिया कि महिलाओं को राष्ट्रीय डिफेंस एकेडमी (NDA) की परीक्षा में बैठने की इजाजत दी जाए। आपको बता दें कि आने वाले 5 सितंबर को NDA की प्रवेश परीक्षा होगी। आदेश के मुताबिक दाखिले कोर्ट के अंतिम आदेश के अधीन ही होंगे।

कोर्ट ने सेना को लगाई फटकार 

कोर्ट ने महिलाओं के फेवर में ये फैसला सुनाते हुए सेना को फटकार भी लगाई। कोर्ट ने कहा कि आपको हर आदेश पारित करने के लिए न्यायपालिका की जरूरत क्यों है? सिर्फ न्यायिक आदेश पारित होने पर ही कदम नहीं उठाएं। बेहतर होगा कि आप अदालत के आदेशों को आमंत्रित करने के बजाय इसके लिए ढांचा तैयार करें। इस मामले पर सुनवाई जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस ऋषिकेश रॉय की पीठ ने की। 

दाखिल की गई थी याचिका सरकार ने

बता दें कि NDA परीक्षा में महिलाओं को शामिल करने के लिए याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें कहा गया था कि महिला उम्मीदवारों को उनके लिंग के आधार पर राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में प्रवेश के अवसर से वंचित रखा जा रहा है, जो मौलिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए ही कोर्ट ने ये फैसला सुनाया। कोर्ट को इसको लेकर केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

नोटिस पर दिया था ये जवाब

जिसका जवाब देते हुए केंद्र ने कहा था कि महिलाओं के साथ भेदभाव की दलील सही नहीं है। NDA में महिलाओं का प्रवेश एक नीतिगत विषय है, जिसमें कोर्ट को दखल नहीं देना चाहिए। भले ही NDA में एनडीए में महिलाओं को प्रवेश ना मिलता हो, लेकिन इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA) और ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) के जरिए उनको सेना में अधिकारी बनने का मौका दिया जाता है। हालांकि बेंच इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। जजों ने कहा कि महिलाओं के प्रति सेना को अपना रवैया बदलना चाहिए। कोर्ट के आदेश के बाद ही काम नहीं करना चाहिए।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि NDA देश में सैन्य अधिकारी तैयार करने का एक प्रतिष्ठित संस्थान है। ये महाराष्ट्र के पुणे में बनीं है। 12वीं परीक्षा के बाद एंट्रेंस एग्जाम और फिर इंटरव्यू के जरिए इसमें दाखिला होता है। वो लोग जो आर्मी, नेवी या एयरफोर्स में जाना चाहते हैं, उन्हें यहां ट्रेन किया जाता है। ट्रेनिंग तीन सालों की होती है, जिसके बाद कैडेटों को उनकी पसंद की सेनाओं के प्रशिक्षण के लिए संबंध एकेडमी में भेज दिया जाता है।

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds