Nargis-Sunil Dutt Love Story: जिससे पर्दे पर कहा ‘बेटा’, उसे ही दिल दे बैठी हसीना, किसी फिल्मी कहानी से अलग नहीं है नरगिस-सुनील की प्रेम कहानी

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 08 सितम्बर 2025, 05:30 AM Updated: 08 सितम्बर 2025, 05:30 AM
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Nargis-Sunil Dutt Love Story: बॉलीवुड की दुनिया में कई प्रेम कहानियां आईं और गईं, लेकिन कुछ किस्से हमेशा के लिए दिलों में बस जाते हैं। ऐसी ही एक कहानी है नरगिस और सुनील दत्त की। ये सिर्फ दो कलाकारों का रिश्ता नहीं था, बल्कि एक टूटी हुई आत्मा को फिर से ज़िंदा करने वाली दास्तान थी। आपको बता दें, नरगिस, जिन्होंने ‘मदर इंडिया’, ‘आवारा’, ‘अंदाज़’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया, उस दौर की सबसे मशहूर और प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में से एक थीं। पर्दे पर वह जितनी दमदार नजर आती थीं, निजी जिंदगी में उतनी ही जटिल और संघर्षों से भरी रहीं। राज कपूर के साथ उनके रिश्ते ने खूब सुर्खियां बटोरीं, लेकिन ये रिश्ता अंत तक नहीं टिक पाया। राज नरगिस के लिए कभी अपना परिवार नहीं छोड़ पाए और यही बात नरगिस को अंदर से तोड़ती चली गई। इसके बाद उनके जीवन में एक ऐसा इंसान आया जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी।

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मौत के करीब थी नरगिस, लेकिन फिर बदली किस्मत- Nargis-Sunil Dutt Love Story

किश्वर देसाई की किताब “डार्लिंगजी – द ट्रू लव स्टोरी ऑफ नरगिस एंड सुनील दत्त” के मुताबिक, राज कपूर से रिश्ता टूटने के बाद नरगिस इतनी टूट चुकी थीं कि आत्महत्या तक का सोचने लगी थीं। लेकिन फिर साल 1957 आया और ‘मदर इंडिया’ की शूटिंग के दौरान कुछ ऐसा हुआ, जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी।

फिल्म के सेट पर अचानक आग लग गई और नरगिस उसमें फंस गईं। तभी सुनील दत्त, जो फिल्म में उनके बेटे ‘बिरजू’ का किरदार निभा रहे थे, अपनी जान की परवाह किए बिना उन्हें बचाने दौड़ पड़े। इस हादसे में सुनील बुरी तरह जल गए, लेकिन उन्होंने नरगिस की जान बचा ली। यहीं से दोनों के बीच एक नया रिश्ता शुरू हुआ।

एक नई शुरुआत, एक सच्चा रिश्ता

सुनील दत्त के जख्मों की देखभाल करते हुए नरगिस उनके और करीब आ गईं। उन्होंने अपने जीवन की हर छोटी-बड़ी बात सुनील से साझा की। किताब में एक जगह नरगिस लिखती हैं, “अगर वह नहीं होते, तो शायद मैं 8 मार्च से पहले ही अपनी जान दे देती… उन्होंने कहा – ‘मैं चाहता हूं कि तुम ज़िंदा रहो’ और मुझे लगा कि मुझे फिर से जीना है।”

सुनील दत्त पहले ऐसे इंसान थे जिन्होंने नरगिस को सिर्फ एक स्टार नहीं, बल्कि एक इंसान की तरह देखा। इससे पहले नरगिस हमेशा दूसरों के लिए कुछ न कुछ करती रहीं कभी अपने परिवार के लिए, तो कभी राज कपूर के लिए। लेकिन सुनील पहले व्यक्ति थे जिन्होंने उनके लिए कुछ किया, बिना किसी स्वार्थ के।

‘बिरजू’ ने कर दिया प्रपोज

‘मदर इंडिया’ की शूटिंग के बाद दोनों के बीच इश्क गहराने लगा। सुनील ने एक दिन हिम्मत करके नरगिस को प्रपोज कर दिया। एक इंटरव्यू में सुनील ने बताया था कि नरगिस उनके घर आई थीं और जब वह उन्हें छोड़ने जा रहे थे, तो उन्होंने कार में ही उनसे पूछा, “क्या आप मुझसे शादी करेंगी?” नरगिस ने कोई जवाब नहीं दिया और चुपचाप उतरकर चली गईं।

इस जवाबहीन पल ने सुनील को हिला दिया। उन्होंने सोच लिया था कि अगर नरगिस ने ना कह दिया, तो वह मुंबई छोड़कर अपने गांव जाकर खेती करेंगे। लेकिन कुछ दिन बाद उनकी बहन ने उन्हें बताया – “नरगिस जी मान गई हैं।”

1958 में शादी, फिर साधारण जिंदगी

इसके बाद साल 1958 में दोनों ने शादी कर ली। नरगिस ने अपना आलीशान जीवन छोड़कर सुनील के परिवार के साथ एक छोटे से घर में रहना शुरू किया। उनके तीन बच्चे हुए नम्रता, प्रिया और संजय दत्त।

शादी के बाद नरगिस ने फिल्मों से दूरी बना ली और सामाजिक कामों में जुट गईं। दुर्भाग्यवश, 1981 में अग्नाशय के कैंसर के कारण केवल 51 साल की उम्र में उनकी मृत्यु हो गई। नरगिस की याद में सुनील दत्त ने ‘नरगिस दत्त मेमोरियल कैंसर फाउंडेशन’ की स्थापना की।

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