Maharashtra News: कर्ज और गरीबी में बुरी तरह डूबे 75 साल के बुजुर्ग किसान ने खुद हल चलाकर खेत में की बुआई, मदद की आस में सरकार से लगाई गुहार

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 02 जुलाई 2025, 12:00 AM Updated: 02 जुलाई 2025, 12:00 AM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार जहां किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के कई दावे कर रही है, वहीं राज्य के लातूर जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो किसानों की असली स्थिति को उजागर करती है। यहां एक बुजुर्ग किसान जोड़ा अपने खेत में हल चलाकर बुवाई कर रहा है। यह दृश्य आजकल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। यह तस्वीर लातूर जिले के हाडोलती गांव की है, जहां किसान अंबादास पवार और उनकी पत्नी मुक्ताबाई पवार अपनी 5 एकड़ की जमीन पर बुवाई कर रहे हैं। दोनों ने खुद अपने खेत में हल चलाने का काम शुरू किया है, क्योंकि उनकी आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि वे मजदूर या ट्रैक्टर के भाड़े का खर्चा नहीं उठा सकते।

और पढ़ें: Delhi News: 45 दिन पहले डिपोर्ट हुए ट्रांसजेंडर को दिल्ली पुलिस ने फिर से उसी इलाके से किया गिरफ्तार, खुली नई सच्चाई

मजबूरी में खेतों में खुद हल चलाना- Maharashtra News

किसान अंबादास पवार और उनकी पत्नी मुक्ताबाई पवार का कहना है कि घर की आमदनी न होने के कारण उन्हें किसी भी तरह का कृषि कार्य करने के लिए कोई बाहरी मदद नहीं मिल पा रही है। उनका कहना है कि मजदूर, बैल या ट्रैक्टर का खर्चा उठाने के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं, जिससे वे पिछले दो सालों से अपने खेत में खुद हल चलाकर बुवाई करने पर मजबूर हो गए हैं। 75 साल की उम्र में भी दोनों ने मिलकर अपनी 5 एकड़ भूमि पर खेती करने का पूरा जिम्मा खुद उठाया है।

अंबादास पवार बताते हैं, “हमने खेत में जो भी लागत लगाई थी, भारी बारिश के कारण उससे भी फायदा नहीं हुआ। हम कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं और सरकार से निवेदन करते हैं कि हमारा कर्ज माफ किया जाए।”

कर्ज और आर्थिक तंगी

इस किसान जोड़े की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि खेत पर खर्च करने के लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ा है। पिछले दो सालों में भारी बारिश के कारण उन्हें नुकसान हुआ है, जिसके कारण उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर गया। वे कहते हैं कि सरकार से उम्मीद है कि उनके जैसे किसानों की मदद की जाएगी, ताकि वे कर्ज के बोझ से मुक्ति पा सकें।

जीवन की कठिनाईयों को साझा करती पत्नी

मुक्ताबाई पवार का कहना है कि उनकी खेती की पूरी जिम्मेदारी वह और उनके पति मिलकर निभाते हैं। वह बताती हैं, “हमारे पास 5 एकड़ की जमीन है और हमें पूरी खेती दोनों को मिलकर करनी पड़ती है। मजदूर या किसी मशीनरी को हम किराए पर नहीं ले सकते, क्योंकि हमारे पास पैसे नहीं हैं। बुआई से लेकर फसल की देखभाल तक हम खुद ही करते हैं।”

मुक्ताबाई के मुताबिक, उनका एक बेटा है, लेकिन वह शहर में मजदूरी करता है, जिससे घर की आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है। इसलिए पोते-पोतियों को शिक्षा दिलाने के लिए उन्हें खुद खेतों में काम करना पड़ता है।

सोशल मीडिया पर मची हलचल

इस बुजुर्ग किसान जोड़े का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। वीडियो में दोनों को खेत में हल चलाते हुए देखा जा सकता है। मराठवाड़ा क्षेत्र में किसानों की बदहाल स्थिति के कारण कई किसान आत्महत्या कर चुके हैं, और ऐसे में इस बुजुर्ग जोड़े की मेहनत और संघर्ष ने लोगों को झकझोर दिया है। सोशल मीडिया पर अब लोग इस जोड़े की मदद की मांग कर रहे हैं और सरकार से आर्थिक मदद देने की अपील कर रहे हैं।

सरकार से मदद की अपील

मुक्ताबाई पवार ने कहा, “हम दोनों बुजुर्ग होने के बावजूद भी इतनी मेहनत कर रहे हैं, इसलिए हमारी मेहनत को देखते हुए सरकार को हमें कुछ तो आर्थिक मुआवजा देना चाहिए। अगर हमें सरकारी मदद मिलती है, तो हम अपनी स्थिति को सुधार सकते हैं।”

अंबादास और मुक्ताबाई पवार की संघर्षपूर्ण जिंदगी महाराष्ट्र सरकार के उस दावे की पोल खोलती है कि वह किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रही है। यह तस्वीर न केवल इस जोड़े की स्थिति को सामने लाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि किसानों को अपनी मेहनत के बावजूद उचित सहायता और समर्थन नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरकार से उनकी मदद की मांग अधिक प्रासंगिक हो जाती है।

और पढ़ें: SBI Foundation Day: SBI की शुरुआत से 200 साल का सफर, नाम में बदलाव और पहला खाता खोलने की दिलचस्प कहानी

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds