मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर भिड़े केंद्रीय मंत्री और छत्तीसगढ़ के सीएम, जानें क्या है पूरा मामला?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 28 Jul 2021, 12:00 AM | Updated: 28 Jul 2021, 12:00 AM

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से बीजेपी में शामिल होकर पहले राज्यसभा सांसद और अब केंद्रीय मंत्री बनने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया अभी भी कांग्रेस नेताओं के निशाने पर रहते हैं। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिराने के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है। 

पिछले दिनों कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सिंधिया को नागरिक उड्यन मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और एयर इंडिया दोनों ही बिकाऊ हैं। एक की बोली लगने जा रही है और दूसरे को इसे बेचने की जिम्मेदारी दी गई है।  

अब छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा एक मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण को लेकर मामला गरमाया हुआ है। इसी बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बघेल पर जोरदार हमला किया है और बिकाऊ एवं टिकाऊ को लेकर तंज कसा है।

सिंधिया ने लगाया आरोप

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्विट करते हुए कहा, ‘भूपेश बघेल अपने दामाद का निजी महाविद्यालय बचाने के लिए उसे सरकारी कोष से खरीदने की कोशिश में हैं। प्रदेश की राशि का उपयोग अपने दामाद के लिए,वो भी एक ऐसा मेडिकल कॉलेज जिस पर धोखाधड़ी के आरोप मडिकल कौंसिल ऑफ़ इंडिया द्वारा लगाए गए थे। कौन बिकाऊ है और कौन टिकाऊ, इसकी परिभाषा अब साफ है!’

भूपेश बघेल ने किया पलटवार

सिंधिया के इस आरोप पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार किया है। उन्होंने ट्विट कर कहा, ‘चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज पर प्रकाशित एक समाचार पर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। वे सब निराधार है। यह प्रदेश के एक मेडिकल कॉलेज और सैकड़ों छात्रों के भविष्य को बचाने का प्रयास है। इससे एक नया मेडिकल कॉलेज बनाने का समय बचेगा व हर साल प्रदेश को डेढ़ सौ डॉक्टर मिलेंगे।‘

जनहित के लिए कुछ भी करेगी सरकार

भूपेश बघेल ने आगे कहा, ‘जहां तक रिश्तेदारी और निहित स्वार्थ का सवाल है तो मैं अपने प्रदेश की जनता को यह बताना चाहता हूं कि भूपेश बघेल उसके प्रति उत्तरदायी है और उसने हमेशा पारदर्शिता के साथ राजनीति की है, सरकार में भी हमेशा पारदर्शिता ही होगी। सौदा होगा तो सब कुछ साफ हो जाएगा।‘

उन्होंने कहा, ‘यह खबर कल्पनाशीलता की पराकाष्ठा से उपजा विवाद है। जिसे मैं चुनौती देता हूं। अगर जनहित का सवाल होगा तो सरकार निजी मेडिकल कॉलेज भी ख़रीदेगी और नगरनार का संयंत्र भी। हम सार्वजनिक क्षेत्र के पक्षधर लोग हैं और रहेंगे। हम उनकी तरह जनता की संपत्ति बेच नहीं रहे हैं।‘

2017 में रद्द हो गई थी मान्यता

बताते चले कि छत्तीसगढ़ के दुर्ग में स्थित चंदूलाल चंद्रकार मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की मान्यता साल 2017 में रद्द कर दी गई थी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने एक्शन लेते हुए इस मेडिकल कॉलेज पर कार्रवाई की थी। राज्य की मौजूदा भूपेश बघेल सरकार एक कानून के जरिए इसका अधिग्रहण करने की तैयारी में लगी है। जिसे लेकर राज्य के साथ-साथ देश की सियासत में भी बवाल मचा हुआ है। इसी मामले को लेकर बीजेपी की ओर से लगातार तरह-तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं। 

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