Sikhism in Denmark: डेनमार्क में सिख समुदाय! प्रवासन से पहचान तक, आस्था, संघर्ष और सांस्कृतिक विरासत की अनोखी कहानी

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 02 Mar 2025, 12:00 AM | Updated: 02 Mar 2025, 12:00 AM

Sikhism in Denmark: डेनमार्क में सिख धर्म अल्पसंख्यक धर्म है, लेकिन इसकी उपस्थिति महत्वपूर्ण और प्रभावशाली रही है। वर्तमान में डेनमार्क में लगभग 5,000 सिख रहते हैं, जो मुख्य रूप से पंजाबी मूल के हैं। डेनमार्क में सिख समुदाय 1960 के दशक में श्रमिक प्रवासियों के रूप में और 1980-90 के दशक में पंजाब संघर्ष के कारण शरणार्थी के रूप में आया था। सिख समुदाय डेनिश समाज में एकीकृत हो रहा है, अपनी पहचान बनाए रखते हुए बहुसांस्कृतिक सद्भाव को बढ़ावा दे रहा है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

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डेनमार्क में सिख धर्म का इतिहास- Sikhism in Denmark

सिख समुदाय का डेनमार्क में आगमन 1960 के दशक के अंत और 1970 के दशक की शुरुआत में हुआ, जब श्रमिक प्रवासियों के रूप में सिख यहां पहुंचे। 1980 और 1990 के दशकों में, पंजाब में हिंसक संघर्षों से बचने के लिए सिख शरणार्थियों ने डेनमार्क की ओर रुख किया। 1985 में, डेनमार्क के धार्मिक मामलों के मंत्रालय से सिख समुदाय को आधिकारिक मान्यता मिली, जिससे उनकी धार्मिक गतिविधियों को औपचारिक स्वीकृति प्राप्त हुई।

Sikhism in Denmark
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सिख समुदाय का वितरण

डेनमार्क में सिख समुदाय मुख्यतः राजधानी कोपेनहेगन में केंद्रित है, लेकिन छोटे समूह हॉर्सन्स और ऑरहूस जैसे क्षेत्रों में भी पाए जाते हैं।

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गुरुद्वारे

डेनमार्क में सिख समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र गुरुद्वारे हैं। प्रमुख गुरुद्वारे निम्नलिखित हैं:

  • गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा: कोपेनहेगन के वैनलोज़ क्षेत्र में स्थित है।
  • गुरुद्वारा कोपेनहेगन: कोपेनहेगन में स्थित है।

सिख समुदाय के योगदान और चुनौतियाँ

डेनमार्क में सिख समुदाय ने देश की सांस्कृतिक विविधता में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है, जिससे डेनिश समाज में बहुसांस्कृतिकता को बढ़ावा मिला है। हालांकि, 2008 में वैनलोज़ में स्थित एकमात्र डेनिश सिख संगत के भीतर दो गुटों के बीच मंदिर के नियंत्रण को लेकर हिंसक टकराव की खबरें आई थीं, जो समुदाय के भीतर आंतरिक चुनौतियों को दर्शाती हैं।

डेनमार्क में सिखों के अनुभव

डेनमार्क में सिख समुदाय के अनुभवों के बारे में व्यक्तिगत दृष्टिकोण भी महत्वपूर्ण हैं। रेडिट पर एक सिख उपयोगकर्ता ने कोपेनहेगन की अपनी यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें वहां किसी प्रकार की असुरक्षा महसूस नहीं हुई। उन्होंने गुरुद्वारा साहिब का दौरा किया, जो व्यस्त था, और वहां कुछ घंटे बिताए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कोपेनहेगन एक प्रमुख महानगरीय शहर है, जहां सामान्य सावधानी बरतने से कोई समस्या नहीं होती।

डेनमार्क का धार्मिक परिदृश्य

डेनमार्क में सिख धर्म एक छोटे लेकिन महत्वपूर्ण समुदाय का प्रतिनिधित्व करता है। देश में प्रमुख धर्म ईसाई धर्म है, विशेष रूप से लूथरन चर्च, लेकिन समय के साथ अन्य धर्मों की उपस्थिति भी बढ़ी है। इस्लाम, यहूदी धर्म, बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म के अनुयायी भी डेनमार्क में निवास करते हैं। सिख समुदाय ने अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को बनाए रखते हुए डेनिश समाज में एकीकृत होने का प्रयास किया है, जिससे देश की बहुसांस्कृतिक पहचान को समृद्ध किया है।

डेनमार्क में सिख धर्म की यात्रा श्रमिक प्रवास से शुरू होकर आज एक स्थापित और मान्यता प्राप्त समुदाय तक पहुंची है। हालांकि उनकी संख्या कम है, लेकिन उनका सांस्कृतिक और सामाजिक योगदान महत्वपूर्ण है। गुरुद्वारे न केवल धार्मिक स्थलों के रूप में बल्कि सांस्कृतिक केंद्रों के रूप में भी कार्य करते हैं, जो सिख समुदाय की एकजुटता और पहचान को बनाए रखने में सहायक हैं। भविष्य में, सिख समुदाय डेनमार्क की बहुसांस्कृतिक समाज में अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा, जिससे दोनों समुदायों के बीच समझ और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

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