जानिए रोहतक के ऐसे स्कूल के बारे में जहां देशभर के दलित बच्चे कर सकते हैं फ्री में पढ़ाई, 1945 में हुई थी स्थापना

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 04 Oct 2024, 12:00 AM | Updated: 04 Oct 2024, 12:00 AM

हरियाणा के रोहतक जिले में स्थित एक अनोखा स्कूल दलित बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करता है और उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए हर संभव तरीके से उनकी मदद करता है। यह स्कूल खास तौर पर उन बच्चों के लिए बनाया गया है जो समाज के हाशिये पर रहते हैं और जिनके पास सीमित आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक अवसर हैं। इस स्कूल का मुख्य उद्देश्य दलित समुदाय के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाना और समाज में उनकी पहचान स्थापित करने में मदद करना है।

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विद्यालय की स्थापना

यह स्कूल गुरु रविदास एजुकेशन सोसाइटी के नाम से प्रसिद्ध है। यह स्कूल रोहतक के आर्य नगर में स्थित है। इस स्कूल के प्रबंधक का नाम जगबीर सिंह अहलावत है। स्कूल प्रबंधक के अनुसार इस स्कूल की स्थापना 1945 में हुई थी। इसकी स्थापना केर सिंह तूर, मास्टर लक्ष्मण सिंह, अमर सिंह, चांदराम, रूपचंद्र, स्वामी भजनंद ने मिलकर की थी। 1945 के समय इस स्कूल का नाम चमार एजुकेशन सोसाइटी था, लेकिन बाद इस स्कूल का नाम बदलकर गुरु रविदास एजुकेशन सोसाइटी कर दिया गया।

School Manager Jasvir Singh Ahlawat
Source: Google

दलित विद्यालय स्थापना का उद्देश्य

इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य दलित बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और नैतिक मूल्यों के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता प्रदान करना है। इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को न केवल निःशुल्क शिक्षा बल्कि निःशुल्क आवास, भोजन और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएँ भी प्रदान की जाती हैं। स्कूल का उद्देश्य न केवल बच्चों को शिक्षित करना है बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और उनमें आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास विकसित करना भी है। यह स्कूल दलित बच्चों को मुख्यधारा में लाने और उन्हें समाज में समान अवसर दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

Rohtak dalit school
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शैक्षिक सुविधाएँ

यह विद्यालय सभी आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएँ प्रदान करता है, जिसमें विज्ञान, गणित, भाषा और सामाजिक विज्ञान जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। इसके साथ ही बच्चों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा और कंप्यूटर प्रशिक्षण भी दिया जाता है, ताकि वे आधुनिक दुनिया में प्रतिस्पर्धा कर सकें। यहाँ बच्चों की अंग्रेजी और हिंदी में दक्षता पर समान जोर दिया जाता है, ताकि वे भविष्य में किसी भी क्षेत्र में सफल हो सकें। इसके साथ ही विद्यालय में नियमित रूप से शारीरिक शिक्षा, खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं, ताकि बच्चों का समग्र विकास हो सके।

नि:शुल्क रहने और खाने की सुविधा

इस स्कूल में सभी बच्चों के लिए मुफ्त रहने और खाने की व्यवस्था की जाती है। यह सुविधा खास तौर पर उन बच्चों के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनके पास शिक्षा प्राप्त करने के लिए जरूरी संसाधन नहीं हैं। हालांकि, यहां केवल बिजली का शुल्क शामिल है जिसकी कीमत मात्र 600 रुपये है।

देशभर से बच्चे कर सकते हैं दाखिला

इस स्कूल की सबसे खास बात यह है कि यहां हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश से दलित बच्चे आकर मुफ्त शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। स्कूल में दाखिले की प्रक्रिया बेहद सरल है और स्कूल प्रशासन बच्चों का चयन करते समय उनकी शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ उनके परिवार और आर्थिक स्थिति को भी ध्यान में रखता है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि जिन बच्चों को शिक्षा की सबसे ज्यादा जरूरत है, वे यहां आकर इसका लाभ उठा सकें।

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