शान्तबाई कांबले: अपने जीवन की कहानियों को किताब के पन्नों पर उकेरने वाली पहली दलित महिला
Dalit Shantabai Kamble Details – एक चुनाव, एक बाजार, एक देश, एक मुखिया, एक कानून, मैंने कहा- ‘एक जाति’, बोले ये देशद्रोही है….यह पक्तियां हमारे आज के समाज की सच्चाई को बया करती है. पुराने समय से ही हमारे समाज में जातिव्यवस्था जैसी कुप्रथाएं चली आ रही है. जिनकी वजह से जाने कितने दलितों इंसान...
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