US Immigration Row: जमीन बेचकर बेटे को भेजा, 6 महीने बाद अमेरिका से वापसी, पंजाब के इस गांव में सच्चाई का खुलासा

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 07 फ़रवरी 2025, 05:30 AM Updated: 07 फ़रवरी 2025, 05:30 AM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

US Immigration Row: इनमें से 22 साल के प्रदीप भी शामिल हैं, जो पंजाब के जुडोद गांव के रहने वाले हैं। अमेरिका जाने के लिए प्रदीप ने अवैध रास्ता अपनाया था और परिवार ने उसे भेजने के लिए 41 लाख रुपये खर्च किए थे। लेकिन, छह महीने बाद प्रदीप अमेरिका से भारत वापस भेज दिया गया। उनका परिवार इस घटना से पूरी तरह सदमे में है, और फिलहाल मीडिया से बात करने से इंकार कर दिया है।

और पढ़ें: Indian Immigrants Deported By US: अमेरिका का सपना टूटा! रास्ते में मौत, खाने की किल्लत…. वापस भेजे गए भारतीयों की दर्दनाक कहानियां

प्रदीप के परिवार का दुख- US Immigration Row

प्रदीप के घरवालों का कहना है कि उन्हें इस बात की खुशी है कि उनका बेटा सुरक्षित घर लौट आया है, लेकिन वे इस कष्टकारी समय में सदमे में हैं। प्रदीप के पिता का कहना है कि उन्होंने बेटे को विदेश भेजने के लिए अपनी ज़मीन बेच दी थी, लेकिन अब उनका बेटा वापस आ गया है। प्रदीप का परिवार अब सिर्फ इस बात की उम्मीद कर रहा है कि उन्हें इस रकम का कुछ हिस्सा वापस मिले, ताकि वे कुछ काम कर सकें।

US Immigration Row India
Source: Google

गाँव में बढ़ता पलायन

प्रदीप के गांव के लोग भी इस घटना को लेकर दुखी हैं। गांव के पड़ोसी बताते हैं कि जब मामला शांत हो जाएगा, तब फिर से लोग विदेश जाने के लिए पागल हो जाएंगे। एक गांव वाले का कहना था कि सरकार युवाओं को रोजगार नहीं दे रही है, और इस कारण वे विदेश जाने के लिए मजबूर हो जाते हैं। वहीं, किसानों के बारे में भी उनका कहना था कि आजकल की युवा पीढ़ी खेती में रुचि नहीं लेती है, और सरकार की ओर से कृषि बाजार में सही मूल्य न मिलने के कारण युवा काम के लिए बाहर जाने को मजबूर हैं।

आकाश का संघर्ष

प्रदीप की ही तरह हरियाणा के करनाल जिले के घरौंडा के कलारों गांव के एक और युवक आकाश की भी दुखद कहानी है, जिसका परिवार उसे विदेश भेजने के लिए जमीन बेचने को तैयार था। आकाश के परिवार ने उसे अमेरिका भेजने के लिए 72 लाख रुपए खर्च किए थे। हालांकि, 26 जनवरी को वह मैक्सिको की दीवार फांदकर अमेरिका में घुस गया, लेकिन जल्द ही उसे पकड़ लिया गया और डिपोर्ट कर दिया गया। आकाश को रिमांड का डर दिखाकर उसे डिपोर्ट के कागजों पर साइन करवा लिया गया। अब उसका परिवार भी सदमे में है और चाहता है कि एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

US Immigration Row India
Source: Google

प्रवासी भारतीयों की समस्याएं

इन सब घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि प्रवासी भारतीयों के लिए अमेरिका जाने का सपना कई बार एक दुःस्वप्न बन जाता है। उच्च लागत, कठिन रास्ते और अपार संघर्षों के बावजूद कई लोग अपने परिवारों का पैसा खर्च करके विदेश जाते हैं, लेकिन उन्हें कभी भी वह परिणाम नहीं मिलता जो वे चाहते हैं। डिपोर्ट किए गए लोगों की कहानियां इस बात की गवाह हैं कि किस तरह वे बिना किसी सुरक्षा और सही मार्गदर्शन के रास्ते पर निकल पड़ते हैं, और अंत में उन्हें अपनी असफलता का सामना करना पड़ता है।

एजेंटों का धोखाधड़ी

इसके साथ ही, एजेंटों की भूमिका भी इस पूरे प्रकरण में सामने आती है। इन एजेंटों ने उच्च खर्चे पर भारतीय युवाओं को विदेश भेजने का वादा किया, लेकिन उन्हें सुरक्षा या कानूनी मार्गदर्शन नहीं दिया। इस धोखाधड़ी के कारण इन युवाओं को कड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा, और कई मामलों में तो उनके परिवारों ने अपनी ज़मीन तक बेच दी।

और पढ़ें: Iran Woman Naked Protest: ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शन! महिला का नग्न होकर पुलिस वाहन पर चढ़कर किया हंगामा

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds