Unnao News: उत्तर प्रदेश के सप्रू स्टेडियम में एक क्रिकेट मैच के दौरान मधुमक्खियों के अचानक हमले में अनुभवी अंपायर मानिक गुप्ता की दुखद मौत हो गई। कानपुर क्रिकेट सर्किट के जाने-माने अंपायर और कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े मानिक गुप्ता करीब 30 वर्षों से अंपायरिंग कर रहे थे और स्टेट पैनल अंपायर के रूप में भी सक्रिय थे।
ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान हुआ हादसा (Unnao News)
घटना के बारे में मानिक गुप्ता के भाई अमित कुमार गुप्ता ने ANI को बताया कि मैच खत्म होने के बाद मानिक ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान एक साथी अंपायर से मिलने गए थे। तभी अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने वहां मौजूद सभी लोगों पर हमला कर दिया। अमित ने बताया, “भागने की कोशिश में मानिक का बैलेंस बिगड़ गया और वे गिर गए। मधुमक्खियों ने उन पर हमला कर दिया। बाकी लोग भी उस हमले से बचने की कोशिश कर रहे थे।”
उन्होंने आगे बताया कि साथी अंपायर एक अलग मैच में अंपायरिंग कर रहे थे और मानिक उनके पास चाय पीने के लिए गए थे। उसी समय पीछे से मधुमक्खियों का झुंड आया और अचानक हमला कर दिया।
उत्तर प्रदेश के उन्नाव में क्रिकेट मैच के दौरान अंपायर की मौत। मैच के दौरान मधुमक्खी ने उनपर हमला कर दिया जो जानलेवा साबित हो गई।
pic.twitter.com/Cjf48L7jmO— Narendra Nath Mishra (@iamnarendranath) February 20, 2026
साथी अंपायरों ने भी बताया हादसे का भयावह दृश्य
मानिक गुप्ता के साथी अंपायर जगदीश शर्मा ने बताया कि ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने उन सभी पर हमला कर दिया। उन्होंने कहा, “सब लोग जमीन पर लेट गए, लेकिन मधुमक्खियों ने मानिक पर बुरी तरह हमला किया। यह देखकर कोई भी सन्न रह गया।”
इस घटना ने स्टेडियम में मौजूद खिलाड़ियों और अंपायरों के बीच खलबली मचा दी और सभी लोग डर के मारे इधर-उधर भागते नजर आए।
क्रिकेट समुदाय और पड़ोसियों में शोक
अंपायर मानिक गुप्ता के पड़ोसी भारतेंदु पुरी ने ANI को बताया कि मानिक ने अपनी पूरी जिंदगी अंपायरिंग और परिवार को सपोर्ट करने में लगाई। वह पूरी तरह क्रिकेट के प्रति समर्पित थे। भारतेंदु ने कहा, “यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। वह कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य थे और कानपुर में एक जाने-माने अंपायर के रूप में जाने जाते थे। उनकी समर्पित अंपायरिंग और मेहनत सभी को याद रहेगी।”
मानिक गुप्ता की मौत ने उत्तर प्रदेश और विशेषकर कानपुर क्रिकेट समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। उनके साथी, खिलाड़ी और स्थानीय क्रिकेट प्रेमी सोशल मीडिया और क्रिकेट क्लबों में उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं।
30 साल का अंपायरिंग अनुभव और क्रिकेट के प्रति समर्पण
मानिक गुप्ता ने लगभग तीन दशक तक अंपायरिंग करते हुए कई स्टेट और जिला स्तर के मैचों में खेला और न्यायपूर्ण निर्णय लिए। उनके अनुभव और खेल के प्रति उनकी निष्ठा ने उन्हें स्थानीय क्रिकेट समुदाय में अत्यंत सम्मानित बनाया।
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