Thailand News: प्रधानमंत्री का निलंबन, सीमा पर तनातनी… चर्चा मे आया भारतीयों का पसंदीदा हनीमून डेस्टिनेशन है थाईलैंड?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 03 जुलाई 2025, 05:30 AM Updated: 03 जुलाई 2025, 05:30 AM
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Thailand News: थाईलैंड, भारतीयों के लिए एक आदर्श हनीमून डेस्टिनेशन और छुट्टियां बिताने की शानदार जगह बन चुका है। यह न केवल भारत से नजदीक है, बल्कि यहां की किफायती यात्रा, खूबसूरत समुद्री तट, प्राचीन मंदिर और जीवंत संस्कृति भारतीय पर्यटकों के बीच इसे एक सपना बना देती है। 2024 में 21 लाख भारतीय पर्यटकों ने थाईलैंड का दौरा किया, जो 2023 से 23 प्रतिशत ज्यादा था। इसकी प्रमुख वजहों में किफायती वीजा नीति और आसान यात्रा सुविधाएं हैं। उम्मीद की जा रही है कि 2025 तक भारतीय पर्यटकों की संख्या 25 लाख तक पहुँच सकती है।

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राजनीतिक उथल-पुथल: थाईलैंड में नया विवाद- Thailand News

हालांकि, इस खूबसूरत देश में इन दिनों एक राजनीतिक संकट छाया हुआ है। थाईलैंड की प्रधानमंत्री पेटोंगटार्न शिनावात्रा को अगस्त 2024 में देश का सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने का सम्मान प्राप्त हुआ था। लेकिन, हाल ही में एक लीक फोन कॉल विवाद के कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया। इस तरह का कदम लोकतंत्र में अदालती हस्तक्षेप का अभूतपूर्व उदाहरण बन गया। शिनावात्रा के खिलाफ कोर्ट के फैसले के बाद अब थाईलैंड को नया प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है।

लीक फोन कॉल: विवाद की जड़

लीक हुई फोन कॉल में शिनावात्रा कंबोडिया के राष्ट्रपति हुन सेन से बात कर रही थीं, और इस बातचीत में उन्होंने अपने ही देश की सेना की आलोचना की थी। यह कॉल 15 जून को हुई थी और कंबोडिया के सीनेट प्रेसिडेंट ने इसे रिकॉर्ड कर लिया था। उन्होंने इस कॉल को 80 लोगों के साथ शेयर किया, जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ गया।

इस कॉल में शिनावात्रा ने कंबोडिया-थाईलैंड सीमा विवाद के बारे में बातचीत की और कहा कि वे कंबोडिया के सैनिकों के खिलाफ सीमा विवाद के बाद लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने पर विचार करेंगी। शिनावात्रा ने अपने ही देश की सेना के कमांडर की आलोचना करते हुए कहा कि वह उन्हें सुने नहीं और सीमा विवाद पर कंबोडिया से बातचीत जारी रखें।

थाईलैंड और कंबोडिया का सीमा विवाद

कंबोडिया और थाईलैंड के बीच सीमा विवाद की शुरुआत 1907 के एक नक्शे से हुई थी, जो कि फ्रांस ने उस समय की थी। इस विवाद का मुख्य मुद्दा प्रीह विहार मंदिर और आसपास के इलाकों का मालिकाना हक है। 1962 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने मंदिर को कंबोडिया का हिस्सा माना, लेकिन आसपास की जमीन पर विवाद जारी रहा। दोनों देशों के बीच 2008 से सैन्य झड़पें होती रही हैं।

मई 2025 में हुए एक विवाद ने इस तनाव को और बढ़ा दिया, जब थाईलैंड की सेना ने कंबोडिया के एक सैनिक को गोली मार दी। इसके बाद थाईलैंड ने कंबोडिया के साथ अपनी सीमा पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए। कंबोडिया ने भी जवाबी कदम उठाते हुए थाईलैंड से ईंधन आयात पर प्रतिबंध और थाई फिल्मों पर रोक लगा दी।

भारत और थाईलैंड के रिश्ते

इस राजनीतिक संकट के बावजूद, थाईलैंड भारतीयों के लिए एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल बना हुआ है। भारतीय पर्यटकों को थाईलैंड का आकर्षण समुद्र तटों, प्राचीन मंदिरों और किफायती यात्रा के कारण लगातार बढ़ता जा रहा है। भारतीयों का यह पसंदीदा डेस्टिनेशन सांस्कृतिक समानता, आसान यात्रा और किफायती खर्च के कारण लगातार भारतीय पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।

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