Strait Of Hormuz Reopening: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान जिस एक मुद्दे ने पूरी दुनिया की धड़कनें तेज कर दी थीं, वह था स्ट्रेट ऑफ होर्मुज। यह वही अहम समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल गुजरता है। ऐसे में जब दोनों देशों के बीच सीजफायर की घोषणा हुई, तो सबसे बड़ा सवाल यही उठा—आखिर होर्मुज का क्या होगा?
अब इस पर स्थिति कुछ हद तक साफ हो गई है। ईरान ने दो हफ्तों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने का फैसला किया है। इससे उन देशों को बड़ी राहत मिली है, जिनके जहाज इस रूट पर फंसे हुए थे।
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दो हफ्ते का सीजफायर, जहाजों को राहत | Strait Of Hormuz Reopening
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित दो हफ्तों के युद्धविराम के बाद ईरान भी इस अवधि में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने भी इस सीजफायर को मंजूरी दे दी है। साथ ही यह भी संकेत दिया गया है कि शुक्रवार को अमेरिका के साथ बातचीत होगी। हालांकि, ईरान ने साफ किया है कि यह युद्ध का अंत नहीं है, बल्कि सिर्फ एक अस्थायी कदम है।
फिलहाल के लिए सबसे बड़ी राहत उन जहाजों को मिली है, जो होर्मुज के पास रुके हुए थे और आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे थे।
होर्मुज में आवाजाही कैसे होगी नियंत्रित?
सीजफायर के साथ ही इस जलमार्ग में व्यवस्था को लेकर भी एक प्लान सामने आया है। इसका मकसद है कि जहाजों की आवाजाही को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सके।
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित आवागमन के लिए एक विशेष प्रोटोकॉल तैयार करने की बात कही गई है।
- इस व्यवस्था के तहत ईरान की नियंत्रण भूमिका को भी मान्यता दी जाएगी।
- ईरान चाहता है कि इस क्षेत्र में उसकी आर्थिक और रणनीतिक अहमियत को वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया जाए।
यानी आने वाले समय में यह जलमार्ग पहले जैसा पूरी तरह खुला और स्वतंत्र नहीं रहेगा, बल्कि एक नियंत्रित रास्ते की तरह काम कर सकता है।
ईरान-ओमान का टोल प्लान क्या है?
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा टोल टैक्स को लेकर हो रही है। खबर है कि फिलहाल ईरान जिन जहाजों को गुजरने की अनुमति दे रहा है, उनसे प्रति जहाज करीब 20 लाख अमेरिकी डॉलर वसूले जा रहे हैं। हालांकि, किन देशों से यह शुल्क लिया गया है, इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले समय में ओमान भी इस व्यवस्था में शामिल हो सकता है। यानी ईरान और ओमान मिलकर होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूल सकते हैं।
अगर ऐसा होता है, तो यह जलमार्ग अब एक “मुक्त अंतरराष्ट्रीय रूट” नहीं रहेगा। इससे दुनिया के अन्य रणनीतिक समुद्री रास्तों पर भी असर पड़ सकता है, जहां कंट्रोल करने वाले देश टोल लगाने की मांग कर सकते हैं। ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि टोल से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल वह युद्ध के बाद अपने देश के पुनर्निर्माण में करेगा। वहीं ओमान इस राशि का क्या करेगा, यह अभी साफ नहीं है।
टोल से कितनी कमाई कर सकता है ईरान?
होर्मुज पर टोल लगाने की योजना ईरान के लिए बड़ा आर्थिक मौका बन सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, युद्ध के दौरान ही कुछ जहाजों से 10 से 15 मिलियन डॉलर तक का टोल वसूला गया। अगर प्रति जहाज 2 मिलियन डॉलर का शुल्क तय होता है, तो ईरान सालाना 70 से 80 अरब डॉलर तक कमा सकता है। कुछ अनुमानों में यह आंकड़ा 100 अरब डॉलर सालाना तक पहुंचने की बात कही जा रही है। यह मॉडल कुछ हद तक मिस्र की स्वेज नहर जैसा हो सकता है, जहां से टोल के जरिए भारी कमाई होती है।
भारत के लिए क्या मायने हैं?
जहां एक तरफ दुनिया के कई देशों के लिए होर्मुज चिंता का कारण बना हुआ था, वहीं भारत के लिए स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही। भारत के ईरान और ओमान दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं, जिसका फायदा साफ नजर आया। तनाव के दौरान भी भारत के जहाजों की आवाजाही पूरी तरह नहीं रुकी। सरकारी जानकारी के मुताबिक, हाल ही में भारत के 8 जहाज होर्मुज से गुजरे और उन्हें कोई टोल नहीं देना पड़ा।
अगर भविष्य में ईरान और ओमान मिलकर कोई नई व्यवस्था लागू करते हैं, तब भी भारत को राहत मिलने की उम्मीद है। संभव है कि भारत को टैक्स में छूट मिले या उसके जहाजों के लिए नियम आसान बनाए जाएं।
अभी राहत, आगे अनिश्चितता
फिलहाल दो हफ्तों के सीजफायर और सुरक्षित आवाजाही के फैसले से वैश्विक स्तर पर थोड़ी राहत जरूर मिली है। लेकिन स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं है। आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत और होर्मुज को लेकर बनने वाली नई नीतियां तय करेंगी कि यह अहम जलमार्ग भविष्य में कितना खुला और कितना नियंत्रित रहेगा।
दुनिया की ऊर्जा सप्लाई काफी हद तक इसी रास्ते पर निर्भर है, ऐसे में यहां होने वाला हर फैसला वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डाल सकता है।




























