RBI Repo Rate Unchanged: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने शुक्रवार को अपनी तीन दिवसीय बैठक के बाद बड़ा फैसला लेते हुए रेपो रेट में किसी भी तरह का बदलाव नहीं करने का ऐलान किया। वित्त वर्ष 2026 की आखिरी मौद्रिक नीति बैठक में छह सदस्यीय समिति ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर ही बनाए रखने का निर्णय लिया। इस फैसले का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है, खासतौर पर उन लोगों पर जो होम लोन ले चुके हैं या घर खरीदने की योजना बना रहे हैं।
ईएमआई में राहत, फैसले लेना हुआ आसान (RBI Repo Rate Unchanged)
रेपो रेट में कोई बदलाव न होने का मतलब साफ है कि फिलहाल होम लोन की ब्याज दरें स्थिर रहेंगी और ईएमआई में भी कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। इससे मौजूदा होम लोन ग्राहकों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव नहीं पड़ेगा। वहीं, जो लोग घर खरीदने के आखिरी चरण में हैं या जल्द प्रॉपर्टी लेने का मन बना रहे हैं, उनके लिए यह एक भरोसेमंद माहौल तैयार करता है। स्थिर ब्याज दरें लोगों को अपने बजट और भविष्य की प्लानिंग को लेकर ज्यादा आत्मविश्वास देती हैं।
रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत
RBI के इस फैसले को रियल एस्टेट इंडस्ट्री के लिए भी अच्छा माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि जब ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव नहीं होता, तो खरीदार जल्दी निर्णय ले पाते हैं। इसका सीधा फायदा डेवलपर्स को मिलता है, क्योंकि उन्हें प्रोजेक्ट प्लानिंग, कंस्ट्रक्शन शेड्यूल और कैश फ्लो मैनेजमेंट में स्पष्टता मिलती है। इससे समय पर प्रोजेक्ट डिलीवरी की संभावनाएं भी बढ़ जाती हैं।
डेवलपर्स और इंडस्ट्री लीडर्स की राय
ईएआरए ग्रुप के संस्थापक और सीईओ ई. लक्ष्मीनारायण रेड्डी ने कहा कि रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखना एक संतुलित और समझदारी भरा कदम है। इससे उधारी लागत में स्थिरता रहती है, जो लंबे समय वाले प्रोजेक्ट्स की योजना बनाने में डेवलपर्स के लिए फायदेमंद है। साथ ही निवेशकों और होमबायर्स को भी सोच-समझकर फैसले लेने का भरोसा मिलता है।
वीवीआईपी ग्रुप के वीपी, सेल्स एंड मार्केटिंग उमेश राठौर का मानना है कि यह फैसला रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक पॉजिटिव सिग्नल है। ईएमआई स्थिर रहने से खरीदारों की दिलचस्पी बनी रहती है और डेवलपर्स अपनी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू कर पाते हैं। वहीं, सिक्का ग्रुप के चेयरमैन हरविंदर सिंह सिक्का ने इसे बजट के बाद रियल एस्टेट के लिए संतुलित माहौल बनाने वाला फैसला बताया। उनके मुताबिक, होम लोन सस्ते बने रहने से पहली बार घर खरीदने वालों की संख्या बढ़ सकती है।
बाजार के जानकार क्या कहते हैं?
MORES के सीईओ मोहित मित्तल का कहना है कि स्थिर ब्याज दरें खरीदारों के भरोसे को मजबूत करती हैं और डेवलपर्स को कैश फ्लो और प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन की बेहतर प्लानिंग में मदद करती हैं। वहीं, फार्मलैंडबाज़ार के संस्थापक पवन गुप्ता ने इसे विकास को गति देने और महंगाई को नियंत्रण में रखने वाला संतुलित कदम बताया, जो सेक्टर में नीतिगत स्पष्टता लाता है।
त्रेहान ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सारांश त्रेहान के अनुसार, स्थिर रेपो रेट हाउसिंग मार्केट में भरोसा बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है, खासकर उन खरीदारों के लिए जो लंबे समय के लिए निवेश करते हैं। गंगा रियल्टी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर नीरज के. मिश्रा ने भी माना कि भले ही रेपो रेट में कटौती से अफोर्डेबिलिटी और बढ़ सकती थी, लेकिन मौजूदा स्थिर दरों का माहौल भी मिड-इनकम और प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट के लिए राहत भरा है।
