Stock Market Update: सोने-चांदी (Gold Silver) की किमतों में आए दिन उतार चढ़ाव लगा रहता है और अभी शादियों का सीजन चल रहा है ऐसे में सोने और चांदी (Silver) के भाव में गिरावट आना लोगों के लिए खुशी की बात है। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते है कि भाव कितना गिरा और उसकी वजह।
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वैसे तो भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया, फिर भी शुक्रवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 350 अंक टूटकर 83,000 के नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 150 अंक गिरकर 25,500 के नीचे कारोबार करता दिखा। बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से 21 लाल निशान में रहे। आईटी सेक्टर (IT Sector) में सबसे ज्यादा दबाव दिखा टेक महिंद्रा (Tech Mahindra), टीसीएस (TCS), इंफोसिस (Infosys) और विप्रो (Wipro) जैसे दिग्गज शेयर तेजी से फिसले। एनटीपीसी (NTPC), एचडीएफसी (HDFC) और मारुति (Maruti) में भी कमजोरी रही।
सोना-चांदी भी लुढ़के
आपको बता दें कि शेयर बाजार की गिरावट का असर कमोडिटी मार्केट (commodity market) पर भी दिखा। एमसीएक्स (mcx) पर चांदी करीब 12,000 रुपये टूटकर 2.29 लाख रुपये पर आ गई, जबकि सोना (gold) लगभग 2,000 रुपये गिरकर 1.49 लाख रुपये के आसपास पहुंच गया। गोल्ड ETF करीब 2% और सिल्वर करीब 6% तक गिरा। इसकी बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार (International market) में तेज गिरावट रही कॉमेक्स पर चांदी (silver) में भारी टूट का असर भारतीय बाजार (Indian market) में भी दिखा।
मार्केट ब्रॉडर तस्वीर
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार बताया जा रहा है कि बीएसई पर 3,348 शेयरों में से 1,170 शेयर बढ़त में, 2,017 शेयर गिरावट में, 63 शेयर लोअर सर्किट में, 82 शेयर अपर सर्किट में, 45 शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर यानी गिरावट सिर्फ चुनिंदा शेयरों में नहीं, बल्कि बाजार के बड़े हिस्से में देखने को मिली।
गिरावट की बड़ी वजह क्या रही?
गुरुवार को वॉल स्ट्रीट पर तेज बिकवाली हुई। डाउ जोन्स करीब 600 अंक गिरा और S&P 500 में 1% से ज्यादा की कमजोरी आई। इसका सीधा असर एशियाई बाजारों पर पड़ा और वही दबाव भारतीय बाजार (Indian market) में भी दिखा। आईटी (IT) कंपनियों पर खास असर इसलिए पड़ा क्योंकि उनका बड़ा कारोबार अमेरिकी बाजार (US market) से जुड़ा है।
आरबीआई गवर्नर (RBI Governor) संजय मल्होत्रा (Sanjay Malhotra) ने रेपो रेट 5.25% पर ही बनाए रखने का फैसला सुनाया। इसका मतलब है कि होम लोन (home loan), कार लोन (car loan) जैसी ईएमआई में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा।
शेयर बाजार गिरता क्यों है और कब गिरता है?
शेयर बाजार (stock market) में गिरावट तब आती है जब बेचने वाले ज्यादा और खरीदने वाले कम हो जाते हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। महंगाई, ब्याज दरें, कमजोर जीडीपी (GDP) जैसे आर्थिक कारण है। global घटनाए देखी जाए तो युद्ध, तेल की कीमत, अमेरिकी बाजार (US market) की चाल, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कंपनियों के खराब नतीजे।
वहीं बजट, चुनाव, RBI पॉलिसी जैसे बड़े ऐलान के आसपास, जब बाजार बहुत महंगा (Overvalued) हो जाए और लोग मुनाफावसूली करें। कुल मिलाकर रेपो रेट स्थिर रहने के बावजूद ग्लोबल संकेतों ने बाजार की दिशा तय की। निवेशकों के लिए ऐसे समय में घबराने के बजाय सोच-समझकर फैसला लेना जरूरी होता है।
नोट: शेयर बाजार में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।




























