ये लोग तीनों कानून तब तक वापस नहीं लेंगे, जब तक इन्हें मजबूर नहीं किया जाता- राहुल गांधी

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 22 फ़रवरी 2021, 05:30 AM Updated: 22 फ़रवरी 2021, 05:30 AM
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केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों का विरोध चरम पर है। देश के कई राज्यों के किसान दिल्ली के बॉर्डरों पर डेरा जमाए हुए हैं और इस कानून के विरोध में पिछले 90 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान लगातार इन कानूनों को रद्द करने और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। 

अभी तक 200 से ज्यादा किसानों के मौत की खबर भी सामने आई है। विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर है। इसी बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड़ से सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक बार फिर से इन कानूनों के हवाले पीएम मोदी और केंद्र सरकार पर हमला बोला है।

राहुल गांधी ने बोला हमला

आज अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड़ में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, भारत के किसान जिस मुश्किल का सामना कर रहे हैं उसे पूरा देश देख रहा है। केंद्र सरकार किसानों के दर्द को नहीं समझ रही। कृषि कानून खेती की व्यवस्था को बर्बाद करने और इस व्यवसाय को मोदी जी के 2-3 दोस्तों को देने के लिए बनाए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘संसद में जो मैंने भाषण दिया था, उसमें मैंने हिंदी में कहा था, ‘हम दो हमारे दो’। इस सरकार में दो लोगों ने सरकार से बाहर के दो लोगों के साथ साझेदारी की हुई है।‘

सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा, ये लोग इन तीन कानूनों को तब तक वापस नहीं लेंगे जब तक इन्हें मजबूर नहीं किया जाता और इसका एक कारण है। कांग्रेस सांसद ने कहा, कारण ये है कि ये तीनों कृषि कानून भारत की कृषि व्यवस्था को बर्बाद करने के लिए और पूरा व्यवसाय नरेंद्र मोदी के दो-तीन दोस्तों को सौंपने के लिए तैयार किए गए हैं।

11 दौरे की हो चुकी है बातचीत

बता दें, विपक्षी पार्टियां लगातार इस मामले को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोल रही है। देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता लगातार इस मामले को उठा रहे हैं।

दूसरी ओर किसान नेताओं की ओर से लगातार कहा जा रहा है कि जबतक सरकार इस कानून को रद्द नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसान नेताओं और सरकार के बीच 11 दौरे की बातचीत हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई नतीजा सामने नहीं आया है। दोनों पक्षों के बीच अंतिम बातचीत 23 जनवरी को हुई थी।

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