Khalsa Aid in India: बीते साल जुलाई अगस्त के मौसम में भारी बारिश के बीच पंजाब को बड़े आपदा ने घेर लिया था। जी हां पूरा पंजाब बाढ़ की चपेट में आ गया था, करीब 20 हजार करोड़ का नुकसान पंजाब को हुआ, 43 से ज्यादा लोगो की जाने चली गई, 3 लाख एकड़ से ज्यादा फसले बर्बाद हुई, 23 जिले बुरी तरह से प्रभावित हुए, कई गांव तो पूरे के पूरे बह गए, और करीब 4 लाख लोग इस बाढ़ से प्रभावित हुए थे। एनडीआरएफ और सेना के 11 हजार जवानों ने पीड़ितो के लिए राहत का काम किया था, लेकिन बाढ़ के कारण बुरी तरह से बर्बाद हो गए लोगो के लिए न केवल पंजाब की जनता बल्कि कुछ ऐसी संस्थाओं ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया, जिसके कारण पंजाब तेजी से आपदा से निकल पाया।
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सिख वेलफेयर संस्था खालसा एड – Khalsa Aid
उन्ही में से एक संस्था है खालसा एड इन इंडिया। इंटरनेशनल सिख वेलफेयर संस्था खालसा एड का ही एक विंग है खालसा एड इन इंडिया.. खालसा एड कई देशो में लगातार काम कर रहा है, जहां उन्हें सराहना भी मिली है, लेकिन भारत में खालसा एड विवादो से घिरा रहता है। चाहे वो 2021 में किसान आंदोलन में आंदोलनकारी किसानों की आर्थिक सहायता करना हो, या फिर 2025 के बाढ़ में पीड़ितों को राहत देने में लापरवाही बरतने का आरोप लगा हो। खालसा एड काफी विवादो में रहा है।
नवंबर 2025 में खालसा एड इंडिया के प्रमुख दविंदरजीत सिंह और ऑपरेशन मैनेजर गुरविंदर सिंह ने एड को झटका देते हुए एक साथ इस्तीफा दे दिया था, वजह वाकई में विश्वास लायक ही नहीं थी, दोनो ने बताया कि यूके में मौजूद खालसा एड के हेडऑफिस से इंडिया में काफी हस्तक्षेप किया जाता है, यहां पारदर्शिता की कमी है जो बेहतर प्रंबंधन को इफेक्ट करता है। इतना ही नहीं बाढ़ पीड़ितो को राहत पहुंचाने में भी हेड ऑफिस के आदेश के कारण देरी हुई, जिससे उनका काम काफी प्रभावित हुआ था।
प्रचलित समाज सेवी संगठन
उन्होंने कहा कि संगठन में सालो तक सेवा देने के बाद भी उन पर विश्वास न करना काफी तकलीफ देह है। सारे फैसले यूके की टीम को दिये गए, जिन्हें भारत के जमीनी स्तर का पता तक नहीं है। हालांकि खालसा एज इन इंडिया पर भ्रष्टाचार के भी आरोप लगे है। साथ ही चीजो को गोदामों में सड़ाने के लिए रखने का आरोप लगाया है, लेकिन उन्हें जरूरतमंद लोगो तक नहीं पहुंचाया जाता है।
हालांकि उन तमाम आरोपो के बाद भी खालसा एड विश्वभर में एक प्रचलित समाज सेवी संगठन के रूप में प्रसिद्ध है। भारत में खालसा एड ने साल 2010 में सक्रिय रूप से काम करना शुरु किया है, जिसके बाद से सबसे ज्यादा नाम 2018 में केरल में बाड़ पीड़ितो को राहत पहुंचाने के लिए शुरु किये गए बड़े स्तर पर लंगर सेवा से मिला। इसके बाद कोरोना वायरल महामारी में पीडितों के लिए बड़े स्तर पर खाना पानी के साथ साथ अस्पतालों में फ्री ऑक्सीजन देने का भी श्रैय जाता है। खालसा एड ने महामारी के दौरान लाखों लोगो के लिए सहायता पहुंचाई थी।
आपदा में ही नहीं दंगो में भी सिखों की मदद
सरबत दा भला, यानि की सबका भला हो की नीतिओ पर काम करने वाली संस्था खालसा एड लगातार अपने कार्ये से अपनी पहचान को मजबूत किये हुए है। खालसा एड पंजाब में फोकस पंजाब परियोजना के तहत न केवल आपदाओं से पीड़ित लोगो की मदद करते है बल्कि 1984 सिख दंगो पीड़ितो को भी फिर से सामान्य जीवन जीने के लिए मदद करता आया है। गरीब और मजदूरों के लिए अब तक 50 से भी ज्यादा वाटर पंप कई गावों को स्थापित कराया है, जिससे हजारो लोगो को मीठा और स्वच्छ पानी मिलता है।
खालसा एड की पहचान आज के समय में एक ऐसी संस्था के रूप मे हो चुकी है, जो बिना किसी स्वार्थ के लोगों की सेवा करती है, उनके भले के ही लगातार प्रयासरत है। आर्थिक सहायता से लेकर बेसिक जरूरतो को पूरा करने में खालसा एड का योगदान काफी अहम है। हालांकि भले ही भारत में ये विवादित है लेकिन दुनिया भर में इसकी उपलब्धियों को नकारा नहीं जा सकता है, उसके मानवता की सेवा के योगदान के लिए ही कनाडा में खालसा एड को नोबल पुरुस्कार देने के लिए नामांकित किया गया तो क्या भारत में जो विवाद है, वो सहीं है, वाकई में यहीं आपसी तालमेल की कमी है। आप खालसा एड को लकर क्या सोचते है हमें कमेंट करके जरूर बतायें।
