प्रेमानंद महाराज जी ने इस धनी मनी पदाधिकारी की बोलती क्यों बंद कर दी?

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Published: 21 Jul 2023, 12:00 AM | Updated: 21 Jul 2023, 12:00 AM

राधा रानी के परम भक्त और हर समय राधा रानी का गुणगान करने वाले वृन्दावन के श्री प्रेमानंद महाराज जी को इस समय सभी लोग जानते हैं. सोशल मीडिया पर उनके नाम की चर्चा है तो वहीं रोजाना देश-विदेश से कई भक्त उनसे मिलने के लिए आते हैं. वहीं इस बीच श्री प्रेमानंद महाराज से मिलने आए उनके एक धनी मनी पदाधिकारी भक्त का विडियो सामने आया है लेकिन महाराज जी ने इस धनी मनी पदाधिकारी की बोलती बंद कर दी.

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प्रेमानंद महाराज ने की धनी मनी पदाधिकारी की बोलती बंद

दरअसल, पीले वस्त्र धारण किए और राधा नाम का भजन करने वाले श्री प्रेमानंद महाराज लोगों को हर दिन नया-नया ज्ञान देते हैं. वहीं श्री प्रेमानंद महाराज द्वारा दिए जाने वाले ज्ञान की वजह से हर कोई उनसे मिलना चाहता है और उनसे मिलने के लिए हर दिन उनके आश्रम में कई लोग आते हैं. वहीं इस बीच उनके आश्रम में एक बड़ा पदाधिकारी भी आया है जिसने महाराज को अपना पद के बारे में बताया साथ ही अपने पैसो का जोर दिखाते हुए कहा कि वो कुछ दान करना चाहते हैं और इसी विषय में महाराज ने इस धनी मनी पदाधिकारी की बोलती बंद कर दी.

सुनने के लिए नहीं सुनाने के लिए बाबा बने है श्री प्रेमानंद 

इस धनी मनी पदाधिकारी ने श्री प्रेमानंद महाराज को सबसे पहले अपना परिचय दिया और कहा वो टीम के लिए आपका आशीर्वाद चाहते हैं साथ ही उनसे अपना कार्ड देते हुए कहा कि मैं कुछ दान करना चाहते था लेकिन मना कर दिया है. वहीं जब इस पदाधिकारी ने अपने पैसो का जोर दिखाया साथ इस शख्स ने श्री प्रेमानंद महाराज से बोला कि शाल देने कि  परमिशन मिल जाती तो बेहतर होता. वहीं हाथ जोड़कर इस बात सवाल देते हुए श्री प्रेमानंद महाराज ने कहा कि हम वैरागी हैं भागवत मार्ग के पथिक हैं और हमें जितना वस्त्र चाहिए उतना और जब हमे कोई पदाधिकारी अपना परिचय देता है तो हमारे किस काम का हम ये सुनने के लिए बाबा नहीं बने हैं. हम तुम्हे सुनाने के लिए बैठे हैं और ये बताने के बैठे हैं कि तुम्हारा मंगल कैसे होगा काम विजय कैसा होगा क्रोध विजय कैसे बनो ये हमारा मार्ग नहीं.

इस काम के लिए बैठे हैं प्रेमानंद जी 

इसी के साथ श्री प्रेमानंद महाराज ने कहा कि इस स्थान को हमने अध्य्तामक में शुरू किया और अध्य्तामक में ही इसका विसर्जन होगा चाहे हमारे प्राण चले जाए और हमारे प्राण प्रभु के लिए समर्पित हैं. वहीं इस श्री प्रेमानंद महाराज ने ये भी कहा कि हम जिस मार्ग के लिए बैठे हैं हमें उसका ही आनंद लेने दीजिये साथ ही ये भी कहा कि इसी मार्ग आनंद लेने आप यहाँ आओ.

देश-विदेश में हैं प्रेमानंद जी के भक्त 

आपको बता दें, श्री प्रेमानंद महाराज जी का सत्संग सुनता हैं उन्हें राधारानी के दर्शन होते हैं. पीले वस्त्र धारण किए और माथे पर पीले चन्दन लगाए श्री प्रेमानंद महाराज जी से मिलने के लिए उनके भक्त देश-विदेश से वृंदावन आते है और उनका बहुत सम्मान भी करते हैं. वहीं कहा जाता है कि जो भी श्री प्रेमानंद महाराज जी का सत्संग सुनता हैं उन्हें राधारानी के दर्शन होते हैं.

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