Noida Old Age Home: बुजुर्गों के लिए नरक बना ओल्ड ऐज होम! तहखाने में कैद, हाथ बंधे, नोएडा से सामने आई अमानवीय तस्वीरें

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 27 जून 2025, 05:30 AM Updated: 27 जून 2025, 05:30 AM
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Noida Old Age Home: नोएडा के सेक्टर-55 स्थित आनंद निकेतन वृद्ध आश्रम में बुजुर्गों के साथ हो रही बर्बरता का मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। यह ओल्ड एज होम, जहां पर बुजुर्गों को अपनों से बिछड़ने के बाद शरण मिलनी चाहिए थी, वहां पर उन्हें नर्क जैसी हालत का सामना करना पड़ रहा था। हालात इस कदर खराब थे कि बुजुर्गों को कमरे में बंद कर रखा गया था, कुछ के हाथ-पांव बंधे हुए थे, और कई के शरीर पर कपड़े भी नहीं थे। यह सच्चाई तब सामने आई जब इस ओल्ड एज होम की दयनीय हालत की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई और लखनऊ स्थित समाज कल्याण विभाग तक पहुंची। इसके बाद राज्य महिला आयोग, नोएडा पुलिस और समाज कल्याण विभाग की संयुक्त टीम ने 26 जून को इस ओल्ड एज होम पर छापेमारी की।

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ओल्ड एज होम में बुजुर्गों के साथ अमानवीय व्यवहार- Noida Old Age Home

आनंद निकेतन वृद्ध आश्रम के भीतर की स्थिति देखकर अधिकारियों की रूह कांप गई। जब छापेमारी की गई, तो पाया गया कि बुजुर्गों को बेहद क्रूर तरीके से तंग और बंद कमरों में रखा गया था। विशेष रूप से, एक बुजुर्ग महिला को कमरे में बांधकर रखा गया था और कई पुरुषों को तहखाने जैसे कमरों में बंद किया गया था। राज्य महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला ने बताया कि इस ओल्ड एज होम में जब रेड की गई तो कई बुजुर्गों को बेहद दयनीय हालत में पाया गया। उन पर न तो ठीक से कपड़े थे और न ही कोई देखभाल करने वाला स्टाफ था।

बुजुर्गों की बदहाल हालत और रेस्क्यू ऑपरेशन

वीडियो के आधार पर नोएडा पुलिस और समाज कल्याण विभाग ने गोपनीय तरीके से रेड की योजना बनाई थी। जैसे ही रेड शुरू की गई, अधिकारियों ने तालों को खोलकर बुजुर्गों को कमरे से बाहर निकाला। एक महिला को हाथों में बंधन के साथ पाया गया, जिसे तुरंत रेस्क्यू किया गया। मीनाक्षी भराला ने कहा, “इस ओल्ड एज होम में बुजुर्गों के तन पर कपड़े तक नहीं थे, और महिलाओं के शरीर पर आधे अधूरे कपड़े थे। यह स्थिति बेहद चिंताजनक थी।”

ओल्ड एज होम के कर्मचारियों की लापरवाही

आश्रम में बुजुर्गों की देखभाल के लिए कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं था। बुजुर्ग खुद ही अपना काम करते थे, जैसे कि खाना बनाना, साफ-सफाई करना और अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करना। अधिकारियों ने बताया कि एक महिला ने अपनी पहचान नर्स के रूप में दी थी, लेकिन जब उसकी जांच की गई तो पता चला कि उसने सिर्फ 12वीं तक पढ़ाई की थी। यह जानकारी से स्पष्ट होता है कि यहां बुजुर्गों के लिए कोई योग्य देखभाल प्रदान नहीं की जा रही थी।

डोनेशन के नाम पर बड़ी रकम और रईस परिवारों का अक्षम व्यवहार

आनंद निकेतन वृद्ध आश्रम में रहने के लिए प्रत्येक बुजुर्ग से 2.5 लाख रुपये डोनेशन लिया जाता था, इसके अलावा प्रतिमाह छह हजार रुपये खाने-पीने और रहने के लिए अलग से लिए जाते थे। जब अधिकारियों ने इस ओल्ड एज होम में रह रहे बुजुर्गों के परिजनों से बात की, तो उनका कहना था कि सब कुछ ठीक है। लेकिन, जब उनके परिवारों से उनकी देखभाल के बारे में पूछा गया, तो वे भी निश्चिंत थे, और कई बुजुर्ग तो नोएडा के रईस परिवारों से ताल्लुक रखते थे।

पुलिस और समाज कल्याण विभाग की कार्रवाई

अधिकारियों ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की। 39 बुजुर्गों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें सरकारी ओल्ड एज होम में शिफ्ट किया जा रहा है, जहां उनकी उचित देखभाल की जाएगी। समाज कल्याण विभाग और पुलिस ने यह सुनिश्चित किया है कि इस ओल्ड एज होम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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