NCERT new syllabus: बच्चों के साथ पेरेंट्स भी बच्चों की पढ़ाई को लेकर हमेशा चिंता में रहते हैं और उन्हें याद करवाने की जद्दोजहद में लगे रहते हैं। लेकिन अब NCERT ने स्कूली पढ़ाई के तरीके में एक ऐसा क्रांतिकारी बदलाव करने का फैसला किया है, जिससे रटने की मजबूरी खत्म होगी। ये बदलाव National Education Policy 2020 के तहत किए जा रहे हैं, जिनका मकसद बच्चों की पढ़ाई को ज्यादा आसान, समझदार और स्किल बेस्ड बनाना है।
अब कैसी होगी पढ़ाई?
अब तक बच्चों की पढ़ाई में रटने पर ज्यादा जोर दिया जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नई व्यवस्था में बच्चों को चीजें समझने, सवाल पूछने और सोचने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यानी पढ़ाई अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि असली जिंदगी से जुड़ी होगी।
1 से 8वीं तक नई किताबें तैयार
NCERT ने कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों के लिए नई किताबें तैयार कर ली हैं। ये किताबें प्रिंट के साथ-साथ ऑनलाइन (e-books) भी उपलब्ध होंगी, जिससे बच्चों को कहीं भी और कभी भी पढ़ाई करने में आसानी होगी। ये किताबें National Curriculum Framework (NCF) 2023 के आधार पर बनाई गई हैं। इनमें ऐसे टॉपिक्स और एक्टिविटी शामिल की गई हैं जो बच्चों को किताबी ज्ञान के बजाय रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर सिखाएंगी। इससे पढ़ाई अब बोझ नहीं लगेगी, बल्कि बच्चे खेल-खेल में और मजे से नई चीजें सीख पाएंगे।
9वीं के छात्रों के लिए 2026-27 से नया सिलेबस
कक्षा 9 के छात्रों के लिए भी बड़ा बदलाव आने वाला है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से उनके लिए नया सिलेबस लागू किया जाएगा। फिलहाल इसका ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है और NCERT ने शिक्षकों, विशेषज्ञों और आम जनता से इस पर सुझाव मांगे हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सिलेबस फाइनल होने से पहले हर जरूरी सुझाव इसमें शामिल किया जा सकेगा। यानी आने वाला पाठ्यक्रम पहले से कहीं ज्यादा प्रैक्टिकल और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार होगा। साथ ही, शिक्षकों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों की ‘बेसिक्स’ (बुनियादी समझ) को मजबूत करने पर ध्यान दें, ताकि आगे की पढ़ाई उनके लिए आसान हो जाए।
10वीं और 11वीं के छात्रों के लिए राहत
अगर आपके घर में 10वीं या 11वीं का छात्र है, तो फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। 2026-27 सत्र में इन कक्षाओं के लिए कोई बदलाव नहीं किया जाएगा और पढ़ाई पुरानी किताबों से ही होगी। हालांकि, NCERT ने साफ किया है कि इन कक्षाओं के लिए भी नई किताबें लाई जाएंगी, लेकिन वो 2027-28 सत्र से लागू होंगी।
क्या है इस बदलाव का मकसद?
इस पूरे बदलाव का मकसद साफ है बच्चों को सिर्फ एग्जाम पास करने के लिए नहीं, बल्कि जिंदगी के लिए तैयार करना। अब पढ़ाई ऐसी होगी जो बच्चों को समझदार, क्रिएटिव और आत्मनिर्भर बनाएगी।
