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#TandavReview: दमदार स्टारकास्ट, लेकिन कमजोर कहानी, जानिए कैसी है सैफ अली खान की 'तांडव' वेब सीरीज?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 15 Jan 2021, 12:00 AM | Updated: 15 Jan 2021, 12:00 AM

कोरोना काल के दौरान जहां महीनों तक थिएटर बंद रहे तो ऐसे में OTT प्लेटफॉर्म ही लोगों के मनोरंजन का साधन बना। OTT प्लेटफॉर्म पर बीते साल कई बढ़िया फिल्में और वेब सीरीज आई। इस साल भी लोगों को OTT प्लेटफॉर्म पर बढ़िया कंटेंट मिलने की काफी उम्मीदें हैं।

रिलीज हुई मल्टीस्टारर वेब सीरीज तांडव

इस साल कई ऐसी वेब सीरीज रिलीज होगीं, जिसका लोग काफी बेसब्री से इंतेजार कर रहे हैं। ऐसी ही एक मल्टीस्टारर वेब सीरीज ‘तांडव’ रिलीज हो गई है। इस पॉलिटिकल वेब सीरीज का इंतेजार लोग इसके ट्रेलर को देखने के बाद कर रहे थे। तांडव की स्टारकास्ट काफी तगड़ी हैं, सैफ अली खान के साथ डिंपल कपाड़िया, सुनील ग्रोवर और मोहम्मद जीशान अयूब, गौहर खान, कुमुद कुमार मिश्रा, डीनो मोरिया, कृतिका कामरा जैसे कई सितारे इसका हिस्सा हैं।

कुछ ऐसी है वेब सीरीज की कहानी 

बात अब वेब सीरीज की कहानी की करते हैं। तांडव वेब सीरीज की कहानी समर प्रताप सिंह (सैफ अली खान) के इर्द गिर्द घूमती हैं। समर प्रधानमंत्री का बेटा होता हैं और वो सत्ता हथियाने के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार हैं। समर एक चालाक शख्स है, जो साथ में भ्रष्ट और खतरनाक भी है। समर का साथ देता है गुरपाल (सुनील ग्रोवर)। गुरपाल अपने मालिक के कहने पर कुछ भी करने को तैयार हो जाता है। गुरपाल एक ऐसा व्यक्ति है, जो काफी निर्दयी है। वो किसी की भी जान तक ले सकता है।

समर के पिता देवकी नंदन (तिग्मांशु धूलिया) तीन बार प्रधानमंत्री बन चुके हैं और चौथी बार भी जीत हासिल कर कुर्सी पर बैठने ही की तैयारी में होते हैं। लेकिन इससे पहले ही उनकी मौत की खबर आ जाती है। जिसके बाद प्रधानमंत्री की कुर्सी का दावेदार उनका बेटा समर माना जाता है। लेकिन इसके बाद बाजी कुछ ऐसी पलटती है कि वो प्रधानमंत्री नहीं बन पाता और अनुराधा किशोर (डिंपल कपाड़िया) इस कुर्सी पर अपना कब्जा जमा लेती है।

हम हमेशा से ही ये बात सुनते आ रहे हैं कि राजनीति सीधे लोगों के बस की बात नहीं। इसमें प्रवेश करने के लिए आपको निर्दयी और भ्रष्ट होना पड़ता है। ऐसा ही कुछ तांडव में भी दिखाया गया है। इसके लेखक गौरव सोलंकी और डायरेक्टर अली अब्बास जफर है।

स्टूडेंट लीडर के रोल में जीशा आयूब

इसमें छात्र राजनीति के बारे में भी दिखाया गया। शिव शेखर (जीशान आयूब) इसमें एक निडर स्टूडेंट के रोल में नजर आ रहे हैं। संयोग की बात ये है कि जहां एक तरफ असल में किसानों का आंदोलन बीते 50 दिनों से चल रहा है। वहीं इस वेब सीरीज में भी किसानों से जुड़े मुद्दे को दिखाया गया है। युवा छात्र नेता शिवा शेखर किसान आंदोलन के साथ खड़ा होकर सोशल मीडिया पर स्टार बन जाता है। उसके भाषण की गूंज प्रधानंत्री कार्यालय तक पहुंचती है।

तांडव की कहानी की शुरुआत धीमी है। शुरू के कुछ एपिसोड में ऐसा आपको लगेगा। लेकिन पांचवें एपिसोड के बाद ये रफ्तार पकड़ लेती हैं। इसलिए इसे देखते हुए आपको धैर्य रखना बहुत जरूरी है। वेब सीरीज की कहानी में वो दम नहीं देखने को मिलेगा, लेकिन इसकी स्टार कास्ट काफी दमदार है।

ऐसी है सितारों की एक्टिंग

अगर आपको पॉलिकिटल ड्रामा कहानियों में दिलचस्पी है, तो इस वेब सीरीज को देखने में कोई बुराई नहीं। एक्टिंग भी सभी किरदारों की अच्छी हैं। डिंपल कपाड़ियों ने अपने रोल को जबरदस्त तरीके से निभाया। इसके अलावा सैफ की भी एक्टिंग अच्छी हैं। सुनील ग्रोवर ने भी अपने किरदार को बखूबी निभाया। 

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