Lunar Eclipse: अक्सर लोगों को कहते सुना है कि सूर्य ग्रहण का लगना अशुभ होता है, लेकिन विज्ञान की दुनिया में यह किसी करिश्मे से कम नहीं है। जब चंद्रमा घूमते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच एक सीधी रेखा में आ जाता है, तो वह सूर्य की रोशनी को रोक लेता है। इससे पृथ्वी के कुछ हिस्सों पर चंद्रमा की परछाई पड़ती है और अंधेरा छा जाता है, इसी स्थिति को सूर्य ग्रहण कहते हैं। खास बात यह है कि सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या के दिन ही लगता है। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते कि 21वीं सदी का दूसरा सूर्य ग्रहण कब और कितनी देर तक रहेगा।
2027 में दिखेगा अनोखा नजारा
साल 2027 में 27 अगस्त को सूर्य को सदी का दूसरा सबसे लंबा ग्रहण लगेगा। उस दिन चंद्रमा करीब 6 मिनट 22 सेकंड तक सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा। जब ऐसा होगा तो कुछ समय के लिए दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा जाएगा। इतनी लंबी अवधि का पूर्ण सूर्य ग्रहण बहुत कम देखने को मिलता है। वैज्ञानिकों के अनुसार बताया जा रहा है कि इस तरह का नजारा फिर साल 2114 में ही देखने को मिलेगा। यही वजह है कि 2027 का यह सूर्य ग्रहण बेहद खास माना जा रहा है।
क्या भारत में दिखेगा यह ग्रहण?
यह सूर्य ग्रहण भारत में पूरी तरह नहीं, बल्कि आंशिक रूप से ही दिखाई देगा। यानी यहां सूर्य का केवल थोड़ा सा हिस्सा ही चंद्रमा से ढका हुआ नजर आएगा। वहीं दुनिया के कुछ देशों में यह ग्रहण पूरी तरह दिखाई देगा। इनमें मुख्य रूप से स्पेन, मिस्र, सऊदी अरब, लीबिया, ट्यूनिशिया, यमन, मोरक्को, सूडान, सोमालिया, अल्जीरिया, जिब्राल्टर जैसे देश शामिल हैं।
2026 में लग चुके हैं दो सूर्य ग्रहण
साल 2026 में सूर्य ग्रहण की पहली घटना 17 फरवरी को हो चुकी है। अब सबकी नजरें 12 अगस्त, 2026 को होने वाले पूर्ण सूर्य ग्रहण पर हैं। लेकिन खगोलविदों और ज्योतिषविदों के लिए असली रोमांच साल 2027 में है, क्योंकि उस साल 21वीं सदी का दूसरा सबसे लंबा और दुर्लभ सूर्य ग्रहण लगने वाला है।
2009 में लगा था सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण
इससे पहले 21वीं सदी का सबसे लंबा सूर्य ग्रहण 22 जुलाई 2009 को लगा था, जिसकी अवधि 6 मिनट 39 सेकंड थी। अब 2 अगस्त 2027 को लगने वाला ग्रहण इस सदी का दूसरा सबसे लंबा और लगभग 100 साल में जमीन पर दिखाई देने वाला सबसे लंबी अवधि का ग्रहण होगा। यही कारण है कि दुनिया भर के खगोल प्रेमियों की नजरें इस तारीख पर टिकी हैं।
