दुनिया के तीसरे सबसे बड़े धर्म बौद्ध धर्म के बारे में जानिए कुछ खास बातें…

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 14 अक्टूबर 2021, 05:30 AM Updated: 14 अक्टूबर 2021, 05:30 AM
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ईसाई और इस्लाम धर्म से पहले, जो धर्म आया वो था बौद्ध धर्म। क्या आप जानते हैं कि ईसाई और इस्लाम धर्म के बाद बौद्ध धर्म दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा धर्म है। जिसे मानने वाले देश में चीन, जापान, कोरिया, थाईलैंड, कंबोडिया, श्रीलंका, नेपाल, भूटान और भारत शामिल हैं। आज हम जानेंगे बौद्ध धर्म से जुड़ी कुछ बेसिक सी जानकारियों के बारे में…

– जब गुप्तकाल था तब के वक्त में ये धर्म यूनान, अफगानिस्तान के साथ ही अरब के कई हिस्सों में फैल चुका था, लेकिन ईसाई और इस्लाम का जब असर जोर पकड़ने लगा। ऐसे में बौद्ध धर्म को मानने वाले इस एरिया में कम ही हैं या फिर नहीं के बराबर हैं।

– बौद्ध धर्म को दो शब्दों में ही जान सकते हैं एक तो है- अभ्यास और जागृति। बौद्ध धर्म मोक्ष के बारे में कहता है कि जीवन में कर्म ही सुख और दुख लाता है। इन सभी कर्म चक्रों से अगर मुक्त हो जाएं तो यही मोक्ष है।

– भगवान बुद्ध बौद्ध धर्म के संस्थापक थे। बौद्धों का प्रमुख त्योहार वैशाख महीने की पूर्णिमा को होता है। इसी दिन बुद्ध का जन्म नेपाल के लुम्बिनी में ईसा पूर्व 563 को हुआ। वैशाख माह की पूर्णिमा के दिन बुद्ध का जन्म नेपाल के लुम्बिनी में ईसा पूर्व 563 को हुआ। इसी दिन 528 ईसा पूर्व बुद्ध भारत के बोधगया में सत्य का पता चला और इसी दिन बुद्ध ने 483 ईसा पूर्व को भारत के कुशीनगर में निर्वाण पाया यानी संसार छोड़ दिया। तब वो 80 साल के थे।

– गौतम बुद्ध, सिद्धार्थ और तथागत भी भगवान बुद्ध को कहते हैं, जिनके पिता कपिलवस्तु के राजा थे जिनका नाम शुद्धोदन था और बुद्धा की मां का नाम महारानी महामाया देवी था। बुद्ध का विवाह यशोधरा से कराया गया था जिनसे दोनों का पुत्र हुआ जिसका नाम राहुल था।

– जब बुध को सच्चे बोध के बारे में पता चला तो उसी साल आषाढ़ की पूर्णिमा को काशी के पास मृगदाव यानी अभी के सारनाथ पहुंचकर उन्होंने अपना सबसे पहला धर्म उपदेश दिया। इस उपदेश में बुद्ध ने मध्यम मार्ग को अपनाने को लोगों से कहा।

– बुद्ध ने चार आर्य सत्य यानी कि दुःख, उसकी वजह और उसके निपटारे के लिए अष्टांगिक मार्ग सुझाया। हमेशा ही बुद्ध ने अहिंसा पर जोर दिया। उन्होंने यज्ञ, कर्मकांड इसके अलावा पशु-बलि की हमेशा ही निंदा की।

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