Trending

कौन हैं अवनि लेखरा, जिन्होंने पेरिस पैरालिंपिक 2024 में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 02 Sep 2024, 12:00 AM | Updated: 02 Sep 2024, 12:00 AM

पेरिस में चल रहे मौजूदा पैरालिंपिक में भारत को 2024 का पहला गोल्ड मेडल मिल गया है। इस मेडल को जीतने वाली एथलीट का नाम अवनि लेखरा है। उन्होंने महिलाओं की स्टैंडिंग 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में शानदार प्रदर्शन किया। अवनि ने क्वालिफिकेशन राउंड में 625.8 के स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया था। अवनि लेखरा ने इससे पहले टोक्यो ओलंपिक में भी गोल्ड जीता था।

और पढ़ें: CPL 2024 में क्या होने वाला है नया? जानें कौन है सबसे उम्रदराज और सबसे युवा खिलाड़ी? 

अवनि लेखरा ने कमाल कर दिया

इन जीतों के साथ ही भारत ने मौजूदा पैरालंपिक खेलों में पदकों के साथ अपना खाता खोला। अवनि लेखरा का प्रदर्शन विशेष रूप से प्रभावशाली रहा क्योंकि उन्होंने 249.7 अंक प्राप्त करके नया पैरालंपिक रिकॉर्ड बनाया। यह उपलब्धि टोक्यो पैरालंपिक में उनकी पिछली सफलता में जुड़ती है, जहाँ उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था।

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)

SH1 कैटेगरी का क्या मतलब है

अवनि लेखरा ने शूटिंग की SH1 कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता है। SH1 कैटेगरी का मतलब है वो एथलीट जिनके हाथ ठीक से नहीं चल पाते और कमर का निचला हिस्सा ठीक से नहीं चल पाता। या फिर पैरों के मूवमेंट में दिक्कत होती है। उन्होंने 2008 बीजिंग ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले अभिनव बिंद्रा से प्रेरणा ली और साल 2015 में शूटिंग को प्रोफेशन के तौर पर चुना। दरअसल, अवनि के पिता ने ही अपनी बेटी को खेलों में आने के लिए प्रोत्साहित किया।

कौन है अवनी लेखरा?

8 नवंबर 2001 को अवनी लेखरा का जन्म जयपुर, राजस्थान में हुआ था। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन 2012 में अवनी के साथ एक ऐसी घटना घटी, जिसने उसके जीवन में उथल-पुथल मचा दी। 2012 में एक कार दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी में चोट लगने के बाद वह विकलांग हो गई थी। इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी घटना के सामने अवनी ने हार नहीं मानी; इसके बजाय, उन्होंने अपनी चोट को आगे बढ़ने और सफल होने की प्रेरणा के रूप में इस्तेमाल किया।

इस तरह पैदा हुई शूटिंग रेंज में रुचि

इस घटना के बारे में अवनी के पिता ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब दुर्घटना के बाद अवनी बहुत परेशान थी, तो वे उसे मनोरंजन के लिए शूटिंग रेंज ले गए। यहीं से अवनी की जिज्ञासा बढ़ी। शूटिंग अवनी की ज़िंदगी थी। वह इसके लिए बहुत मेहनत करती थी, जब तक कि वह पूरी तरह थक नहीं जाती थी। इसके अलावा अवनी घर पर प्रैक्टिस करती थी। अपनी इसी मेहनत से टोक्यो पैरालिंपिक में, अवनी ने दो पदक जीते: एक स्वर्ण और एक कांस्य।

अवनि को इन पुरस्कारों से किया गया सम्मानित

अवनि लेखरा की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की है। साथ ही, वह पेशेवर निशानेबाजी में जूनियर और सीनियर स्तर पर विश्व रिकॉर्ड भी बना चुकी हैं। अवनि को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियों के लिए पद्म श्री और खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

और पढ़ें: BCCI सचिव की रेस में जय शाह की जगह अब बीजेपी के दिग्गज नेता के बेटे की सरप्राइज एंट्री! नाम सुन चौंक जाएंगे आप

vickynedrick@gmail.com

vickynedrick@gmail.com https://nedricknews.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2025- All Right Reserved. Designed and Developed by  Marketing Sheds