Jammu & Kashmir: कश्मीर में बढ़ रहा फिर से आतंकी हमले का साया, घर में ग्रेनेड फेंक यूपी के दो मजदूरों को मारा

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 18 Oct 2022, 12:00 AM | Updated: 18 Oct 2022, 12:00 AM

आतंकी हमले में 2 उत्तर प्रदेश के मजदूरों की मौत

इन दिनों जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर से आतंक के बदल गहराते जा रहे हैं। हाल ही में दक्षिण कश्मीर के शोपियां में कश्मीरी हिंदू पूर्ण कृष्ण भट्ट की हत्या कर दी गई थी। इस वारदात के 60 घंटे भी अभी तक पूरे नहीं हुए थे और आतंकियों ने एक और बड़ा दुस्साहस करते हुए अन्य राज्य के श्रमिकों को निशाना बनाया। आतंकियों ने शोपियां के हरमेन में रह रहे मजदूरों के कमरे के भीतर ग्रेनेड से हमला किया। इस आतंकी हमले में उत्तर प्रदेश के कानपुर के दो श्रमिकों की मौत हो गई है। पुलिस ने हमले की प्राथमिक जांच के बाद मारे गए श्रमिकों की पुष्टि करते हुए बताया कि मरने वालों में एक मुनीश कुमार और दूसरे राम सागर है, दोनों उत्तर प्रदेश कानपूर के निवासी है।

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ग्रेनेड फेंकने वाला आतंकी गिरफ्तार

कश्मीर पुलिस ने आज मंगलवार 18 अक्टूबर को एक ट्वीट करते हुए कहा कि, ”आतंकवादियों ने हरमन में हथगोला फेंका, जिसमें उत्तर प्रदेश के दो मजदूर की मौत हो गई। मरने वाले का नाम मनीष कुमार और राम सागर है। सबसे पहले आतंकी हमले में दोनों घायल हुए जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। दोनों कन्नौज के रहने वाले थे। पुलिस द्वारा इलाके की घेराबंदी कर ली गई है।”

अपने पहले ट्वीट के कुछ देर बाद कश्मीर पुलिस ने एक और ट्वीट किया जिसमे उन्होंने बताया की ग्रेनेड फेंकने वाले आतंवादी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने कहा, ”शोपियां पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया शख्स प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा इमरान बशीर गनी द्वारा भेजा गया एक हाइब्रिड आतंकवादी है। पुलिस की ओर से आगे की जांच और छापेमारी चल रही है।

घटनास्थल से 150 मीटर की दूरी पर है सेना कैंप

एक पुलिस अधिकारी के अनुसार घटनास्थल से 150 मीटर की दूरी पर ही सेना की राष्ट्रीय राइफल्स का कैंप भी है। ऐसे में आतंकवादी कहां से आए, इसको लेकर जांच चल रही है। प्राथमिक जाँच में पुलिस ने यह अनुमान लगाया है की आतंकी सेब के बगीचों से होकर वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे।

दक्षिण कश्मीर के डीआईजी सुजीत कुमार के अनुसार जिस समय हमला हुआ, वहां सिक्योरिटी फोर्सेज भी तैनात थी। गैर-विस्थापित कश्मीरी पंडितों की ‘कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति’ (KPSS) ने इस घटना पर सवाल उठाते हुए इसे सुरक्षा में चूक ठहराया है।

पहले भी हो चुका है घाटी में इस तरह का वारदात

इस घटना के पहले भी 15 अक्टूबर को एक कश्मीरी पंडित पूरन कृष्ण भट की इस दक्षिण कश्मीर जिले के चौधरी गुंड में उनके घर के पास बहुत करीब से गोली मारी गई थी, जिस कारण उनकी मौत हो गई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, कृष्ण भट शोपियां में रह रहे थे और कभी भी पलायन नहीं किया था।

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