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क्या IDENTIFICATION PROOF के तौर पर हर जगह अपना आधार-कार्ड देना सुरक्षित है?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 30 Aug 2022, 12:00 AM | Updated: 30 Aug 2022, 12:00 AM

क्या हर जगह अपना आधार कार्ड देना सुरक्षित है ? 

भारत के हर नागरिक के लिए आधार-कार्ड एक जरुरी दस्तावेज है। देश में हर शख्स, महिला और बच्चों को आधार-कार्ड बनवाना अनिवार्य है ताकि इस आधार-कार्ड के जरिए हर नागरिक की पहचान हो सकें। लेकिन कई लोगों के मन में ये सवाल है कि पहचान के रूप में आधार-कार्ड देना सुरक्षित है कि नहीं।

क्या IDENTIFICATION PROOF के तौर पर हर जगह अपना आधार-कार्ड देना सुरक्षित है? — Nedrick News

आधार-कार्ड क्या है ?

आधार-कार्ड एक ऐसा दस्तावेज है जिसे UIDAI द्वारा जारी किया जाता है। वहीं UIDAI द्वारा जारी किए इस कार्ड में देश के नागरिक का नाम, उम्र और पते की अहम जानकारी दर्ज होती है साथ ही इस कार्ड में मोबाइल नंबर ईमेल-आईडी जैसी अन्य जानकारी भी शामिल हैं। वहीं इस कार्ड के जरिए जाँच-पड़ताल करने में आसानी होती है। वहीं इस कार्ड पर जारी आधार नंबर और इस कार्ड को बनवाते समय दिए गए फिंगरप्रिंट से UIDAI के डेटाबेस से कई अन्य जानकारियां भी फौरन मिल सकती हैं।

पहचान पत्र के रूप में आधार-कार्ड देना सुरक्षित ?

सरकार द्वारा आधार को लेकर दी गयी जानकारी के अनुसार, अगर किसी शख्स के पास आपका आधार नंबर है तो वो किसी भी शख्स की सिर्फ जानकारी हासिल कर सकता है। वहीं अगर किसी और के पास अगर आपका आधार नंबर और नाम या फिंगरप्रिंट है, तो वो UIDAI (यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के डेटाबेस से आपका नाम, पता और अन्य जानकारी सही है या नही इस बात का पता कर सकता है। वहीं सरकार की दी गयी जानकारी के अनुसार, प्राइवेट जगहों पर अगर आधार न दें। अगर आप से इन जगहों पर आधार माँगा जाता है तो आप वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट दे सकते हैं। वहीं आधार दिए बिना आपका काम नहीं होता तो आप मास्क्ड आधार की फोटोकॉपी दे सकते हैं।

मास्क्ड आधार-कार्ड का करें उपयोग ?

जानकारी के लिए बता दें, मास्क्ड आधार-कार्ड में 12 डिजिट की पूरी आधार संख्या नहीं होती है। इसमें आधार संख्या के सिर्फ आखिरी चार अंक ही दिखाई देते हैं और इस मास्क्ड आधार-कार्ड को ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकता है।इसी के साथ भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, गैर-लाइसेंसी वाली जगहों पर आपका आधार कनेक्ट नहीं कर सकती है और ना ही इसे अपने पास रख सकती हैं। वहीं इसमें बिना लाइसेंस वाले होटल और सिनेमा हॉल भी शामिल हैं। केवल ऐसे प्राइवेट संस्थान ही आपके आधार कार्ड की कॉपी पहचान के रूप में मांग सकती है जिन्होंने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) से आधार के लिए यूजर लाइसेंस लिया हो।

आधार बायोमेट्रिक डेटा लॉक ?

वहीं अगर आपको लगता है कि आधार के जरिए आपकी जानकारी लीक हो सकती है तो आप आधार संबंधित फ्रॉड से खुद को बचाने के लिए अपने आधार बायोमेट्रिक डाटा को लॉक कर सकते हैं। यूजर द्वारा यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) की वेबसाइट पर जाकर डाटा को लॉक और अनलॉक किया जा सकता है और ऐसा करने के लिए शख्स को सबसे पहले लॉक/अनलॉक बायोमेट्रिक ऑप्शन पर जाना है और उसके बाद फोन नंबर पर आए ओटीपी का इस्तेमाल करना है। जब आपको अपना बायोमेट्रिक इस्तेमाल करना है तो आप इसे अनलॉक करते हैं जिसके बाद यह ऑटो-लॉक हो जाता है। वहीं दूसरा तरीका UIDAI की वेबसाइट से अपने आधार ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री को ट्रैक करना है। अगर आपके द्वारा नहीं किया गया ऑथेंटिकेशन दिखाया जाता है तो UIDAI को अलर्ट करना चाहिए।केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में जारी की गयी गाइडलाइन्स के जरिए आधार कार्ड की फोटोकॉपी शेयर करने से बचें। आधार-कार्ड की फोटोकॉपी शेयर करने से आधार नंबर का मिसयूज किया जा सकता है। वहीं पब्लिक कंप्यूटर से आधार डाउनलोड करने से बचें। आप आधार सिर्फ UIDAI की ऑफिशियल वेबसाइट से ही करें। 

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