किस मकसद से पाकिस्तान में घुसी ईरानी सेना? Surgical Strike इस बड़े ऑपरेशन को दिया अंजाम

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 05 फ़रवरी 2021, 05:30 AM Updated: 05 फ़रवरी 2021, 05:30 AM
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पड़ोसी देश पाकिस्तान पर एक बार फिर से सर्जिकल स्ट्राइक की गई है। लेकिन इस बार ये स्ट्राइक भारत ने ही बल्कि किसी ओर देश ने की है। ईरान ने पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक और इसके साथ ही अपने दो सैनिकों को भी छुड़ाया। जानकारी के अनुसार ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश अल अदल के ठिकाने पर हमला किया और वहां से करीबन ढाई साल से बंदी जवानों को छुड़ाया।

ईरान का मिशन हुआ सक्सेसफुल

सीक्रेट इंफॉर्मेशन के आधार पर ईरान सेना ने मंगलवार रात को पाकिस्तान में घुसकर इस सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। जिसके बाद एक बयान जारी कर बताया- ‘मंगलवार रात को एक सफल ऑपरेशन को पूरा किया गया। इसमें ढाई साल से जो दो सैनिक जैश उल अदल के कब्जा में थे उनको छुड़ा लिया गया। ईरानी सैनिक सफलतापूर्वक अपने देश वापस लौट आए हैं।

2018 में अगवा किए गए थे ईरानी सैनिक

एनाडोलु एजेंसी के अनुसार साल 2018 में 16 अक्टूबर को जैश उल अदल संगठन ने ईरान की सेना को 12 गार्ड्स का अपहरण कर लिया था। पाकिस्तान के बलूचिस्तान के मर्कवा शहर में इस घटना को अंजाम दिया था, जो पाकिस्तान-ईरान सीमा के पास है। जिसके बाद दोनों देशों ने आतंकियों के कब्जे से सैनिकों को छुड़ाने के लिए ज्वाइंट कमेटी बनाई।

नवंबर 2018 में 5 जवानों को जैश उल अदल ने छोड़ दिया। फिर 21 मार्च 2019 को पाकिस्तानी सेना ने 4 और सैनिकों का रेस्क्यू किया। जबकि बीते ढाई सालों से बाकी सैनिक इस संगठन के कब्जे में थे। अब मंगलवार को ईरान ने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक करके अपने 2 सैनिकों को छुड़ाया।

जैश उल अदल को ईरान ने आतंकी संगठन घोषित कर चुका है। ईरान के खिलाफ ये संगठन सशस्त्र अभियान चलाता है। आतंकी संगठन में बलोच सुन्नी मुसलमान शामिल हैं, जो ईरान सुन्नियों के अधिकारों की रक्षा करने का दावा करते हैं।

ईरान की न्‍यूज एजेंसी के मुताबिक जैश उल अदल एक कट्टरपंथी वहाबी आतंकवादी समूह है, जो दक्षिणी-पश्चिमी पाकिस्‍तान में ईरान सीमा पर काफी एक्टिव है। फरवरी 2019 में ईरान सेना पर जो हमला हुआ था, उसकी जिम्मेदारी इस संगठन ने ली थीं। हमले में  ईरान की सेना के कई सैनिक मारे गए थे।

अमेरिका-भारत के बाद ईरान ने किया ये काम

लंबे वक्त से पाकिस्तान-ईरान सीमा पर एक्टिव है। इस संगठन ने ही ईरान के अर्द्धसैनिक सैनिकों पर हमला कर ईरानी सेना के जवानों को मारा। 2014 में भी इस आतंकी संगठन ने 5 ईरानी सीमा रक्षकों का बॉर्डर से अपहरण कर लिया और उनको पाकिस्तान ले गए। 2 महीनों के बाद 4 जवानों को छोड़ दिया गया, जबकि एक की हत्या कर दी गई। 2015 में इस संगठन के एक सरगना सलाम रिगी को गिरफ्तार किया गया था।

पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों सर्जिकल स्ट्राइक करने वाला ईरान तीसरा देश बन गया है। ईरान से पहले अमेरिका और भारत भी ये काम कर चुके हैं। अमेरिका ने 2011 में पाकिस्तान में घुसकर अलकायदा के सरगना लादेन को मार गिराया था। जबकि भारत दो बार पड़ोसी देश के आतंकियों  पर दो बार घुसकर कार्रवाई कर चुका है। पहली बार भारत ने 2016 में हुए उरी हमले के बाद पाक पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। जबकि दूसरी बार 2019 में हुए पुलवामा हमले के बाद 26 फरवरी को एयरस्ट्राइक की थीं।

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