Iran Attack On Kuwait: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने कई खाड़ी देशों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। अमेरिका के सैन्य बेस और रणनीतिक ठिकानों पर हमले ने क्षेत्र में तनाव और बढ़ा दिया है। कुवैत के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान ने हाल ही में कुवैत पर 97 मिसाइल और 283 ड्रोन दागे। मंत्रालय ने बताया कि कुवैत ने इस स्थिति का जवाब तय नियमों (रूल्स ऑफ एंगेजमेंट) के अनुसार दिया है।
ईरान का आक्रामक रुख और मध्यस्थ देशों पर खतरा | Iran Attack On Kuwait
ओमान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉक्टर माजिद अल अंसारी ने बताया कि ईरान द्वारा ओमान को निशाना बनाना, जिसने हमेशा मध्यस्थता का प्रयास किया और कूटनीतिक समाधान के रास्ते खुले रखे, स्वयं मध्यस्थता के सिद्धांत पर हमला है। उन्होंने कहा कि पहले कतर को भी मध्यस्थता के प्रयासों के कारण निशाना बनाया गया था। उनका कहना है कि यह आक्रामकता खाड़ी में तनाव और बढ़ा सकती है और शांति स्थापित करने के प्रयासों को कमजोर कर सकती है।
कुवैत और दुबई में फंसे भारतीय नागरिक
खाड़ी देशों में हालात बिगड़ने के कारण दुबई, कुवैत और अन्य प्रमुख एयरपोर्ट्स पर सैकड़ों भारतीय फंसे हुए हैं। इनमें पर्यटक, छात्र, व्यापारी और प्रमुख हस्तियां शामिल हैं। कुवैत में भारतीय दूतावास ने बताया कि अस्थायी रूप से हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए अधिकारी लगातार स्थानीय प्रशासन, होटलों और एयरलाइंस के साथ समन्वय कर रहे हैं।
दुबई में फंसे लोगों में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु, कर्नाटक से जेडी(एस) एमएलसी एस एल भोजेगौड़ा और उनका परिवार, बंगाली अभिनेत्री सुभश्री गांगुली अपने बेटे के साथ, पर्यटक समूह और छात्र शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन वहां उड़ान भरना फिलहाल खतरनाक है।
दुबई में रतलाम के गौरव पारीख की स्थिति
28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल हमले के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण दुबई में भी तनाव बढ़ा। रतलाम के इवेंट ऑर्गेनाइजर गौरव पारीख वहीं फंसे हुए थे। गौरव ने फोन पर बताया कि पहले दिन थोड़ी चिंता थी, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने सभी भारतीयों और टूरिस्टों को सुरक्षित ठिकानों पर रखा और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की। उन्होंने बुर्ज खलीफा के आसपास से वीडियो साझा कर बताया कि वहां का माहौल फिलहाल सामान्य है।
उनके पिता, एडवोकेट सुनील पारीख ने बताया कि पहले दिन बेटे की सुरक्षा को लेकर चिंता थी, लेकिन अब राहत मिली है। गौरव जल्द ही सुरक्षित भारत लौटेंगे। उन्होंने कहा कि यूएई और भारत सरकार नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही हैं।
उड़ान सेवाओं पर असर और राहत
मिडिल ईस्ट में संघर्ष के कारण कई फ्लाइट्स रद्द हो गईं, जिससे दुबई, कुवैत और अन्य हब एयरपोर्ट्स पर भारतीय फंसे। हालांकि अब कुछ उड़ानें शुरू हो गई हैं। 3 मार्च 2026 को दुबई से दिल्ली के लिए दो फ्लाइट्स निर्धारित हैं EK-512 रात 2:40 बजे और AI-916 सुबह 11:00 बजे। इससे फंसे यात्रियों को भारत लौटने की सुविधा मिलेगी।
इस बीच पीवी सिंधु स्पेशल फ्लाइट से भारत लौट आई हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के कोयला व्यापारी अजय जैन के बेटे प्रिंस जैन और उनकी मंगेतर पायल जैन भी दुबई में फंसे हैं। चंदौली जिले से प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए गए पांच लोग भी फ्लाइट्स कैंसिल होने के कारण वहीं रुक गए।
Back home in Bangalore and safe 🙏
The last few days have been intense and uncertain, but I’m truly grateful to be back to my house. A heartfelt thank you to the incredible ground teams, Dubai authorities, airport staff, immigration, and every single person who stepped up and…
— Pvsindhu (@Pvsindhu1) March 3, 2026
नागरिकों और छात्रों के लिए सरकारी कदम
विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में फंसे भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी की है। यदि किसी नागरिक को वीजा विस्तार या ठहराव संबंधी मदद चाहिए, तो उन्हें अपने नजदीकी एफआरआरओ कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा, CBSE ने भी मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE में 5 और 6 मार्च को होने वाली 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। बोर्ड ने कहा है कि नई तारीखों की घोषणा जल्द की जाएगी।
दुबई और खाड़ी देशों की हकीकत
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और तनाव के बीच दुबई और कुवैत जैसे देशों में फिलहाल कुछ हद तक नियंत्रण कायम है। स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावास लगातार संपर्क में हैं। दुबई से आई राहत भरी खबरों ने भारतीय परिवारों को थोड़ी शांति दी है। गौरव पारीख के वीडियो और रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ कि वहां का माहौल फिलहाल शांतिपूर्ण है, हालाँकि खतरा अभी टला नहीं है।
इस पूरी स्थिति से स्पष्ट है कि मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ रहा है, लेकिन भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्थानीय और भारत सरकार के कदम लोगों के लिए भरोसे का कारण बने हुए हैं। फिलहाल नागरिकों की नजरें सुरक्षित वापसी और स्थिति की तेजी से सामान्य होने पर टिकी हैं।
