इंदिरापुरम: टूटी सड़कों से अहिंसा खंड 2 के लोग परेशान, अप्रैल में बैलगाड़ी चलाकर किया था अनोखा प्रदर्शन, फिर भी…

👤 vickynedrick@gmail.com | Nedrick News 🕒 Published: 14 मई 2021, 12:00 AM 🔄 Updated: 14 मई 2021, 12:00 AM
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गाजियाबाद के इंदिरापुरम में सड़कों का हाल खराब है और प्रशासन है कि इस पर सुध ही नहीं ले रहा। लंबे वक्त से टूटी हुई सड़कों यहां रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। ये इलाका सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह के संसदीय क्षेत्र में आता है। पिछले महीने इन टूटी हुई सड़कों के खिलाफ यहां रहने वाले महिलाओं ने एक बेहद ही अनोखे अंदाज में प्रदर्शन भी किया था, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। 

एक महीने पहले प्रदर्शन भी किया था

अप्रैल में सोसाइटी की महिलाओं ने बुग्गी चलाकर टूटी हुई सड़कों के खिलाफ विरोध किया था। यही नहीं इस दौरान उन्होंने फेमस हुए ‘पॉवरी’ पर वीडियो भी बनाई थीं। इसमें महिलाएं कहती नजर आ रही थीं- “ये हम हैं, ये अहिंसा खंड दो की सड़कें हैं और यहां बुग्गी ही चल सकती हैं।”

घरों के बाहर लगाए थे पोस्टर

इसके अलावा टूटी सड़कों का विरोध करते हुए सोसाइटी में रहने वाले लोगों ने अपने फ्लैटों की बालकनी में बैनर लगाए थे। इन पोस्टर में लिखा था-“रोड नहीं, तो वोट नहीं”, “टूटी सड़क की मार, बंद करो अत्याचार”, “थक गया करके प्रयास, किसका साथ किसका विकास” और “12 साल का इंतेजार, अहिंसा खंड 2 में सड़कों का बुरा हाल”।

12 साल से परेशान हैं निवासी

दरअसल, अहिंसा खंड 2 में 22 सोसायटियां हैं, जिसमें 35 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। दिल्ली पब्लिक स्कूल के सामने से अहिंसा खंड 2 में जाने वाली रोड को 200 मीटर तक GDA ने आरसीसी करा रखा है। इसके आगे की सड़क टूटी हुई है। लोगों की मानें तो 12 साल पहले सड़क का निर्माण कार्य हुआ। इसके बाद सड़क की मरम्मत का काम नहीं हुआ। सड़कों पर गड्ढे बने हुए है, जिसकी वजह से बारिश के दौरान सड़क जलमग्न हो जाती है। 

इस बदहाल सड़कों की वजह से यहां रहने वाले लोग काफी परेशान रहते हैं। लोगों का कहना है कि सड़कों की हालात लगातार खराब बनी हुई है, इसकी वजह से दुर्घटना होने का डर रहता है। लोगों को यहां से आने जाने में काफी समस्याएं होती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक वो अपनी इस शिकायत को लेकर कई बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर भी लगा चुके है, लेकिन समस्या को सुनने वाला कोई नहीं। जिसके बाद उन्होंने टूटी हुई सड़कों के खिलाफ पर अपना विरोध जताते हुए ये अनोखा प्रदर्शन किया था। 

इस अनोखे प्रदर्शन का असर भी देखने को मिला था। इसके बाद सड़क निर्माण के लिए 35 लाख रुपये का टेंडर भी पास किया गया था। GDA ने रोड बनाने के लिए टेंडर की सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने का दावा किया भी किया था। लेकिन अभी भी हालत जस की तस ही बनी हुई है। यहां सड़क निर्माण का कार्य अब तक नहीं हुआ।

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