Ghaziabad Triple Suicide Case: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन सगी बहनों की आत्महत्या का मामला हर गुजरते दिन के साथ और ज्यादा चौंकाने वाला होता जा रहा है। बाहर से एक सामान्य और खुशहाल दिखने वाले परिवार के भीतर क्या चल रहा था, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। अब जांच में सामने आ रहे तथ्यों ने न सिर्फ पुलिस को उलझा दिया है, बल्कि समाज के सामने डिजिटल दुनिया और बच्चों की मानसिक स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह साफ (Ghaziabad Triple Suicide Case)
बुधवार देर रात डॉक्टरों के पैनल ने तीनों बहनों का पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट के अनुसार, तीनों की मौत का प्राथमिक कारण ब्रेन हेमरेज और अत्यधिक रक्तस्राव रहा। डॉक्टरों का कहना है कि ऊंचाई से गिरने के चलते सिर में गंभीर चोट लगी, जिससे अंदरूनी ब्लीडिंग हुई और जान नहीं बच सकी। पुलिस फिलहाल इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है, हालांकि हर पहलू की गहन पड़ताल की जा रही है।
घर में पसरा सन्नाटा, परिवार ने बनाई दूरी
तीनों बेटियों को खोने के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है। पिता ने एक बार मीडिया के सामने कोरियन गेम्स और ऑनलाइन टास्क का जिक्र किया था, लेकिन इसके बाद से परिवार ने खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है। अंतिम संस्कार के बाद परिवार पहले दिल्ली गया और फिर गुरुवार तड़के गाजियाबाद लौटा। तब से घर का दरवाजा बंद है और किसी से बातचीत नहीं की जा रही है।
यूट्यूब चैनल बना विवाद की जड़
पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों बहनों का एक यूट्यूब चैनल था, जिस पर वे कोरियन ड्रामा, म्यूजिक, फैशन और लाइफस्टाइल से जुड़े वीडियो अपलोड करती थीं। यह चैनल धीरे-धीरे लोकप्रिय हो गया था और इसके करीब 2000 से ज्यादा सब्सक्राइबर्स थे। जब पिता को बेटियों की कोरियन कल्चर के प्रति बढ़ती दीवानगी और यूट्यूब एक्टिविटी का पता चला, तो उन्होंने चैनल डिलीट करवा दिया। इसी बात से बेटियां नाराज रहने लगीं और खुद को परिवार से कटा हुआ महसूस करने लगीं।
‘हम कोरिया से हैं’- पड़ोसी भी रह गए थे हैरान
सोसायटी में रहने वाले एक वकील ने बताया कि लिफ्ट में मुलाकात के दौरान लड़कियों ने खुद को कोरियन बताया था। उनके कपड़े, स्टाइल और बातचीत का तरीका देखकर ऐसा लगा कि वे किसी और ही दुनिया में जी रही हैं। उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि यह सब एक खतरनाक मानसिक स्थिति का संकेत हो सकता है।
कमरा बना कोरियन दुनिया, नाम भी बदले
पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि बहनों ने अपने कमरे को पूरी तरह कोरियन स्टाइल में सजाया हुआ था। वे एक-दूसरे को कोरियन नामों से बुलाती थीं और भारतीय पहचान से खुद को अलग मानने लगी थीं। वे कोरिया की परंपराओं के अनुसार शादी करने की बातें भी करती थीं।
ऑनलाइन टास्क और मोबाइल फोन पुलिस की जांच में
पुलिस अब उन दो मोबाइल फोनों की तलाश कर रही है, जिन्हें पिता ने कुछ समय पहले बेच दिया था। पिता का दावा है कि बेटियां किसी ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम से जुड़ी थीं और टास्क पूरे न कर पाने की वजह से तनाव में रहती थीं। पुलिस यह जांच कर रही है कि कहीं वे किसी खतरनाक या सुसाइड को बढ़ावा देने वाले गेम का हिस्सा तो नहीं थीं। सुसाइड नोट को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पीड़ित पिता की सरकार से मांग
तीन बेटियों को खो चुके पिता ने सरकार से भावुक अपील की है। उनका कहना है कि कोरियन ड्रामा, गेम्स और वीडियो बच्चों को परिवार से दूर कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे कंटेंट पर सख्त निगरानी और नियंत्रण की मांग की है।
समाज के लिए चेतावनी
गाजियाबाद का यह मामला सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि हर माता-पिता और सिस्टम के लिए चेतावनी है। डिजिटल दुनिया का असर बच्चों के दिमाग पर कितना गहरा हो सकता है, यह घटना उसी की तस्वीर दिखाती है।




























