G7 Summit Canada India Relations: भारत और कनाडा के बीच तनाव के बीच जी7 शिखर सम्मेलन पर असर, पीएम मोदी की भागीदारी पर सवालिया निशान

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 04 जून 2025, 05:30 AM Updated: 04 जून 2025, 05:30 AM
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G7 Summit Canada India Relations: भारत और कनाडा के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस बार होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन पर इस संबंध का गहरा असर पड़ सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस सम्मेलन में शामिल होने की संभावना कम जताई जा रही है, क्योंकि कनाडा ने अभी तक उन्हें शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण नहीं भेजा है। यह सम्मेलन 15-17 जून 2025 को कनाडा के अल्बर्टा प्रांत के कनानास्किस रिसॉर्ट में आयोजित किया जाएगा, और इस बार कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी इसकी मेज़बानी करेंगे। हालांकि, भारत और कनाडा के बीच जारी राजनीतिक तनाव इस सम्मेलन पर अपनी छाया डाल सकता है।

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भारत-कनाडा संबंधों में तनाव की जड़- G7 Summit Canada India Relations

भारत और कनाडा के बीच यह तनाव तब शुरू हुआ था जब कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सितंबर 2023 में आरोप लगाया था कि खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंट शामिल हैं। निज्जर की हत्या जून 2023 में कनाडा के सरे में कर दी गई थी, और इस घटना ने दोनों देशों के संबंधों को और खराब कर दिया। भारत ने ट्रूडो के आरोपों को पूरी तरह से नकारते हुए इसे बेतुका करार दिया था, जिसके बाद दोनों देशों ने एक दूसरे के राजनयिकों को निष्कासित किया।

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कनाडा में सरकार बदलाव के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं

इस साल अप्रैल में हुए कनाडा के चुनावों में मार्क कार्नी के नेतृत्व में लिबरल पार्टी ने जीत दर्ज की, जिससे उम्मीद जताई जा रही थी कि द्विपक्षीय संबंधों में सुधार हो सकता है। कनाडा की नई विदेश मंत्री अनीता आनंद ने भी हाल ही में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से टेलीफोन पर बातचीत की थी, लेकिन इस बातचीत के बावजूद कनाडा सरकार ने भारत के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।

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कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों को लेकर भारत की चिंता भी बनी हुई है। भारत का मानना है कि किसी भी उच्चस्तरीय यात्रा के दौरान खालिस्तान समर्थक तत्व विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कनाडा के खालिस्तान समर्थक समूहों ने पीएम मोदी को शिखर सम्मेलन में निमंत्रण न भेजने के लिए कार्नी सरकार पर दबाव बनाया है। भारतीय पक्ष का मानना है कि कनाडा में खालिस्तानी समूहों की सक्रियता से द्विपक्षीय संबंधों में सुधार में रुकावट आ सकती है।

जी7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की भागीदारी पर संशय

अब तक भारत को जी7 शिखर सम्मेलन में हर साल निमंत्रण भेजा जाता रहा है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2019 से इस सम्मेलन का हिस्सा रहे हैं। लेकिन इस बार, संबंधों के तनाव और कनाडा की ओर से कोई सकारात्मक पहल न होने के कारण, यह संभावना जताई जा रही है कि पीएम मोदी इस बार जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे। मामले से परिचित सूत्रों का कहना है कि इस समय दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच वार्ता की आवश्यकता है ताकि संबंधों में सुधार हो सके, लेकिन फिलहाल इसे लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

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