E20 Petrol: सोचिए क्या हो, अगर गाड़ी में पेट्रोल फुल हो फिर भी चलती कार अचानक 32 की स्पीड पर लॉक हो जाए और इंजन लाइट जलने लगे? घर से 250 किलोमीटर दूर एक युवक के साथ ठीक यही हुआ! तो चलिए, इस लेख के जरिए जानते हैं इस वायरल दावे का पूरा सच
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक युवक का पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। युवक अपने घर से 250 किलोमीटर दूर था, जब उसने अपनी कार में E20 Petrol (20% एथेनॉल मिक्स) भरवाया। पेट्रोल भरवाने के बाद गाड़ी अभी सिर्फ 92 किलोमीटर ही चली थी कि अचानक कार में खराबी आ गई। चलती कार का एक्सीलेटर दबाने पर भी उसकी स्पीड 32 से 35 किमी/घंटा पर लॉक हो गई और डैशबोर्ड पर EPC और इंजन चेक लाइट (Engine Check Light) जलने लगी।
A man filled ₹4,700 petrol in his ₹20 lakh car. After driving around 90 km, the engine warning light turned on.
He tried to accelerate, but the car was stuck at 35 km/h.
Later, the showroom told him that the fuel pump may have been damaged due to E20 petrol 😲 pic.twitter.com/Jo2bH3k5YF
— Lakshay Mehta (@lakshaymehta08) June 29, 2026
गाड़ी 32 की स्पीड पर क्यों लॉक हुई?
जब कार के सेंसर किसी गंभीर खराबी को पकड़ते हैं, तो गाड़ी अपने आप ‘लिम्प मोड’ (Limp Mode) में चली जाती है। यह कार का एक इन-बिल्ट सेफ्टी फीचर है। यह इंजन को किसी बड़े और महंगे नुकसान से बचाने के लिए उसकी परफॉर्मेंस और आरपीएम (RPM) को 2000 पर सीमित कर देता है। ऐसी आपातकालीन स्थिति में गाड़ी को जबरदस्ती चलाने के बजाय तुरंत सुरक्षित कदम उठाना जरूरी होता है।
युवक ने वीडियो पोस्ट किया सवाल
अब मैं क्या करूं? रास्ते के बीच में फंसा युवक इस अजीब खराबी से इतना परेशान हो गया कि उसने कार के डैशबोर्ड का एक वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो में साफ दिख रहा था कि एक्सीलेटर को पूरा दबाने के बावजूद सुई 32 किमी/घंटा से आगे नहीं बढ़ रही थी और इंजन मालफंक्शन की पीली लाइट लगातार ब्लिंक कर रही थी।
युवक ने इंटरनेट यूजर्स और कार एक्सपर्ट्स से सवाल पूछते हुए लिखा— घर से 250 किलोमीटर दूर E20 पेट्रोल डलवाया था। 92 किमी चलने के बाद कार इस मोड पर लॉक हो गई है। अब इस सुनसान हाईवे पर मैं क्या करूं? क्या यह एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (E20 Petrol ) का साइड इफेक्ट है?
वीडियो वायरल होते ही छिड़ गई इंटरनेट पर जंग
युवक का यह वीडियो पोस्ट होते ही कार प्रेमियों और एक्सपर्ट्स के बीच एक नई बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते कमेंट बॉक्स दो हिस्सों में बंट गया। एक पक्ष का कहना था कि E20 पेट्रोल (E20 Petrol ) (20% एथेनॉल) पुरानी कारों के फ्यूल पंप और इंजेक्टर्स को नुकसान पहुंचा रहा है। एथेनॉल में नमी (Moisture) सोखने की क्षमता होती है, जिससे फ्यूल टैंक में पानी जमा हो जाता है और सेंसर इंजन को ब्लॉक कर देते हैं।
तो वहीं दूसरे पक्ष और सरकारी दावों का कहना था कि किसी भी गाड़ी का इंजन सिर्फ E20 पेट्रोल की वजह से तुरंत ‘लिम्प मोड’ में नहीं जाता। यह समस्या पेट्रोल पंप पर मिलने वाले मिलावटी ईंधन या फ्यूल टैंक में पहले से मौजूद कचरे/पानी के कारण आई होगी, जिसने फ्यूल प्रेशर को कम कर दिया।
देश भर से आ रही हैं ऐसी शिकायतें
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह वीडियो कोई इकलौता मामला नहीं है। पिछले कुछ समय में जब से देश के पेट्रोल पंपों पर E20 ईंधन (E20 Petrol ) (20% एथेनॉल मिक्स पेट्रोल) की उपलब्धता बढ़ी है, तब से देश भर के हजारों कार और बाइक मालिक इस तरह की समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। एक्स (X), फेसबुक और यूट्यूब पर ऐसे दर्जनों वीडियो मौजूद हैं जहां लोग E20 पेट्रोल डलवाने के बाद अपनी गाड़ियों में आ रही दिक्कतों को शेयर कर रहे हैं।
आमतौर पर वाहन चालकों को इन 3 बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जैसे एथेनॉल रबर और प्लास्टिक के पार्ट्स को जल्दी खराब करता है, जिससे गाड़ियों के फ्यूल पंप जाम हो रहे हैं। वहीं कई ड्राइवरों का दावा है कि E20 पेट्रोल के बाद गाड़ी अचानक चलते-चलते झटके (Misfire) लेने लगती है और माइलेज 15% से 20% तक गिर जाता है। साथ ही एथेनॉल हवा से नमी (पानी) को सोख लेता है। जब यह पानी फ्यूल टैंक के नीचे जमा होता है, तो गाड़ी का कंप्यूटर (ECU) इसे सेंस कर लेता है और इंजन को बचाने के लिए कार को ‘लिम्प मोड’ (32 की स्पीड) पर डाल देता है।






























