वैक्सीनेशन का काउंटडाउन: गर्भवती महिलाओं समेत इन लोगों को वैक्सीन देने पर मनाही, जानिए सरकार के दिशा-निर्देश

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News Published: 15 जनवरी 2021, 05:30 AM Updated: 15 जनवरी 2021, 05:30 AM
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कोरोना के खिलाफ जंग में भारत एक कदम और आगे बढ़ने वाला है। कोरोना वैक्सीनेशन का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। कल यानी शनिवार से देश में कोरोना की वैक्सीन लगने का काम शुरू हो जाएगा। 16 जनवरी से वैक्सीनेशन के लिए महाअभियान चलाया जा रहा है। इस दिन का इंतेजार बीते कई महीनों से लोग कर रहे थे। अब आखिरकार वो दिन काफी नजदीक आ ही गया।

वैक्सीन का महाअभियान होगा शुरू

देश में दो कोरोना वैक्सीन को इमरजेंसी यूज के लिए इजाजत मिल गई है, जिसमें भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट को कोविशील्ड शामिल है। अब कल यानी 16 जनवरी से इन वैक्सीन को लगाने का काम शुरू हो जाएगा। पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन दी जाएगी। टीकाकरण अभियान से पहले स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने दोनों टीकों के लिए राज्यों को वैक्सीनेशन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए।

सरकार ने वैक्सीनेशन को लेकर दिए ये दिशा-निर्देश

इसमें वैक्सीन रोलआउट से लेकर फिजिकल स्पेसिफिकेशन, खुराक, कोल्ड चेन स्टोरेज की आवश्यकताओं, मतभेद और हल्की AEFIs (टीकाकरण के बाद प्रतिकूल घटना) के बारे में जानकारी दी गई है। आइए आपको बताते हैं कि राज्यों को क्या-क्या निर्देश दिए गए।

– केंद्र द्वारा भेजे गए निर्देशों में ये कहा गया है कि 18 साल या फिर उससे ज्यादा उम्र के लोगों को ही वैक्सीन लगाई जाएगी।

– गर्भवती महिलाओं या फिर वो महिलाएं जो अपनी गर्भावस्था को लेकर सुनिश्चित नहीं, उनको वैक्सीन की डोज नहीं दी जाएगी। साथ ही स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी वैक्सीन नहीं लगाने के निर्देश दिए गए। ऐसा इसलिए क्योंकि वैक्सीन के ट्रायल के दौरान गर्भवती और स्तनपान वाली महिलाओं को शामिल नहीं किया गया।

– शख्स को जिस वैक्सीन की पहली डोज दी जाएगी, दूसरी भी उसी की लगेगी। वैक्सीन बदली नहीं जाएगी। दोनों टीकों के बीच 14 दिनों का कम से कम अंतराल होना जरूरी है।

– किसी भी व्यक्ति को टीका लगाने से पहले उसकी मेडिकल हिस्ट्री के बारे में पता करने की भी हिदायत दी गई। जिन्हें कोई एलर्जी हो, उनको टीका देते से पहले ही सावधानी बरतने को कहा गया।

– वो लोग जिनको सार्स या फिर कोरोना के इलाज में एंटी सार्स मोनोक्लोनल एंटीबाडी या प्लाज्मा दिया गया हो, जो किसी दूसरी बीमारी के चलते अस्पताल में रहे हो, बीमार रहे हो, उनको ठीक होने के 4 से 8 हफ्ते बाद टीका लगाया जाए।

– जो शख्स कोरोना से पहले संक्रमित हो चुके हो या फिर जिनको कई गंभीर बीमारियां ( कार्डियक, न्यूरोलॉजिकल, पलमोनरी, मेटाबॉलिक, HIV) हो उनको वैक्सीन दी जा सकती है।

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