BJP Leader Murdered: जब सत्ता के गलियारों में रसूख रखने वाले ही महफूज नहीं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या? यूपी में बीजेपी नेता की सरेआम हत्या ने सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यह वारदात साफ इशारा करती है कि अगर सत्ताधारी दल के नेता ही सुरक्षित नहीं, तो प्रदेश की कानून-व्यवस्था की असल तस्वीर बेहद चिंताजनक है। तो चलिए इस लेख के जरिए बताते है कि पूरा मामला क्या है?
क्या है पूरा मामला
मंगलवार तड़के उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के चिलुआताल थाना इलाके के बरगदवा में एक बीजेपी नेता की हत्या के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा नेता राजकुमार चौहान रोज की तरह सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, तभी घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उन्हें अपना निशाना बनाया। हमलावरों ने जिस बेरहमी से इस वारदात को अंजाम दिया, उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने भाजपा नेता पर चाकू से करीब 50 से 60 वार किए और साथ ही उन पर गोलियां भी बरसाईं। पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच में जुट गई है।
हमलावरों ने चाकु से किया वार
घटना के चश्मदीदों द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि हमलावरों ने ताबड़तोड़ चाकुओं से उन पर वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात की सूचना मिलते ही पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से लेकर भारी पुलिस बल वहां मौके पर पहुंच गया और इलाके की घेराबंदी कर दी गई।
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पुलिस ने आपसी रंजिश की जताई आशंका!
पुलिस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बरगदवा क्षेत्र में बीजेपी नेता राजकुमार मंगलवार तड़के मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। उसी समय हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों से यह पता चलता है कि हमला करने वाले आरोपी अत्यंत क्रूर थे। और उन्होंने राजकुमार चौहान को संभलने का मौका तक नहीं दिया। पुलिस फिलहाल पुरानी रंजिश और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की तफ्तीश कर रही है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।
राजकुमार चौहान का राजनितिक सफर
बता दें कि गोरखपुर के बरगदवा में मृत पाए गए भाजपा नेता राजकुमार चौहान का राजनीतिक और सामाजिक सफर काफी सक्रिय रहा था। राजकुमार चौहान भारतीय जनता पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता और नेता थे। वे पूर्व पार्षद भी रह चुके थे, जिससे क्षेत्र की जनता के बीच उनकी गहरी पैठ थी। बरगदवा और आसपास के इलाकों में उन्हें एक प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में जाना जाता था, यही कारण है कि उनकी हत्या के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव और हलचल देखी गई। राजनीति के अलावा, वे प्रॉपर्टी डीलिंग के व्यवसाय से भी जुड़े हुए थे।
