Imran Khan को क्यों मिला था भारत छोड़ने का आदेश? जानें बॉम्बे हाईकोर्ट में हुई तीखी बहस की पूरी कहानी

Rajni | Nedrick News Ghaziabad Published: 27 अक्टूबर 2026, 11:35 PM Updated: 27 अक्टूबर 2026, 11:35 PM
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Big relief for Imran Khan: बॉम्बे हाईकोर्ट से बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को एक बड़ी और अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस यानी एफआरआरओ द्वारा अभिनेता को जारी किए गए ‘भारत छोड़ो’ नोटिस पर आगामी दो नवंबर तक के लिए रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद अमेरिकी नागरिकता और ओसीआई कार्ड धारक इमरान खान को अब तय समय सीमा के भीतर देश छोड़ने की आवश्यकता नहीं होगी।

यह पूरा विवाद मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में चुनाव आयुक्त के खिलाफ हुए एक विरोध प्रदर्शन में उनकी कथित मौजूदगी से जुड़ा है, जिसे अभिनेता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते है कि क्या है पूरा मामला और बॉम्बे हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान क्या-क्या हुआ?

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क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान की नागरिकता और एक विरोध प्रदर्शन में उनकी कथित मौजूदगी से जुड़ा है। महज दो साल की उम्र से भारत में रह रहे अमेरिकी नागरिक और ओसीआई (OCI) कार्ड धारक इमरान खान को मुंबई पुलिस ने 10 अक्टूबर को अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया था।

इसी घटना को आधार बनाकर फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने 14 अक्टूबर को इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत उन्हें एक ‘भारत छोड़ो नोटिस’ (Leave India Notice) जारी कर दिया, जिसमें उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने या डिपोर्ट किए जाने का आदेश दिया गया था। अभिनेता ने इस एकतरफा आदेश को पूरी तरह गैरकानूनी बताते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी, जहां से उन्हें राहत मिली है।

हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान क्या-क्या हुआ

बॉम्बे हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ के सामने हुई सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी कानूनी बहस देखने को मिली। अभिनेता इमरान खान के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश धोंड ने दलील दी कि बिना किसी ‘कारण बताओ नोटिस’ या सुनवाई का मौका दिए एफआरआरओ (FRRO) द्वारा जारी देश छोड़ने का आदेश पूरी तरह मनमाना और प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है,

साथ ही उनके मुवक्किल का कोई पुराना आपराधिक इतिहास भी नहीं है। इस पर अदालत ने भी मौखिक टिप्पणी करते हुए माना कि इस मामले में कोई आपराधिकता (Criminality) नजर नहीं आती और यह पूरी तरह नागरिक परिणामों से जुड़ा है। चूंकि केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) अनिल सिंह ने मामले को टालने का अनुरोध किया था और देश छोड़ने की समय-सीमा अगले ही दिन समाप्त हो रही थी,

इसलिए केंद्र सरकार द्वारा अदालत को यह मौखिक आश्वासन दिया गया कि अगली सुनवाई तक अभिनेता के खिलाफ कोई बलपूर्वक कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार के इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने नोटिस को आगामी 2 नवंबर 2026 तक के लिए स्थगित (In Abeyance) रख दिया और अगली विस्तृत सुनवाई उसी दिन दोपहर 3 बजे तय की।

Rajni

rajni@nedricknews.com

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