Bharat Taxi Launch: भारत के मोबिलिटी सेक्टर में 5 फरवरी को एक नया और बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। देश का पहला सहकारिता आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ औपचारिक रूप से लॉन्च होने जा रहा है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह गुरुवार को नई दिल्ली से इस अनोखे प्लेटफॉर्म को हरी झंडी दिखाएंगे। सरकार के सहकारिता को मजबूत करने और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को बढ़ावा देने के अभियान में इसे एक अहम कदम माना जा रहा है।
ड्राइवर ही मालिक, यही है भारत टैक्सी की पहचान (Bharat Taxi Launch)
भारत टैक्सी को इस सोच के साथ तैयार किया गया है कि ड्राइवर सिर्फ सिस्टम का हिस्सा नहीं, बल्कि उसके मालिक भी हों। इस प्लेटफॉर्म में ड्राइवरों को स्वामित्व, संचालन और मुनाफे… तीनों के केंद्र में रखा गया है। यानी यहां काम करने वाले “सारथी” सिर्फ राइड पूरी करने वाले नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था के भागीदार होंगे।
बीमा और सामाजिक सुरक्षा पर खास फोकस
ड्राइवरों की सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए भारत टैक्सी ने कई अहम सुविधाएं जोड़ी हैं। हर ड्राइवर को 5 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और 5 लाख रुपये का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा दिया जाएगा। यह पहल ड्राइवरों को लंबे समय तक सामाजिक सुरक्षा देने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
शून्य कमीशन और सर्ज-फ्री मॉडल
भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत इसका Zero Commission और Surge-Free Pricing Model है। यानी ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा और किराया अचानक नहीं बढ़ेगा। प्लेटफॉर्म से होने वाला फायदा सीधे ड्राइवरों तक पहुंचेगा। इस तरह भारत टैक्सी विदेशी निवेश पर आधारित एग्रीगेटर कंपनियों के मुकाबले एक पूरी तरह स्वदेशी विकल्प बनकर सामने आ रही है।
कानूनी ढांचे के तहत बनी पहली सहकारी टैक्सी सेवा
भारत टैक्सी को बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 के तहत पंजीकृत किया गया है। इसकी स्थापना 6 जून 2025 को हुई थी। यह देश ही नहीं, बल्कि दुनिया का पहला और सबसे बड़ा सहकारिता-आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म बनने का दावा करता है।
ड्राइवरों के लिए सपोर्ट सिस्टम और आज़ादी
प्लेटफॉर्म पर ड्राइवरों को हेल्थ और एक्सीडेंट इंश्योरेंस के साथ-साथ रिटायरमेंट सेविंग की सुविधा भी मिलेगी। दिल्ली में सात प्रमुख जगहों पर ड्राइवर सहायता केंद्र बनाए गए हैं, जहां उन्हें हर तरह की मदद मिलेगी। खास बात यह है कि ड्राइवरों पर किसी एक प्लेटफॉर्म से जुड़े रहने की कोई बाध्यता नहीं होगी। वे चाहें तो दूसरे ऐप्स पर भी काम कर सकते हैं।
“बाइक दीदी” से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा
भारत टैक्सी महिला ड्राइवरों को आगे लाने के लिए “बाइक दीदी” जैसी पहल चला रही है। अब तक 150 से ज्यादा महिलाएं इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुकी हैं। यह कदम महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया रास्ता खोल रहा है।
आंकड़ों में भारत टैक्सी की ताकत
शुरुआत के कुछ ही महीनों में भारत टैक्सी तेजी से आगे बढ़ी है। अब तक 3 लाख से ज्यादा ड्राइवर प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं और एक लाख से अधिक यूजर्स रजिस्टर हो चुके हैं। दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में रोजाना 10 हजार से ज्यादा राइड्स पूरी हो रही हैं। करीब 10 करोड़ रुपये सीधे ड्राइवरों में बांटे जा चुके हैं।
आगे क्या है लक्ष्य?
भारत टैक्सी का अगला लक्ष्य अगले दो वर्षों में देश के सभी राज्यों और प्रमुख शहरों तक अपनी पहुंच बनाना है। अगर यह मॉडल सफल रहता है, तो आने वाले समय में राइड-हेलिंग इंडस्ट्री की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
