लाउडस्पीकर से अजान पर फिर घमासान: सोनू निगम से लेकर जावेद अख्तर तक…जानें पहले किन बयानों की वजह से सुर्खियों में रहा ये विवाद?

vickynedrick@gmail.com | Nedrick News

Published: 13 Apr 2022, 12:00 AM | Updated: 13 Apr 2022, 12:00 AM

लाउडस्पीकर से अजान को लेकर विवाद बीते कुछ दिनों से एक बार फिर तूल पकड़ने लगा है। देश की राजनीति इसको लेकर गर्माने लगी है। इस बार विवाद की शुरुआत महाराष्ट्र से हुई है। महाराष्ट्र में लाउडस्पीकर से बजने वाली अजान को लेकर सियासी तूफान आया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) अध्यक्ष राज ठाकरे की मांग है कि लाउडस्पीकर से बजने वाली अजान को बंद कराया जाए। इसके लिए उन्होंने 3 मई तक का अल्टीमेट तक दे दिया। 

राज ठाकरे ने अपने एक ताजा बयान में चेतावनी देते हुए कहा था कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर 3 मई तक बंद हो जाना चाहिए, नहीं तो हम स्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाएंगे। ये धार्मिक नहीं बल्कि एक सामाजिक मुद्दा हैं। राज्य सरकार से कहना चाहूंगा कि इस मुद्दे पर हम पीछे नहीं हटने वाले। आपको जो करना है, वो कर लें। ठाकरे इससे पहले भी कई बार लाउडस्पीकर का विरोध करते हुए इसे हटाने की मांग कर चुके हैं। 

वैसे ऐसा पहली बार नहीं हो रहा, जब लाउडस्पीकर से अजान के विरोध में यूं आवाजें उठाई जा रही हो, इसको लेकर पहली बार विवाद खड़ा हो चुका है। पहले भी देश में ये मुद्दा कई बार सुर्खियों में छाया और इसको लेकर काफी हंगामा भी मचा है। आइए जान लेते हैं कि आखिर कब कब लाउडस्पीकर से अजान के मुद्दे ने तूल पकड़ा और क्यों?

सोनू निगम की ट्वीट पर मचा था बड़ा बवाल 

लाउडस्पीकर से अजान को लेकर विवाद तब खड़ा हुआ था, जब साल 2017 में मशहूर प्लेबैक सिंगर सोनू निगम ने इसका विरोध करते हुए एक ट्वीट किया। सोनू ने अपनी ट्वीट में मस्जिदों में सुबह सुबह लाउडस्पीकर से बजने वाली अजान से नींद खराब होने की बात कही। जिसके बाद ये मुद्दा पूरे देश में सुर्खियां बटोरने लगा और इस पर काफी बवाल भी मचा। इस दौरान कुछ लोग सोनू निगम के साथ खड़े नजर आए, तो कुछ ने उनकी बातों का विरोध करते हुए काफी ट्रोल भी किया था। सोनू ने ये भी साफ किया था कि वो अजान के विरोध में नहीं हैं, लाउडस्पीकर के खिलाफ हैं। 

जावेद अख्तर ने किया था सोनू को सपोर्ट 

इसके बाद एक साल बाद यानी साल 2018 में भी इस मुद्दे ने फिर तूल पकड़ा था। उस दौरान जावेद अख्तर ने सोनू का समर्थन करते हुए लाउडस्पीकर बंद करने की बात कही थीं। अख्तर ने कहा था कि मैं सोनू निगम समेत उन सभी से पूरी तरह सहमत हूं जो चाहते हैं कि मस्जिदों द्वारा लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि किसी भी स्थान या फिर रिहायशी इलाकों में लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। इस बयान को लेकर जावेद अख्तर भी काफी विवादों में घिर गए थे। उन्हें लोगों ने काफी ट्रोल किया था।  

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की VC ने की थीं शिकायत 

पिछले साल यानी 2021 में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर विवाद हुआ था, जब इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर संगीता श्रीवास्तव ने भी यही शिकायत की थी कि सुबह सुबह लाउडस्पीकर से बजने वाली अजान के चलते उनकी नींद खराब होती है। इसके लिए VC ने डीएम को एक चिट्ठी भी लिखी थीं। चिट्ठी पर एक्शन लेते हुए प्रयागराज के IG ने रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर अजान से रोक लगा दी थी।  

साध्वी प्रज्ञा ने दिया था बयान

नवंबर 2021 में साध्वी प्रज्ञा ने इस पर एक बयान देते हुए मुद्दे को एक बार फिर से हवा दे दी थीं। अपने बयान में साध्वी प्रज्ञा ने कहा था कि अजान की वजह से साधु-संतों को ब्रह्मा मुहूर्त में पूजा-आरती करने में समस्या होती है। उनके इस बयान के बाद मामले ने एक बार फिर से सुर्खियां छाया था। 

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