Iran Israel War Update: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव खतरनाक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह दावा कर रहे हैं कि क्षेत्र में शांति समझौता जल्द अंतिम रूप ले सकता है, वहीं दूसरी तरफ ईरान और इजरायल के बीच सैन्य टकराव फिर तेज होता नजर आ रहा है। अप्रैल में लागू हुए सीजफायर के बाद पहली बार ईरान ने सीधे इजरायल को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमला किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में नए संघर्ष की आशंका बढ़ गई है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब एक दिन पहले ही तेहरान ने इजरायल की सैन्य कार्रवाई के जवाब में कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी थी। मिसाइल हमले के बाद इजरायल के कई इलाकों में एयर रेड सायरन बजने लगे और लोग सुरक्षित बंकरों और शेल्टरों की ओर भागते दिखाई दिए।
इजरायल का दावा- कई मिसाइलों को हवा में ही रोका| Iran Israel War Update
इजरायली सेना के अनुसार, हमले के दौरान कम से कम तीन मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया। वहीं उत्तर इजरायल के कई हिस्सों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका गया। हालांकि हमले से हुए नुकसान और संभावित हताहतों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन इस हमले ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि अप्रैल में हुआ संघर्ष विराम अब गंभीर परीक्षा से गुजर रहा है।
बेरूत हमले के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई
तनाव की शुरुआत उस समय और बढ़ गई जब इजरायल ने रविवार को बिना किसी पूर्व चेतावनी के बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हमला किया। इस कार्रवाई के बाद ईरान ने खुलकर जवाब देने की चेतावनी दी थी। अब मिसाइल हमले के जरिए तेहरान ने संकेत दिया है कि वह पीछे हटने के मूड में नहीं है। ईरान का कहना है कि यदि उसके सहयोगियों या हितों को निशाना बनाया गया तो जवाब और ज्यादा सख्त होगा।
IRGC की चेतावनी- अगला जवाब और बड़ा होगा
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उनकी एयरोस्पेस फोर्स ने इजरायल के रामत डेविड एयर बेस को निशाना बनाया। संगठन ने दावा किया कि यह कार्रवाई केवल एक चेतावनी थी। IRGC ने अपने बयान में कहा कि यदि भविष्य में इसी तरह के हमले दोहराए गए तो जवाबी कार्रवाई कहीं अधिक व्यापक होगी। इसमें पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को भी निशाना बनाया जा सकता है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान ने सीजफायर का सम्मान किया, लेकिन अमेरिका और इजरायल ने अपने वादों का पालन नहीं किया।
इजरायल ने भी दी कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी
दूसरी तरफ इजरायल ने भी साफ कर दिया है कि वह इस हमले का जवाब देने के लिए तैयार है। इजरायली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने कहा कि ईरान ने हमला करके बड़ी गलती की है। वहीं सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने कहा कि जैसे ही आदेश मिलेगा, सेना दुश्मन के खिलाफ कार्रवाई करेगी। इससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।
ट्रंप की अपील के बावजूद जारी सैन्य कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बड़े पैमाने पर जवाबी हमले से बचने की अपील की थी। हालांकि इसके बावजूद इजरायल ने ईरान के भीतर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि सोमवार तड़के पश्चिमी और मध्य ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए। तेहरान, तबरीज और इस्फहान जैसे शहरों से धमाकों की खबरें सामने आई हैं।
पिछले 24 घंटे में तेजी से बदले हालात
तनाव बढ़ने के बीच ईरान ने अपने पश्चिमी हिस्से का एयरस्पेस अगली सूचना तक बंद कर दिया है। वहीं इराक ने 72 घंटे और सीरिया ने 12 घंटे के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। उधर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट में अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खतरा बने दो ईरानी ड्रोन मार गिराए गए हैं। लगातार दूसरे दिन अमेरिका ने ऐसे ड्रोन को नष्ट करने का दावा किया है।
इसी बीच ईरान ने अमेरिका पर बातचीत को आगे बढ़ाने में बाधा डालने का आरोप लगाया है। तेहरान का कहना है कि वाशिंगटन के बार-बार बदलते रुख के कारण वार्ता आगे नहीं बढ़ पा रही है। साथ ही उसने यूरेनियम संवर्धन के अधिकार और विदेशों में फंसी अपनी अरबों डॉलर की संपत्तियों को जारी करने की मांग भी दोहराई है।
मध्य पूर्व में तेजी से बदलते हालात को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ गई है। सीजफायर के बाद हुई यह ताजा सैन्य झड़प इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में शांति अभी भी बेहद नाजुक स्थिति में है और एक छोटी चिंगारी बड़े संघर्ष का रूप ले सकती है।




























