1 June Rules Changes: जून महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर में कई ऐसे बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और उनकी वित्तीय योजनाओं पर पड़ने वाला है। बैंकिंग सेवाओं से लेकर यूपीआई ट्रांजैक्शन, एडवांस टैक्स, एलपीजी सिलेंडर और कारों की कीमतों तक कई महत्वपूर्ण नियम आज यानी 1 जून 2026 से बदल गए हैं। ऐसे में अगर आप अपने घर का बजट संभालते हैं या नियमित तौर पर बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करते हैं, तो इन बदलावों की जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।
महीने की शुरुआत से पहले ही बढ़े कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम| 1 June Rules Changes
जून शुरू होने से ठीक पहले तेल मार्केटिंग कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाकर कारोबारियों और छोटे व्यापारियों को झटका दिया है। 31 मई की रात जारी नई दरों के मुताबिक 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी की गई है। राजधानी दिल्ली में इसकी कीमत 42 रुपये बढ़कर 3113.50 रुपये हो गई है। वहीं कोलकाता में यह बढ़ोतरी 53.50 रुपये की रही है। अन्य शहरों में भी कमर्शियल सिलेंडर महंगे हुए हैं। नई कीमतें 1 जून से लागू हो गई हैं। माना जा रहा है कि इसका असर होटल, रेस्टोरेंट और फूड बिजनेस से जुड़ी सेवाओं की लागत पर भी पड़ सकता है।
पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें भी जारी
हर महीने की तरह जून की शुरुआत में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें भी जारी कर दी गई हैं। हालांकि तेल कंपनियों ने अलग-अलग शहरों के हिसाब से दरें अपडेट की हैं, इसलिए वाहन चालकों को अपने शहर की नई कीमतों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
बैंकिंग नियमों में सख्ती, ज्यादा कैश जमा करने पर लग सकता है शुल्क
बैंकिंग सेक्टर में भी इस महीने से कुछ महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए गए हैं। कई बैंकों ने करंट अकाउंट और कुछ अन्य खातों में कैश डिपॉजिट से जुड़े नियमों को पहले के मुकाबले सख्त कर दिया है। अब तय सीमा से अधिक नकद जमा करने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। इसका असर खासतौर पर व्यापारियों और उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो नियमित रूप से बड़ी मात्रा में नकदी जमा करते हैं।
UPI ATM से निकासी पर भी बदले नियम
डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए भी नया नियम लागू हुआ है। अब UPI ATM के जरिए की जाने वाली कैश निकासी को सामान्य एटीएम ट्रांजैक्शन की तरह माना जाएगा। यानी यह आपकी मासिक फ्री एटीएम लिमिट में शामिल होगी। यदि कोई ग्राहक अपनी मुफ्त निकासी सीमा पार कर लेता है, तो उसे प्रति ट्रांजैक्शन 23 रुपये तक का शुल्क देना पड़ सकता है।
UPI ट्रांजैक्शन अब होंगे ज्यादा सुरक्षित
एक जून से यूपीआई भुगतान प्रणाली में भी बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अब जब कोई व्यक्ति UPI के माध्यम से किसी दूसरे खाते में पैसे भेजेगा, तो उसे भुगतान प्राप्त करने वाले व्यक्ति का बैंक में दर्ज वास्तविक नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा। अभी तक कई बार मोबाइल नंबर या सेव किए गए नाम के आधार पर लोग पैसे भेज देते थे, जिससे गलती या धोखाधड़ी की संभावना बनी रहती थी। NPCI का मानना है कि इस नए फीचर से फर्जीवाड़े और गलत खाते में पैसे भेजने की घटनाओं में कमी आएगी।
टैक्सपेयर्स के लिए 15 जून अहम
जून का महीना टैक्सदाताओं के लिए भी महत्वपूर्ण रहने वाला है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करने की अंतिम तारीख 15 जून तय की गई है। जिन लोगों की अनुमानित टैक्स देनदारी 10 हजार रुपये से अधिक है, उन्हें इस तारीख तक कुल एडवांस टैक्स का 15 प्रतिशत जमा करना होगा। समय पर भुगतान नहीं करने की स्थिति में ब्याज का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ सकता है।
कार खरीदने वालों को भी झटका
अगर आप नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अब आपको पहले की तुलना में ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों ने जून से कीमतों में बढ़ोतरी लागू कर दी है। मारुति सुजुकी ने अपने विभिन्न मॉडलों की कीमतों में 30 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि बढ़ती उत्पादन लागत और महंगाई इसके पीछे मुख्य वजह हैं। वहीं हुंडई मोटर इंडिया ने भी अपने पूरे पोर्टफोलियो की कीमतों में 12,800 रुपये तक बढ़ोतरी की है। कंपनी के अनुसार कच्चे माल, कमोडिटी और ऑपरेशनल खर्च बढ़ने के कारण यह फैसला लिया गया है।
आम लोगों के बजट पर दिखेगा असर
जून की शुरुआत कई आर्थिक बदलावों के साथ हुई है। चाहे गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतें हों, बैंकिंग नियमों में बदलाव, यूपीआई लेनदेन की नई व्यवस्था या फिर कारों की बढ़ी कीमतें, इन सभी का असर किसी न किसी रूप में आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ने वाला है। ऐसे में समय रहते इन नियमों को समझना और अपनी वित्तीय योजना को उसी अनुसार तैयार करना समझदारी भरा कदम होगा।






























