CNG Price Hike Update: दिल्ली-NCR वालों को महंगाई का एक और झटका! अगर आप भी पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से परेशान होकर सीएनजी कार पर शिफ्ट हुए थे, तो आपके लिए एक बेहद बुरी खबर है। पेट्रोल-डीजल के बाद अब सीएनजी (CNG) की कीमतों में भी आग लग गई है। सीएनजी अब ‘सस्ता ईंधन’ नहीं रह गया है। दिल्ली-NCR में रहने वाले लोगों की जेब पर बोझ बढ़ाते हुए, तेल कंपनियों ने पिछले 11 दिनों में चौथी बार सीएनजी के दाम बढ़ा दिए हैं।
इस ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में सीएनजी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। पिछले दो हफ्तों के भीतर चौथी बार हुई मूल्य वृद्धि ने आम जनता और कैब चालकों का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। दिल्ली समेत पूरे एनसीआर (NCR) में आज से नई दरें लागू हो चुकी हैं। आखिर क्यों लगातार महंगे हो रहे हैं दाम और अब आपको एक किलो सीएनजी के लिए कितने पैसे चुकाने होंगे? तो चलिए जानते हैं कि इस बार कितने रुपये की बढ़ोतरी हुई है और आपके शहर में सीएनजी का क्या रेट है?
दिल्ली-NCR में 2 रुपए बढ़े CNG के दाम, अंब कीमत 83.09 रुपए प्रति किलो…#DelhiNCR #cngpricehike #Nedricknews pic.twitter.com/jxuun146U6
— Nedrick News (@nedricknews) May 26, 2026
इन शहरों में CNG के नए रेट
ताजा ₹2 प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी के बाद नई कीमतें नीचे तालिका में दी गई हैं:
| शहर / क्षेत्र | नई कीमत (रुपये प्रति किलोग्राम) |
| दिल्ली (NCT of Delhi) | ₹83.09 |
| नोएडा (Noida) | ₹91.70 |
| गाजियाबाद (Ghaziabad) | ₹91.70 |
| ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) | ₹91.70 |
| गुरुग्राम (Gurugram) | ₹88.12 |
| मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) | ₹91.58 |
| हैदराबाद (Hyderabad) | ₹97.00 |
| लखनऊ (Lucknow) | ₹95.75 |
| आगरा (Agra) | ₹95.75 |
| कोलकाता (Kolkata) | ₹93.50 |
| इन्दौर (Indore) | ₹93.55 |
| पुणे (Pune) | ₹92.50 |
| चेन्नई (Chennai) | ₹91.50 |
| जयपुर (Jaipur) | ₹90.91 |
| बेंगलुरु (Bangalore) | ₹90.00 |
| फरीदाबाद (Faridabad) | ₹88.30 |
| पटना (Patna) | ₹87.90 |
| सोनीपत (Sonipat) | ₹86.60 |
| मेरठ (Meerut) | ₹86.05 |
| करनाल (Karnal) | ₹85.43 |
| सूरत (Surat) | ₹82.95 |
| अहमदाबाद (Ahmedabad) | ₹82.25 |
आम आदमी बेहाल
लगातार बढ़ते पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों (CNG Price) ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। रसोई से लेकर आंगन तक, चारों ओर से चौतरफा महंगाई ने मिडिल क्लास के बजट को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है। ईंधन की कीमतें बढ़ने का सीधा असर रोज़मर्रा की जरूरी चीजों पर पड़ा है, जिससे फल, सब्जियां, दूध और राशन सामग्री के दाम आसमान छू रहे हैं।
एक तरफ जहां नौकरीपेशा लोगों की आमदनी स्थिर है, वहीं दूसरी तरफ गाड़ी में तेल डलवाने से लेकर घर का खर्च चलाना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है। खासकर मिडिल क्लास और कैब-ऑटो चालकों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, क्योंकि उनकी दैनिक बचत अब पूरी तरह खत्म होने की कगार पर है। सुबह से शाम तक मेहनत करने के बाद भी आम जनता के हाथ खाली हैं और हर बीतते दिन के साथ महंगाई का यह बोझ असहनीय होता जा रहा है।
आखिर क्यों हो रही है इतनी महंगाई?
वैश्विक स्तर पर युद्ध होने के कारण चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है। हालिया महीनों में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह चरमरा गई है। दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का तेल और गैस व्यापार ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) के रास्ते होता है, जहाँ इस टकराव के कारण जहाजों की आवाजाही बाधित हुई है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 40% कच्चा तेल इसी क्षेत्र से आयात करता है, जिससे घरेलू स्तर पर आपूर्ति प्रभावित हुई है।
वैश्विक संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें, जो पहले $70-$72 प्रति बैरल पर थीं, वे हाल ही में उछलकर $104 से $110 प्रति बैरल के ऊंचे दायरे में कारोबार कर रही हैं। भारत का क्रूड ऑयल बास्केट औसतन $113-$114 प्रति बैरल तक पहुंच चुका है। भारत अपनी तेल और गैस की जरूरतों का करीब 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ते ही तेल कंपनियों (जैसे IOCL, BPCL, HPCL) के लिए देश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दाम बढ़ाना मजबूरी हो जाता है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा रखने और वैश्विक अनिश्चितता के कारण विदेशी निवेशक भारतीय बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका में लगा रहे हैं। इस वजह से अमेरिकी डॉलर की मांग बहुत बढ़ गई है और भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। रुपया कमजोर होने से भारत के लिए कच्चे तेल और गैस का आयात बहुत महंगा हो गया है, जिसका सीधा बोझ अब घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।





























