Maharashtra News: महाराष्ट्र इन दिनों एक गंभीर ईंधन संकट से जूझ रहा है। हालात ऐसे हैं कि हर जिले में पेट्रोल और डीजल के लिए लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई जगहों पर लोग रात से ही पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर अपनी गाड़ियों के साथ इंतजार कर रहे हैं। दो-दो और तीन-तीन किलोमीटर तक लंबी लाइनें आम बात हो गई हैं। स्थिति इतनी खराब है कि कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक खत्म होने के कारण कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। कुछ जगहों पर तो पंप बंद कर दिए गए हैं, जबकि जहां ईंधन मिल रहा है वहां भारी भीड़ देखी जा रही है।
छत्रपति संभाजीनगर और जलगांव में सबसे ज्यादा असर| Maharashtra News
छत्रपति संभाजीनगर में 10 से अधिक पेट्रोल पंप बंद होने की खबर है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग पेट्रोल-डीजल के लिए एक पंप से दूसरे पंप भटक रहे हैं, लेकिन कई जगह उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। जलगांव शहर में भी स्थिति बेहद चिंताजनक है। हमारे प्रतिनिधि ने रात 12 बजे के बाद सात पेट्रोल पंपों का जायजा लिया, जिनमें से छह पूरी तरह बंद पाए गए। मोहादी रोड, डी-मार्ट के पास, राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र, मास्टर कॉलोनी, नेरी नाका, पांडे चौक, विजिलेंस और कोज़ी कॉटेज जैसे इलाकों में ज्यादातर पंपों पर स्टॉक खत्म था। केवल एक पंप पर ईंधन उपलब्ध था, जहां सुबह से ही भारी भीड़ जुटी रही।
NEET छात्र को खींचनी पड़ी स्कूटी
ईंधन संकट का असर आम लोगों के साथ-साथ छात्रों पर भी पड़ रहा है। छत्रपति संभाजीनगर में NEET छात्र आयुष ताते के साथ एक अजीब स्थिति सामने आई। उन्होंने बताया कि वे सुबह 11 बजे पेट्रोल भरवाने निकले थे, लेकिन कई पंपों पर लंबी कतारें और स्टॉक खत्म होने की समस्या के कारण उन्हें पेट्रोल नहीं मिला। आखिरकार उनकी स्कूटी पूरी तरह बंद हो गई और उन्हें करीब तीन किलोमीटर तक उसे धक्का देकर ले जाना पड़ा। आयुष ने कहा कि पढ़ाई के बीच इस तरह की परेशानी से छात्र वर्ग काफी प्रभावित हो रहा है।
ड्रम और डिब्बों में पेट्रोल-डीजल भरने को मजबूर लोग
कई इलाकों में लोग पेट्रोल और डीजल ड्रम और बड़े डिब्बों में भरकर ले जाते नजर आए। राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित कुछ पेट्रोल पंपों पर किसानों की लंबी कतारें देखी गईं, जो 40-50 किलोमीटर दूर से डीजल लेने पहुंचे थे। हालांकि जिला प्रशासन ने पहले ही आदेश दिया था कि पेट्रोल और डीजल डिब्बों या बोतलों में नहीं दिया जाना चाहिए, इसके बावजूद कई जगह ऐसा होता देखा गया। किसानों का कहना है कि खेती का काम प्रभावित हो रहा है, लेकिन उन्हें डीजल नहीं मिल पा रहा है, जिससे वे बेहद परेशान हैं।
किसानों और ग्रामीण इलाकों पर सबसे ज्यादा असर
अकोला, बालापुर, बुलढाणा और वाशिम जैसे जिलों में भी ईंधन संकट गहराता जा रहा है। अकोला जिले के पातुर क्षेत्र और बालापुर इलाके में कई पेट्रोल पंप या तो बंद हैं या फिर डीजल खत्म होने की सूचना लगा चुके हैं। बालापुर स्थित जियो पेट्रोल पंप भी डीजल की कमी के कारण बंद रहा। वहीं बुलढाणा और वाशिम में हालात और भी खराब हैं, जहां डिब्बों के साथ लंबी कतारें लग रही हैं।
कीमतों में बढ़ोतरी ने बढ़ाई मुश्किल
पिछले दस दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अहिल्यानगर में पेट्रोल 90 पैसे और डीजल 95 पैसे महंगा हुआ है। अब वहां पेट्रोल 108.87 रुपये और डीजल 95.47 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और कठिन हैं, क्योंकि किसानों को ईंधन नहीं मिल रहा और उन्हें शहरों की ओर रुख करना पड़ रहा है।
वाशिम में नौवें दिन भी संकट जारी
वाशिम जिले में डीजल की कमी लगातार नौवें दिन भी जारी रही। प्रशासन का दावा है कि स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई दे रही है। बड़ी संख्या में किसान सतर्कता पेट्रोल पंप पर अपने डिब्बों के साथ रातभर कतारों में खड़े रहते हैं। सरकार की ओर से नए नियम और शर्तें लागू किए जाने के बाद स्थिति और जटिल हो गई है। कई किसानों को दस्तावेजों की कमी के कारण भी ईंधन नहीं मिल पा रहा है।
‘पेट्रोल नहीं तो पंप बंद कर दो’—लोगों का गुस्सा फूटा
जलगांव के मुक्ताई नगर में स्थिति और तनावपूर्ण हो गई जब लोगों ने नाराज होकर नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों ने कहा, “अगर पेट्रोल नहीं है तो पंप बंद कर दो।”
कुछ पेट्रोल पंप मालिकों ने भी बताया कि भीड़ और अनुशासनहीनता के कारण उन्हें सप्लाई रोकनी पड़ी है। उनका कहना है कि कई जगह पुलिस प्रशासन की मदद भी नहीं मिल पा रही, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है।
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