Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद से आज की 5 बड़ी खबरें सामने आ रही हैं, जिन पर पूरे जिले की नजर बनी हुई है। पहली खबर में आज सुबह कौशांबी के पैसिफिक मॉल में भीषण आग लग गई, जहां दमकल की 10 गाड़ियों ने बमुश्किल काबू पाया। वहीं, देशव्यापी ट्रांसपोर्ट हड़ताल का गाजियाबाद की सड़कों पर कोई खास असर नहीं दिखा है।
उधर, गढ़मुक्तेश्वर गंगा मेले को लेकर नेशनल हाईवे-9 पर भारी वाहनों की नो-एंट्री और रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है। इसके अलावा एक किसान नेता को हिरासत में लिए जाने के बाद थाने के बाहर भारी हंगामा और धरना प्रदर्शन जारी है, और आखिरी खबर आपके काम की है क्योंकि जिले में डिजिटल जनगणना की स्व-गणना का आज आखिरी दिन है और कल से टीमें आपके घर दस्तक देंगी। तो चलिए इस लेख के जरिए इन सभी खबरों को विस्तार से जानते हैं।
और पढ़ें: 40 डिग्री के पार पहुंचा पारा, जानलेवा हो सकती है ये Heatwave! जानें कैसे करें बचाव
पैसिफिक मॉल में लगी भीषण आग
गाजियाबाद कौशांबी स्थित पैसिफिक मॉल के सिनेमाघर में आज सुबह भीषण आग लग गई। आग मॉल की ऊपरी मंजिल पर बने प्रोजेक्टर रूम से शुरू हुई, जिसके बाद मौके पर दमकल की 10 गाड़ियों ने पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह है कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। शुरुआती जांच में हादसे की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि वैशाली फायर स्टेशन को सुबह करीब 7:21 बजे आनंद विहार बॉर्डर के पास गाजियाबाद के कौशांबी स्थित Pacific Mall Ghaziabad में आग लगने की सूचना मिली। आग मॉल के ऊपरी फ्लोर पर स्थित सिनेमा हॉल के प्रोजेक्टर रूम / संचालन कक्ष में लगी थी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग के कारण पूरे मॉल परिसर में तेजी से काला धुआं फैल गया, जिससे वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई।
आग की गंभीरता को देखते हुए वैशाली, साहिबाबाद और कोतवाली फायर स्टेशनों से दमकल की 10 गाड़ियों को तुरंत घटना स्थल पर भेजा गया। फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी से आग को पास के मूवी हॉल (ऑडी) और अन्य दुकानों में फैलने से रोक लिया गया। फिलहाल एग्जॉस्ट सिस्टम के जरिए मॉल से धुआं बाहर निकाला जा रहा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) राहुल पाल के अनुसार, जिस समय आग लगी उस वक्त मॉल और सिनेमाघर आम जनता के लिए बंद थे। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी विस्तृत जांच जारी है।
गाजियाबाद में नहीं दिखा हड़ताल का असर (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद से अगली बड़ी खबर ट्रांसपोर्ट हड़ताल से जुड़ी है। जहां ट्रांसपोर्ट यूनियनों द्वारा बुलाए गए तीन दिवसीय ‘चक्का जाम’ का पहले दिन गाजियाबाद में कोई खास असर देखने को नहीं मिला है। सुबह से ही सड़कों पर ऑटो, ई-रिक्शा, ओला-ऊबर और रैपिडो जैसी कैब सेवाएं आम दिनों की तरह सामान्य रूप से चल रही हैं। कई बड़े संगठनों द्वारा हड़ताल से किनारा करने के कारण यात्रियों को किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा है।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, गाजियाबाद में 3 दिवसीय ‘चक्का जाम’ हड़ताल का असर पहले दिन (21 मई 2026) न के बराबर देखने को मिला है, और सड़कों पर ऑटो, लोकल टैक्सी, ओला-ऊबर और रैपिडो जैसी कैब सेवाएं आम दिनों की तरह सामान्य रूप से दौड़ रही हैं। Dainik Jagran की रिपोर्ट के अनुसार, गाजियाबाद के प्रमुख चौराहों (जैसे आनंद विहार बॉर्डर, कौशांबी, मोहन नगर, और हापुड़ चुंगी) पर सुबह से ही ऑटो और ई-रिक्शा यात्रियों को ले जाते दिखे।
ओला (Ola), ऊबर (Uber) और रैपिडो (Rapido) के ड्राइवरों ने इस हड़ताल का समर्थन नहीं किया है, जिससे मोबाइल ऐप के जरिए आसानी से कैब्स की बुकिंग हो रही है। दरअसल, दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ, दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन और नेशनल कैपिटल रीजन ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट यूनियन सहित 5 बड़े संगठनों ने खुद को इस हड़ताल से अलग कर लिया है। यूनियन नेता राजेंद्र सोनी का कहना है कि यह विरोध मुख्य रूप से कमर्शियल मालवाहक वाहनों (ट्रकों/ट्रैक्टरों) पर बढ़ाए गए सेस को लेकर है, जिससे आम ऑटो-टैक्सी चालकों का सीधा संबंध नहीं है।
यह हड़ताल ‘अखिल भारतीय मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस’ (AIMTC) और अन्य संगठनों द्वारा बुलाई गई है। उनकी मुख्य मांगें हैं कि कमर्शियल वाहनों पर बढ़ाए गए पर्यावरण क्षतिपूर्ति अधिभार (ECC) को वापस लिया जाए। दिल्ली-एनसीआर में BS-4 या उससे पुराने वाहनों पर प्रस्तावित प्रतिबंध का विरोध। सीएनजी (CNG) और ईंधन के बढ़ते दामों के बीच किराया बढ़ाने (Fare Revision) की मांग। हालांकि गाजियाबाद में स्थिति सामान्य है, लेकिन यदि आप दिल्ली, नोएडा या गुरुग्राम की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं, तो कुछ रूटों पर आंशिक असर या पीक आवर्स में कैब का बढ़ा हुआ किराया (Surge Pricing) देखने को मिल सकता है।
प्रशासन ने जारी किया नया रूट डायवर्जन प्लान
गाजियाबाद की तीसरी खबर रूट डायवर्जन से जुड़ी है। ज्येष्ठ गंगा दशहरा मेले के मद्देनजर गढ़मुक्तेश्वर (ब्रजघाट) में कल सुबह से भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया जा रहा है। 23 मई से 26 मई तक गाजियाबाद-हापुड़ नेशनल हाईवे (NH-9) पर भारी वाहनों की ‘नो-एंट्री’ रहेगी। यदि आप इस सप्ताहांत दिल्ली, गाजियाबाद या मुरादाबाद की तरफ यात्रा करने वाले हैं, तो प्रशासन द्वारा जारी नया रूट प्लान जरूर जान लें, ताकि भारी जाम से बचा जा सके।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि गढ़मुक्तेश्वर (ब्रजघाट) में ज्येष्ठ गंगा दशहरा मेले के चलते पुलिस प्रशासन ने रूट डायवर्जन प्लान लागू कर दिया है। यह प्रतिबंध मुख्य रूप से भारी कमर्शियल वाहनों पर लागू है, जबकि श्रद्धालुओं की निजी कारों को जाने दिया जाएगा। दिल्ली,गाजियाबाद से मुरादाबाद,बरेली की तरफ जाने वाले भारी वाहनों को भारी वाहनों को एनएच-9 पर आगे नहीं जाने दिया जाएगा।
इन्हें मसूरी, धौलाना, गुलावठी, बुलंदशहर, नरौरा और चंदौसी के रास्ते भेजा जाएगा। हापुड़ से आगे जाने वाले वाहन को सोना पेट्रोल पंप से गुलावठी-बुलंदशहर या खुडलिया अंडरपास से गंगा एक्सप्रेसवे और हसनपुर के रास्ते डाइवर्ट किया जाएगा। मुरादाबाद से दिल्ली,गाजियाबाद आने वाले भारी वाहनों को गजरौला से आगे नहीं आने दिया जाएगा।
इन्हें चंदौसी, नरौरा और बुलंदशहर के रास्ते भेजा जाएगा। मेरठ से संभल,मुरादाबाद की तरफ आने वाले भारी वाहनों को किठौर के बजाय गजरौला, हसनपुर और गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते निकाला जाएगा। पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह के मुताबिक, यदि ब्रजघाट या एनएच-9 पर भीड़ बहुत ज्यादा बढ़ती है, तो अस्थाई रूप से ‘जीरो ट्रैफिक व्यवस्था’ (सभी वाहनों की पूर्ण रोक) भी लगाई जा सकती है।
किसान नेता की गिरफ्तारी के बाद थाने पर धरना प्रदर्शन (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद से चौथी बड़ी खबर एक किसान नेता की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुए धरना प्रदर्शन से जुड़ी है। पुलिस द्वारा एक किसान नेता को अचानक हिरासत में लिए जाने के बाद जिले में माहौल गरमा गया है। इइस कार्रवाई से गुस्साए सैकड़ों किसानों ने थाने का घेराव कर मुख्य गेट के सामने ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक नेता की बिना शर्त रिहाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
गाजियाबाद में आज (21 मई 2026) एक किसान नेता को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में किसानों ने थाने के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तारी से नाराज ग्रामीण और भारतीय किसान यूनियन (BKU) के कार्यकर्ता ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर थाने पहुंच गए हैं। प्रदर्शनकारी किसानों का साफ कहना है कि जब तक उनके नेता को तुरंत रिहा नहीं किया जाता, तब तक वे थाने के मुख्य गेट से नहीं हटेंगे।
स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और थाने पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। यह कार्रवाई 25 मई को गाजियाबाद कलेक्ट्रेट पर होने वाली विशाल किसान महापंचायत से ठीक पहले हुई है। दैनिक भास्कर और डेक्कन हेराल्ड के अनुसार, क्षेत्र में डंपिंग ग्राउंड विवाद, जमीन मुआवजे और बुनियादी सुविधाओं को लेकर किसानों और प्रशासन में पहले से तनातनी चल रही है। किसान यूनियन का कहना है कि प्रशासन 25 मई की महापंचायत को कमजोर करने और उनकी आवाज दबाने के लिए नेताओं को निशाना बना रहा है।
कल डिजिटल जनगणना का आखिरी दिन
गाजियाबाद के निवासियों के लिए पांचवी बेहद जरूरी खबर, जिले में चल रही डिजिटल जनगणना के तहत स्व-गणना (Self-Enumeration) का आज यानी 21 मई को आखिरी दिन है। यदि आपने अभी तक ऑनलाइन पोर्टल पर अपने परिवार की जानकारी दर्ज नहीं की है, तो आज ही पूरा कर लें। कल (22 मई) से सरकारी कर्मचारी मकानों के सूचीकरण के लिए आपके घर-घर दस्तक देना शुरू करेंगे।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि गाजियाबाद में डिजिटल जनगणना 2026 के अंतर्गत स्व-गणना (Self-Enumeration) का आज यानी 21 मई 2026 को आखिरी दिन है, और कल (22 मई) से प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर मकानों का सूचीकरण (House Listing) शुरू करेंगे। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे आज रात तक ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से खुद अपनी गणना पूरी कर लें, ताकि प्रगणकों के घर आने पर उन्हें लंबी प्रक्रिया से न गुजरना पड़े।
गाजियाबाद नगर निगम और जिला प्रशासन ने प्रगणकों और सुपरवाइजरों की टीमें तैयार कर ली हैं, जो कल (22 मई) से फील्ड में उतरेंगी। प्रगणक प्रत्येक भवन, मकान और दुकान पर जाकर उनका नंबर दर्ज करेंगे, मकान की स्थिति (पक्का, कच्चा, आवासीय या व्यावसायिक) की सूची बनाएंगे और परिवार के मुखिया की जानकारी जुटाएंगे। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने कहा है कि नागरिक अपने घर आने वाले सरकारी कर्मचारियों का आधिकारिक पहचान पत्र (ID Card) देखकर ही उन्हें जानकारी दें।
गाजियाबाद से जुड़ी आज की 5 बड़ी और महत्वपूर्ण खबरें। प्रशासन द्वारा जारी रूट डायवर्जन और डिजिटल जनगणना की समय-सीमा का ध्यान रखें ताकि आपको किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। शहर और प्रशासन के इन बड़े बदलावों के बीच सतर्क रहें और सुरक्षित यात्रा करें। गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश की अन्य प्रशासनिक व स्थानीय खबरों की विस्तृत रिपोर्ट के लिए हमारी वेबसाइट को विजिट करते रहें।



























