Top 5 Ghaziabad News: गाजियाबाद की पांच बड़ी खबरें जो शहर के अलग-अलग चेहरों को बयां करती हैं। एक तरफ जहाँ इंदिरापुरम की एक शादी में करोड़ों के दहेज ने सबको हैरान कर दिया है, वहीं शहर की सड़कों पर आवारा कुत्तों का आतंक मासूमों की जान का दुश्मन बना हुआ है।
लोनी में जहाँ मजदूरों का गुस्सा वेतन के लिए सड़कों पर फूटा, तो दूसरी तरफ मरीजों के लिए डिजिटल हेल्थ कार्ड की एक राहत भरी खबर भी सामने आई है। और अंत में, हम बात करेंगे उस हाई-टेक कैश वैन लूटकांड की, जिसमें कानून का छात्र ही मास्टरमाइंड निकला। तो चलिए इस लेख के जरिए जानते हैं इन सभी खबरों की पूरी हकीकत।
करोड़ों के कैश और BMW का वायरल वीडियो
गाजियाबाद में हुई एक शादी ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। सजावट या खाने के लिए नहीं, बल्कि दहेज के उस भारी-भरकम प्रदर्शन के लिए जिसने सबको हैरान कर दिया। जिसने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस निकाह का वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दहेज में 1 करोड़ कैश, एक BMW और बिचौलिए के लिए स्कॉर्पियो! ये किसी फिल्म का सीन नहीं, बल्कि गाजियाबाद के इंदिरापुरम में हुई एक असल शादी की हकीकत है। पर सवाल ये है कि ये शान-ओ-शौकत की निशानी है या फिर दहेज प्रथा का खुला प्रदर्शन? आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित रॉयल एंबियंस फार्म में 9 मई की रात हुई एक शादी अपनी भव्यता से ज्यादा दहेज के खुले प्रदर्शन के कारण विवादों में घिर गई है। दिल्ली के खजूरी खास निवासी इदरीसी समाज के इस निकाह का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लाउडस्पीकर पर घोषणा की जा रही है कि दूल्हे को 1,01,11,000 रुपये नकद और एक BMW कार दी गई है,
जबकि रिश्ता तय कराने वाले बिचौलिए को स्कॉर्पियो एन उपहार में मिली। इतना ही नहीं, दहेज की इस लंबी सूची में हीरे, सोने और चांदी के लगभग 75 कीमती आभूषणों सहित काम करने वालों को स्पलेंडर बाइक देने तक की बात कही गई है।
बताया जा रहा है कि सगाई में भी दूल्हे को 31 लाख रुपये और थार गाड़ी दी गई थी। सोशल मीडिया पर इस भारी-भरकम दिखावे और दहेज के सरेआम ऐलान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं और लोग इसे समाज के लिए एक बेहद गलत और चिंताजनक उदाहरण बता रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हुई एक शाही शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में शादी समारोह के दौरान भारी मात्रा में नकदी और दहेज का दावा किया जा रहा है. मामला मुस्लिम समाज के इदरीशी समुदाय से जुड़ा बताया जा रहा है.
– दरअसल, दिल्ली के खजूरी खास… pic.twitter.com/4CtR4fak9y— Nedrick News (@nedricknews) May 12, 2026
कुत्तों का आतंक, 181 घायलों के साथ अस्पतालों में हाहाकार (Top 5 Ghaziabad News)
गाजियाबाद में जहाँ एक तरफ करोड़ों के दहेज की बातें हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर की सड़कों पर ‘मौत’ खुलेआम घूम रही है। पिछले 24 घंटों के भीतर आवारा कुत्तों ने 181 लोगों को अपना शिकार बनाया है। अस्पतालों में वैक्सीन लगवाने वालों की ऐसी भीड़ है,
मानो कोई महामारी फैल गई हो। सवाल यह है कि प्रशासन करोड़ों के दहेज और भव्य शादियों के शोर में डूबा है या इन मासूमों की चीखें भी किसी को सुनाई दे रही हैं? आइए देखते हैं गाजियाबाद में कुत्तों के आतंक की ये खौफनाक जमीनी हकीकत।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक गाजियाबाद में आवारा कुत्तों का आतंक अब एक बेकाबू संकट बन चुका है, जहाँ बीते 24 घंटों में 81 मासूम बच्चों समेत कुल 181 लोग कुत्तों के हमले का शिकार होकर लहूलुहान हुए हैं। शहर के MMG और संयुक्त अस्पताल जैसे केंद्रों पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने वालों की भारी भीड़ उमड़ रही है, खासकर विजयनगर, खोड़ा और लोनी जैसे इलाकों में दहशत का माहौल है।
इंदिरापुरम और राजनगर एक्सटेंशन जैसी पॉश सोसायटियों से कुत्तों के झुंड द्वारा बच्चों पर हमले के डरावने वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में भारी रोष है। लोगों का आरोप है कि नगर निगम का नसबंदी और टीकाकरण अभियान पूरी तरह विफल साबित हुआ है,
जिससे शहर में कुत्तों की संख्या 60,000 के पार पहुँच गई है। इस गंभीर स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि हमलों की स्थिति में राज्य सरकारों को भारी मुआवजा देना होगा और कुत्तों को खिलाने वालों की जवाबदेही भी तय की जा सकती है।
लोनी में वेतन वृद्धि की मांग पर चक्का जाम
गाजियाबाद की खबरों का सिलसिला अभी थमा नहीं है। जहाँ एक तरफ करोड़ों के दहेज की चकाचौंध है और दूसरी तरफ सड़कों पर कुत्तों का खौफनाक आतंक, वहीं शहर का एक और हिस्सा ‘लोनी’ अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहा है।
लोनी के रूपनगर इंडस्ट्रियल एरिया में सोमवार को गुस्साए मजदूरों ने फैक्ट्री का चक्का जाम कर दिया। चर्चा उन शाही शादियों की है जहाँ करोड़ों पानी की तरह बह रहे हैं, लेकिन यहाँ हकीकत यह है कि सालों से काम कर रहे इन कामगारों को मात्र 9,000 रुपये की मासिक पगार पर गुजारा करना पड़ रहा है। बढ़ती महंगाई और कम वेतन के बीच पिसते इन मजदूरों ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। आइए जानते हैं, चकाचौंध से दूर गाजियाबाद के इस संघर्ष की पूरी कहानी।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि गाजियाबाद के लोनी स्थित रूपनगर औद्योगिक क्षेत्र से आई यह तीसरी खबर समाज के एक और बड़े विरोधाभास को उजागर करती है, जहाँ एक तरफ करोड़ों के दहेज की चकाचौंध है, वहीं दूसरी तरफ ऑटो स्पेयर पार्ट्स फैक्ट्री के मजदूरों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया है।
बढ़ती महंगाई के बीच मात्र 9,000 रुपये मासिक वेतन पर गुजारा करने को मजबूर करीब 80 महिला और पुरुष कामगारों ने सुबह ही काम बंद कर फैक्ट्री के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। करीब तीन घंटे तक चले इस हंगामे और चक्का जाम के बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद फैक्ट्री मालिक और औद्योगिक एसोसिएशन ने वेतन बढ़ाने का ठोस आश्वासन दिया और मजदूर काम पर वापस लौटे।
आभा (ABHA) आईडी से घर बैठे ओपीडी रजिस्ट्रेशन (Top 5 Ghaziabad News)
जहाँ एक तरफ गाजियाबाद की सड़कों पर कुत्तों का खौफ है और मजदूर अपने हकों के लिए पसीना बहा रहे हैं, वहीं इसी भागदौड़ भरे शहर से एक राहत भरी खबर भी सामने आई है। अस्पतालों की लंबी कतारों में लगकर घंटों बर्बाद करने वाले मरीजों के लिए अब तकनीक एक वरदान बनकर आई है।
गाजियाबाद प्रशासन ने अब आभा (ABHA) आईडी के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल करने की तैयारी कर ली है। यानी अब आपको ओपीडी पर्चे के लिए पसीने बहाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि घर बैठे एक क्लिक पर आपका काम हो जाएगा। आइए जानते हैं, कैसे यह नई व्यवस्था गाजियाबाद के लोगों की मुश्किलों को आसान बनाने वाली है।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार गाजियाबाद के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए अब लंबी कतारों का झंझट खत्म होने जा रहा है, क्योंकि प्रशासन ने आभा (ABHA) आईडी के जरिए ऑनलाइन ओपीडी पंजीकरण की सुविधा को और आसान बना दिया है। अब मरीज घर बैठे ही ‘आभा’ ऐप या क्यूआर कोड के माध्यम से अपना डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड बना सकेंगे और ओपीडी का पर्चा प्राप्त कर सकेंगे।
इससे न केवल एमएमजी और संयुक्त अस्पताल जैसी जगहों पर होने वाली भारी भीड़ कम होगी, बल्कि मरीजों का पूरा मेडिकल इतिहास भी एक ही जगह डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा। आधार कार्ड से लिंक होने वाली इस सुविधा के शुरू होने से अब मरीजों को सुबह-सुबह लाइनों में लगने की परेशानी से बड़ी राहत मिलेगी।
LLB छात्र और कारपेंटर की गिरफ्तारी का खुलासा
गाजियाबाद की खबरों में जहाँ एक तरफ स्वास्थ्य सुविधाओं की चर्चा है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस की गिरफ्त में आए उन लुटेरों की नई अपडेट भी सामने आई है जिनकी खबर हमने आपको कल दिखाई थी। क्रॉसिंग रिपब्लिक के 27 लाख के कैश वैन लूटकांड में अब चौंकाने वाली परतें खुल रही हैं।
आपको जानकर हैरानी होगी कि इस पूरी डकैती की प्लानिंग किसी पुराने अपराधी ने नहीं, बल्कि एक LLB के छात्र और कारपेंटर ने मिलकर की थी। पुलिस ने अब खुलासा किया है कि इस वारदात के लिए आरोपियों ने 6 महीने तक रेकी की और बकायदा 3 बार इसका ट्रायल भी किया था। कानून की पढ़ाई करने वाले इन युवाओं ने कैसे फिल्मी अंदाज में लूट की इस बड़ी साजिश को अंजाम दिया, आइए जानते हैं इस केस का लेटेस्ट अपडेट।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि गाजियाबाद पुलिस ने क्रॉसिंग रिपब्लिक में 6 मई को हुई 27 लाख की कैश वैन लूट का खुलासा करते हुए दो आरोपियों मोहम्मद रिज़वान (LLB छात्र) और मोहम्मद कैफ (कारपेंटर) को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात से पहले 6 महीने तक वैन के रूट की रेकी की और 4 बार बकायदा ‘ट्रायल’ अभ्यास किया था।
इन्होंने लूट की योजना बनाने के लिए AI प्लेटफॉर्म और ओटीटी की वेब सीरीज का सहारा लिया और वैन के सीसीटीवी कैमरों को कुल्हाड़ी से नष्ट कर दिया था। पुलिस ने इनके पास से 8 लाख नकद, एक स्कॉर्पियो और अवैध हथियार बरामद किए हैं, जबकि गैंग के मास्टरमाइंड जुबैर सहित चार अन्य साथियों की तलाश अभी जारी है।
तो ये थीं Top 5 Ghaziabad News, जो कभी हमें अपनी रईसी के प्रदर्शन से चौंकाती हैं, तो कभी बुनियादी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती हैं। उम्मीद है कि प्रशासन इन आवारा कुत्तों के आतंक और मजदूरों के संघर्ष जैसे गंभीर मुद्दों पर जल्द ही ठोस कदम उठाएगा।




























