IPS Ajay Pal Sharma: All India Trinamool Congress (TMC) के निलंबित प्रवक्ता Riju Dutta ने IPS अधिकारी Ajay Pal Sharma को लेकर दिए गए अपने पुराने बयान पर सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांग ली है। रिजू दत्ता ने अपने ‘X’ अकाउंट पर एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि उन्होंने जो बयान दिया था, वह उनकी व्यक्तिगत राय नहीं थी, बल्कि पार्टी लाइन के तहत दिया गया था।
रिजू दत्ता का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी हार के बाद अंदरूनी कलह और आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। उनकी माफी और उसके पीछे की वजहों ने अब राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
‘पार्टी लाइन के तहत बनाया था वीडियो’ IPS Ajay Pal Sharma
अपने वीडियो संदेश में रिजू दत्ता ने कहा कि जब उन्होंने IPS अजय पाल शर्मा के खिलाफ वीडियो जारी किया था, तब वह TMC के राष्ट्रीय प्रवक्ता थे और पार्टी मुख्यालय से मिली जिम्मेदारी के तहत उन्होंने वह बयान दिया था। उन्होंने कहा, “मैं साफ करना चाहता हूं कि वह मेरी व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं थी। मैंने पार्टी लाइन का पालन करते हुए वीडियो बनाया था और वह पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जारी किया गया था।” रिजू ने दावा किया कि सच बोलने की वजह से ही उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा समर्थकों का गुस्सा सीधे उन पर आने लगा।
मैं, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता के रूप में, आईपीएस अजय पाल शर्मा के बारे में एक वीडियो बनाया था। अब मेरी पार्टी ने मुझे सच बोलने के कारण निलंबित कर दिया है।
वह क्लिप वायरल हो चुकी है और भाजपा का पूरा आक्रोश व्यक्तिगत रूप से मुझ पर आ रहा है।
मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि… pic.twitter.com/IUO48OG434
— 𝐑𝐢𝐣𝐮 𝐃𝐮𝐭𝐭𝐚 (@RijuDutta_84) May 10, 2026
‘मैं शांति से जीना चाहता हूं’
रिजू दत्ता ने अपने बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश के कुछ वरिष्ठ भाजपा नेताओं और अपने कानूनी सलाहकार की सलाह पर उन्होंने अजय पाल शर्मा से बिना शर्त माफी मांगी है। उन्होंने कहा, “मैं एक सामान्य इंसान हूं। मैं अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहता हूं और अपनी रोजी-रोटी चलाना चाहता हूं। मुझे उम्मीद है कि अब यह मामला यहीं खत्म हो जाएगा।” हालांकि उन्होंने दोहराया कि विवादित बयान उनकी निजी सोच नहीं थी।
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट काफी चर्चा में रही थी। यहां मतदान के दौरान EVM से छेड़छाड़ और मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप लगे थे। इन शिकायतों को देखते हुए चुनाव आयोग ने 21 मई को दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया था। इसी दौरान उत्तर प्रदेश में ‘सिंघम’ के नाम से चर्चित IPS अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग ने पुलिस ऑब्जर्वर नियुक्त किया था।
फलता इलाके में TMC नेता जहांगीर खान और उनके सहयोगियों पर मतदाताओं को धमकाने के आरोप लगे थे। शिकायतों के बाद अजय पाल शर्मा खुद जहांगीर खान के घर पहुंचे थे और परिवारवालों को चेतावनी दी थी कि अगर चुनाव में किसी तरह की हिंसा या गड़बड़ी हुई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। इसके बाद TMC प्रवक्ता रहते हुए रिजू दत्ता ने एक वीडियो जारी कर अजय पाल शर्मा को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था, “हमारी नजर आप पर है और 4 मई के बाद भाजपा के नेता भी आपको नहीं बचा पाएंगे। हम आपको यूपी से बंगाल ले आएंगे।”
शुभेंदु अधिकारी की तारीफ कर चुके हैं रिजू
हाल के दिनों में रिजू दत्ता ने भाजपा नेता Suvendu Adhikari की भी खुलकर तारीफ की थी। उन्होंने दावा किया था कि शुभेंदु अधिकारी ने अपने निजी सहायक चंद्रकांत रथ की हत्या के बाद भी संयम दिखाया और TMC कार्यकर्ताओं की जान बचाई।
उन्होंने कहा था कि अगर शुभेंदु अधिकारी उस समय बदले की राजनीति की अपील करते तो बंगाल में बड़े स्तर पर हिंसा हो सकती थी। लेकिन उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील की। रिजू ने यहां तक कहा कि अगर देश के शीर्ष नेताओं की सूची बनाई जाए तो शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बनने के सबसे बड़े दावेदारों में शामिल होंगे।
TMC नेतृत्व और I-PAC पर भी उठाए सवाल
रिजू दत्ता ने हाल ही में TMC नेतृत्व और चुनावी रणनीति को लेकर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी पर बाहरी रणनीतिक संस्था I-PAC का जरूरत से ज्यादा प्रभाव हो गया है। उनका कहना था कि “दीदी” यानी Mamata Banerjee और Abhishek Banerjee को यह जवाब देना चाहिए कि आखिर कैसे एक बाहरी संगठन ने पार्टी की कार्यशैली पर इतना नियंत्रण बना लिया।
चुनावी हार के बाद खुलकर सामने आ रही नाराजगी
पश्चिम बंगाल में हालिया चुनावी झटकों के बाद TMC के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। कई नेता पार्टी की रणनीति और नेतृत्व को लेकर सवाल उठा रहे हैं। पूर्व जूनियर खेल मंत्री मनोज तिवारी ने पार्टी छोड़ते हुए वरिष्ठ नेता अरूप बिस्वास पर विकास कार्य रोकने का आरोप लगाया था। वहीं कृष्णेंदु नारायण चौधरी और कोलकाता के डिप्टी मेयर अतिन घोष ने भी अभिषेक बनर्जी की राजनीतिक शैली पर सवाल उठाए।
हालांकि TMC नेतृत्व ने इन बयानों से दूरी बनाते हुए कहा है कि सोशल मीडिया या मीडिया में दिए गए बयान संबंधित नेताओं की निजी राय हैं और उन्हें पार्टी का आधिकारिक रुख नहीं माना जाना चाहिए। फिलहाल रिजू दत्ता की माफी और उनके आरोपों ने बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
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