एबटाबाद ऑपरेशन के 15 साल बाद खुला बड़ा राज़: लादेन के ठिकाने से CIA 13 ईंटें क्यों ले गई थी? Osama Bin Laden

Nandani | Nedrick News America Published: 08 मई 2026, 08:51 PM Updated: 08 मई 2026, 08:51 PM
Google News
Follow Us on Google News
Prefer Nedrick News
on Google

Osama Bin Laden: आज से ठीक 15 साल पहले मई के महीने में दुनिया ने वो खबर सुनी थी जिसने आतंक के खिलाफ जंग की दिशा बदल दी थी अमेरिका ने पाकिस्तान के एबटाबाद में एक गुप्त ऑपरेशन में अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। इस ऑपरेशन को लेकर समय-समय पर कई खुलासे होते रहे हैं, लेकिन अब एक नया पहलू चर्चा में है CIA द्वारा उस घर से 13 ईंटें अपने साथ ले जाना।

हाल ही में अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA ने सोशल मीडिया पर इन ईंटों की तस्वीरें और उनसे जुड़ी जानकारी शेयर की है। इसके बाद एक बार फिर यह ऐतिहासिक ऑपरेशन सुर्खियों में आ गया है। CIA ने अपनी वेबसाइट पर भी एबटाबाद वाले उस पूरे परिसर की तस्वीरें और मॉडल जारी किए हैं, जहां यह पूरा ऑपरेशन हुआ था।

और पढ़ें: कश्मीर हमारा होगा और पानी भी हम तय करेंगे… पाकिस्तान की खुली धमकी | Operation Sindoor Anniversary

आखिर 13 ईंटें क्यों ले गई थी CIA?

CIA की जानकारी के मुताबिक, जब अमेरिकी नेवी सील्स ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, तो वहां से सिर्फ लादेन ही नहीं, बल्कि कई अहम सबूत भी साथ ले जाए गए थे। इनमें हार्ड ड्राइव, पेन ड्राइव और कुछ खास ईंटें भी शामिल थीं। बताया जाता है कि ये 13 ईंटें उस कंपाउंड से बरामद हुई थीं, जिन पर ‘A’, ‘M’ और ‘S’ जैसे निशान मौजूद थे। इन ईंटों को सिर्फ सामान्य सबूत के तौर पर नहीं बल्कि ऑपरेशन के स्ट्रक्चर और डिजाइन को समझने के लिए भी अहम माना गया था। इनमें से एक ईंट नेवी सील कमांडो ने उस समय CIA के डायरेक्टर रहे लियोन पनेटा को भेंट की थी। आज वह ईंट CIA के म्यूजियम में सुरक्षित रखी हुई है।

मॉडल बनाकर की गई थी पूरी प्लानिंग | Osama Bin Laden

CIA ने यह भी खुलासा किया है कि ऑपरेशन से पहले एबटाबाद के उस पूरे परिसर का हूबहू मॉडल तैयार किया गया था। इसी मॉडल की मदद से नेवी सील्स ने कई बार रिहर्सल की ताकि ऑपरेशन के दौरान किसी तरह की गलती न हो। इस प्लानिंग का एक और बड़ा मकसद यह था कि आसपास के पाकिस्तानी नागरिकों को कम से कम नुकसान पहुंचे। यही वजह थी कि ऑपरेशन बेहद सटीक और सीमित समय में पूरा किया गया।

ओबामा की मंजूरी से हुआ था ऑपरेशन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरे मिशन को उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की मंजूरी मिली थी। उन्हें पहले इस मॉडल के जरिए पूरी योजना समझाई गई थी। ऑपरेशन के दौरान लादेन एबटाबाद स्थित उस इमारत की तीसरी मंजिल पर मिला था, जहां उसे मार गिराया गया।

10 साल की तलाश का अंत

9/11 हमलों के बाद से अमेरिका लगातार लादेन की तलाश में था। 11 सितंबर 2001 के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर हमले के बाद पूरी दुनिया में हलचल मच गई थी और इसके बाद से ही लादेन अमेरिका की सबसे बड़ी टारगेट लिस्ट में था। करीब 10 साल तक छिपने के बाद आखिरकार 2011 में CIA को उसका सुराग मिला और 2 मई 2011 को अमेरिकी नेवी सील्स ने एबटाबाद में उसे ढेर कर दिया।

क्यों फिर चर्चा में आया यह मामला?

15 साल बाद CIA द्वारा इन ईंटों और ऑपरेशन से जुड़े मॉडल्स को सार्वजनिक करना एक बार फिर इस ऐतिहासिक मिशन को चर्चा में ले आया है। इससे न सिर्फ ऑपरेशन की बारीकियां सामने आई हैं, बल्कि यह भी दिखता है कि यह मिशन कितना सोच-समझकर और तकनीकी तैयारी के साथ किया गया था।

एबटाबाद ऑपरेशन आज भी दुनिया के सबसे चर्चित सैन्य अभियानों में गिना जाता है और अब ये 13 ईंटें उस कहानी का एक अनोखा लेकिन अहम हिस्सा बन चुकी हैं।

और पढ़ें: 40 दिन की जंग के बाद बदले ट्रंप के तेवर… क्या ईरान के आगे अमेरिका ने टेक दिए घुटने? Iran-US Ceasefire

Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Latest News

©2026- All Right Reserved. Manage By Marketing Sheds