Operation Sindoor Anniversary: ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है। इस मौके पर पाकिस्तान की सेना ने न सिर्फ भारत के खिलाफ तीखे बयान दिए, बल्कि कश्मीर और सिंधु जल संधि को लेकर भी खुली धमकी दे डाली। पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग ISPR के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल Ahmed Sharif Chaudhry के बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
कश्मीर और नदियों पर पाकिस्तान का दावा | Operation Sindoor Anniversary
रावलपिंडी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अहमद शरीफ चौधरी ने सिंधु जल संधि का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीर से निकलने वाली छह नदियां आखिरकार पाकिस्तान की होंगी। उन्होंने दावा किया कि जब कश्मीर विवाद का समाधान होगा, तब पाकिस्तान यह तय करेगा कि भारत को पानी देना है या नहीं।
“कश्मीर बनेगा पाकिस्तान, फिर हम डिसाइड करेंगे कि भारत को पानी देना है कि नहीं” 😂😂
मुंह से मूंगफली टूट नहीं रही है.. 😂 pic.twitter.com/zn5e8ciWk2
— Political Kida (@PoliticalKida) May 7, 2026
पाकिस्तानी सेना के अधिकारी ने कहा कि 1960 की सिंधु जल संधि दुनिया की पहली ऐसी संधि थी जिसमें नदियों का बंटवारा किया गया था। उनके मुताबिक, चूंकि ये नदियां एक “विवादित क्षेत्र” से निकलती हैं, इसलिए भविष्य में इन पर पाकिस्तान का अधिकार होगा। उन्होंने यहां तक कह दिया कि “कश्मीर लोगों की इच्छा के अनुसार एक दिन पाकिस्तान का हिस्सा बनेगा।” इस बयान को भारत के खिलाफ खुली राजनीतिक और रणनीतिक चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर भारत का जवाब
उधर, भारत ने भी ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख को दोहराया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने कहा कि भारत को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है और सीमा पार से होने वाले आतंकवाद का जवाब देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ने पहलगाम आतंकी हमले को देखा था और भारत ने उसी के जवाब में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारत ने साफ किया कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और वैश्विक स्तर पर इस लड़ाई को मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।
“पाकिस्तान की नीति का हिस्सा है आतंकवाद”
विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि सीमा पार आतंकवाद लंबे समय से पाकिस्तान की नीति का हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत इस खतरे के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। भारत ने यह भी दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक मुद्दा है और दुनिया को इसके खिलाफ एकजुट होना चाहिए।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
दरअसल, पिछले साल पहलगाम में हुए बड़े आतंकी हमले के बाद भारत ने 7 मई को “ऑपरेशन सिंदूर” शुरू किया था। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी PoK में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इन एयर स्ट्राइक में करीब 100 आतंकवादी मारे गए थे। उस समय भारत की इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी समर्थन मिला था।
फिर बढ़ा तनाव
अब ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर पाकिस्तान की ओर से आए बयानों ने एक बार फिर दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ा दिया है। खास तौर पर पानी और कश्मीर को लेकर दी गई धमकी को भारत में गंभीरता से देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सिंधु जल संधि जैसे संवेदनशील मुद्दे पर इस तरह के बयान आने वाले समय में कूटनीतिक तनाव को और बढ़ा सकते हैं। फिलहाल दोनों देशों के बीच बयानबाज़ी जारी है, लेकिन सीमा पार आतंकवाद और कश्मीर का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आ गया है।




























