DA Hike: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हुआ। मोदी कैबिनेट ने आज महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले से लाखों परिवारों की खुशियां दोगुनी हो गई हैं। केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला किया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब महंगाई भत्ता 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया है। इस फैसले का फायदा करीब 49 लाख कर्मचारियों और 70 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों को मिलेगा।
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सैलरी में कितना होगा फायदा?
अब सवाल यह है कि आपकी जेब पर कितना असर पड़ेगा? मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 36,500 रुपये है, तो पहले 58% की दर से DA 21,170 रुपये मिल रहा था। 60% की दर से अब नया DA 21,900 रुपये हो जाएगा। यानी कर्मचारी की मासिक सैलरी में सीधे तौर पर 730 रुपये का इजाफा होगा। इसके अलावा 1 जनवरी से लागू होने के कारण अप्रैल की सैलरी में पिछले 3 महीनों का बकाया (Arrears) भी जुड़कर आएगा, जो करीब 2,190 रुपये (730 x 3) होगा।
एरियर भी मिलेगा
इस फैसले की खास बात यह है कि यह 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा। यानी कर्मचारियों को न केवल आगे की बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी, बल्कि जनवरी, फरवरी और मार्च का बकाया एरियर भी एक साथ मिलेगा। यह एरियर अप्रैल महीने की सैलरी के साथ आने की उम्मीद है, जिससे कर्मचारियों के हाथ में एकमुश्त अच्छी रकम आएगी।
लंबे समय से था इंतजार
काफी समय से कर्मचारी इस बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे थे, खासकर बढ़ती महंगाई को देखते हुए। ऐसे में सरकार का यह कदम उन्हें बड़ी राहत देने वाला है। साथ ही कर्मचारी संगठन आगे 8वें वेतन आयोग को लेकर भी उम्मीद लगाए बैठे हैं।
बढ़ोतरी क्यों है जरूरी
महंगाई भत्ता (DA) में यह बढ़ोतरी कर्मचारियों के लिए महज एक वित्तीय लाभ नहीं, बल्कि बढ़ती कीमतों के खिलाफ एक जरूरी सुरक्षा कवच है। सरकारी नियमों के अनुसार अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर साल में दो बार होने वाला यह संशोधन कर्मचारियों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
खास बात यह है कि 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग की संदर्भ तिथि शुरू हो चुकी है, ऐसे में वर्तमान DA दरें भविष्य के नए वेतन ढांचे और बेसिक सैलरी को निर्धारित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सरकार का यह कदम न केवल कर्मचारियों को आर्थिक स्थिरता देता है, बल्कि बढ़ती लागत के बीच उनके मनोबल को भी बढ़ाता है।
8वें वेतन आयोग पर टिकी नजर
8वें वेतन आयोग को लेकर भी सरगर्मियां तेज हैं, जिसका गठन सरकार द्वारा 3 नवंबर 2025 को किया जा चुका है और इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना गया है। कर्मचारी संगठनों ने आयोग के समक्ष न्यूनतम बेसिक सैलरी को 18,000 से बढ़ाकर 69,000 करने और 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की जोरदार मांग रखी है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार इसे 2.86 के आसपास तय कर सकती है जिससे न्यूनतम वेतन 51,480 तक पहुँच सकता है। इसके साथ ही पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% करने और न्यूनतम पेंशन में वृद्धि जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा जारी है। क्योकि इसकी संदर्भ तिथि 1 जनवरी 2026 तय है, इसलिए नई पे-मैट्रिक्स लागू होने पर कर्मचारियों को उस तारीख से पूरा एरियर भी एकमुश्त मिलेगा।






























