हिंदू धर्म में Akshaya Tritiya का दिन बहुत ही शुभ और खास माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन जो भी अच्छा काम किया जाता है। जैसे दान, पूजा, जप या तप उसका फल कभी खत्म नहीं होता, यानी “अक्षय” रहता है। इस साल यह पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा।
आजकल लोगों में इस दिन सोना-चांदी खरीदने का चलन काफी बढ़ गया है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन खरीदी गई चीजों में हमेशा बढ़ोतरी होती है। हालांकि शास्त्रों में सोना-चांदी खरीदने की कोई खास परंपरा नहीं बताई गई है यह ज्यादा आधुनिक मान्यताओं पर आधारित है। अगर आप शास्त्रों के अनुसार कुछ खरीदना चाहते हैं, तो ये चीजें शुभ मानी गई हैं:
क्या खरीदना चाहिए
- सेंधा नमक: अक्षय तृतीया पर सेंधा नमक खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में लक्ष्मी का स्थायी वास होता है और नकारात्मकता दूर होती है। साथ ही यह कर्ज और दुर्भाग्य को भी कम करने में सहायक माना जाता है।
- जौ (जौं): शास्त्रों में जौ का विशेष महत्व बताया गया है। इसे पवित्र अनाज माना जाता है और यह धन, अन्न और सौभाग्य का प्रतीक है। कहा जाता है कि जौ भगवान विष्णु को प्रिय है, इसलिए इस दिन इसे खरीदना और घर लाना शुभ माना जाता है।
- पीली सरसों: पीली सरसों भी इस दिन खरीदना अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इससे माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में सुख-शांति आती है।
- कौड़ी: कौड़ी को भी धन बढ़ाने वाली वस्तु माना जाता है। यह परंपरा बहुत पुराने समय से चली आ रही है। अक्षय तृतीया पर कौड़ी खरीदकर घर में रखने से लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है।
क्या करें
अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पवित्र स्नान करने के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करनी चाहिए, जिसमें उन्हें जौ, तुलसी दल और पीले पुष्प अर्पित करना विशेष फलदायी होता है। चूंकि यह दिन ‘अबूझ मुहूर्त’ है, इसलिए इस दिन गृह-प्रवेश, व्यापार की शुरुआत या विवाह जैसे मांगलिक कार्य बिना पंचांग देखे किए जा सकते हैं।
शास्त्रों के अनुसार, इस दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार सोना, जौ, मिट्टी का घड़ा या धनिया खरीदना और जल, अन्न, छाता या सत्तू का दान करना अक्षय पुण्य प्रदान करता है। इसके साथ ही अपने पितरों के निमित्त तर्पण करना और घर में सात्विक व शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखना समृद्धि के द्वार खोलता है।
क्या ना करें
Akshaya Tritiya के दिन घर में कलह या वाद-विवाद बिल्कुल न करें और न ही किसी के प्रति मन में क्रोध रखें, क्योंकि मानसिक अशांति लक्ष्मी आगमन को रोकती है। इस दिन तामसिक भोजन (मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन) का सेवन करने से बचना चाहिए और पूरी तरह सात्विक रहना चाहिए। घर के किसी भी कोने में अंधेरा न रखें, विशेषकर पूजा स्थल और मुख्य द्वार पर शाम को दीपक जरूर जलाएं।
इसके अलावा, इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार कुछ न कुछ दान अवश्य करें, खाली हाथ रहना या द्वार पर आए जरूरतमंद को बिना कुछ दिए लौटाना अशुभ माना जाता है। साथ ही सोने-चांदी जैसी कीमती चीजें न खरीद पाने पर दुखी न हों, बल्कि श्रद्धा के साथ जौ या मिट्टी का पात्र लाएं, क्योंकि नकारात्मक विचार इस दिन के पुण्य को कम कर देते हैं।
मिलेगा पुण्य
यह दिन केवल भौतिक वस्तुओं की खरीदारी (जैसे सोना-चांदी) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक शुद्धता, दान और संचय का पर्व है। Akshaya Tritiya के दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य, दान या निवेश कभी समाप्त नहीं होता (अक्षय रहता है)।
यदि आप महंगा सोना नहीं खरीद सकते, तो मात्र जौ या मिट्टी का पात्र लाकर और जरूरतमंदों को जल या अन्न का दान करके भी आप वही पुण्य प्राप्त कर सकते हैं। श्रद्धा के साथ किया गया छोटा सा कर्म भी इस दिन आपके जीवन में अनंत सुख और समृद्धि ला सकता है।






























