UP Police Recruitment 2026: उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और अवसर की बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को घोषणा की कि इस वित्तीय वर्ष 2026-27 में यूपी पुलिस में 81 हजार नई भर्तियां की जाएंगी। यह कदम न केवल बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करेगा बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और मज़बूती भी देगा।
भर्ती में पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर | UP Police Recruitment 2026
गुरुवार देर शाम पुलिस विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी भर्तियां मेरिट और आरक्षण नियमावली के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएं। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष ध्यान देने को कहा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि युवाओं को जल्द ही उनके चयन के परिणाम मिलें और प्रक्रिया निष्पक्ष रहे।
कौन-कौन से पदों पर होगी भर्ती
सीएम योगी ने बताया कि इन भर्तियों में सब-इंस्पेक्टर (SI), आरक्षी सिविल पुलिस, रेडियो सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए और एसआई (गोपनीय) जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। इनमें से कुछ पदों की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इन नियुक्तियों से प्रदेश को एक आधुनिक, तकनीक-सक्षम और मजबूत पुलिस बल मिलेगा, जो जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाएगा।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए पुलिस अधिकारियों को भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्रैप और सर्च ऑपरेशन बढ़ाने के साथ-साथ वित्तीय और साइबर अपराधों के खिलाफ तकनीक आधारित, त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया।
साइबर हेल्पलाइन और जांच की स्थिति
बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, साइबर हेल्पलाइन 1930 की कॉल हैंडलिंग क्षमता 1,709 से बढ़ाकर अब 7,467 कॉल प्रतिदिन हो गई है। सतर्कता अधिष्ठान में 414 लंबित जांचों में से 340 जांचों को इस वर्ष पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे साइबर अपराधों पर नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई संभव होगी।
पुलिसिंग और फायर सर्विस को मजबूत करने के निर्देश
सीएम ने पीआरवी-112 सेवा के रेस्पॉन्स टाइम को औसतन 6 मिनट तक लाने के निर्देश दिए, ताकि आपातकालीन स्थितियों में त्वरित सहायता मिल सके। इसके अलावा अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए ‘एक तहसील-एक फायर टेंडर’ मॉडल को जल्द लागू करने की योजना बनाई गई है।
लंबे समय से तैनात कर्मियों का ट्रांसफर
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में राजभवन, मुख्यमंत्री आवास और पुलिस मुख्यालय सहित अन्य जगहों पर लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण के निर्देश भी दिए। इसका उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है और पुलिसिंग में नई ऊर्जा का संचार करना है।





























