LPG Gas Crisis| मिडिल ईस्ट संकट का असर: 8 साल बाद भारत ने ईरान से खरीदी LPG, रसोई तक पहुंचा जंग का असर

Nandani | Nedrick News Published: 27 Mar 2026, 02:44 PM | Updated: 27 Mar 2026, 02:44 PM

 

LPG Gas Crisis: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और जंग का असर अब सीधे भारत के घरों की रसोई तक पहुंचने लगा है। गैस सप्लाई में आ रही दिक्कतों के बीच भारत ने एक अहम फैसला लेते हुए करीब 8 साल बाद ईरान से LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की खरीद की है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब देश में गैस की उपलब्धता पर दबाव साफ नजर आने लगा है।

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8 साल बाद ईरान से फिर शुरू हुआ व्यापार| LPG Gas Crisis

सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने इस खरीद को अंजाम दिया है, जिसमें भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) भी शामिल हैं। गौरतलब है कि भारत ने आखिरी बार जून 2018 में ईरान से LPG खरीदी थी। इसके बाद अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों के चलते यह व्यापार लगभग पूरी तरह बंद हो गया था। अब मौजूदा हालात को देखते हुए भारत ने फिर से यह रास्ता अपनाया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना बड़ी चिंता

दरअसल, मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता प्रभावित हुआ है, जो वैश्विक तेल और गैस सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है। इस रूट में किसी भी तरह की रुकावट का असर सीधे दुनिया भर की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ता है। भारत भी इससे अछूता नहीं है, क्योंकि देश अपनी LPG जरूरत का लगभग दो-तिहाई हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है, जिसमें से करीब 90 फीसदी सप्लाई इसी क्षेत्र से आती है।

देश में बढ़ी गैस की किल्लत

सप्लाई चेन में आई बाधा का असर अब जमीन पर भी दिखने लगा है। कई इलाकों में LPG सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। कहीं लोगों को लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा है, तो कहीं हालात इतने खराब हैं कि लोग लकड़ी जलाकर खाना बनाने को मजबूर हो गए हैं। ऐसे में सरकार और तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है कि जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

43 हजार टन LPG से मिलेगी राहत

बताया जा रहा है कि भारत ने इस बार करीब 43 हजार टन LPG जिसमें ब्यूटेन और प्रोपेन शामिल हैं की खरीद की है। हालांकि यह मात्रा देश की कुल जरूरत के हिसाब से बहुत ज्यादा नहीं है और केवल आधे दिन की मांग ही पूरी कर सकती है, लेकिन मौजूदा संकट के बीच इसे एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।

‘Sea Bird’ जहाज से आ रही सप्लाई

यह गैस ‘Sea Bird’ नाम के जहाज के जरिए भारत लाई जा रही है, जो गुरुवार को मैंगलोर पोर्ट पहुंचने वाली है। दिलचस्प बात यह है कि यह जहाज पहले चीन की ओर जा रहा था, लेकिन बाद में इसका रुख बदलकर भारत की ओर कर दिया गया। इसके अलावा, भारत दो और LPG खेप मंगाने की तैयारी में है, जिन पर बातचीत अंतिम चरण में बताई जा रही है।

ऊर्जा सुरक्षा की रणनीति का हिस्सा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ एक सामान्य खरीद नहीं, बल्कि बदलते वैश्विक हालात के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने यह साफ कर दिया है कि अगर होर्मुज जैसे अहम रास्ते प्रभावित होते हैं, तो उसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। ऐसे में भारत अब अपने ऊर्जा स्रोतों को और मजबूत और विविध बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

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Nandani

nandani@nedricknews.com

नंदनी एक अनुभवी कंटेंट राइटर और करंट अफेयर्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में चार वर्षों का सक्रिय अनुभव है। उन्होंने चितकारा यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म और मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, जहां स्क्रिप्ट लेखन के दौरान कंटेंट राइटिंग और स्टोरीटेलिंग में उनकी विशेष रुचि विकसित हुई। वर्तमान में वह नेड्रिक न्यूज़ से जुड़ी हैं और राजनीति, क्राइम तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर मज़बूत पकड़ रखती हैं। इसके साथ ही उन्हें बॉलीवुड-हॉलीवुड और लाइफस्टाइल विषयों पर भी व्यापक अनुभव है।

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