VoteVibe Pre poll Survey: देश के पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। लेकिन सबसे ज्यादा सियासी गर्मी अगर कहीं देखने को मिल रही है, तो वो पश्चिम बंगाल है। यहां एक बार फिर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। एक तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी है, तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी, जो इस बार सत्ता हासिल करने के इरादे से पूरी ताकत लगा रही है।
चुनाव से पहले आए एक ताजा प्री-पोल सर्वे ने इस मुकाबले को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। VoteVibe द्वारा किए गए इस सर्वे को CNN-News18 ने जारी किया है। सर्वे के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में टीएमसी की स्थिति मजबूत बनी हुई है और ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी कर सकती हैं।
टीएमसी को बहुमत से ज्यादा सीटों का अनुमान | VoteVibe Pre poll Survey
सर्वे में 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए टीएमसी को 184 से 194 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। ये आंकड़ा बहुमत के लिए जरूरी संख्या से काफी ऊपर है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि पार्टी इस बार भी मजबूत स्थिति में है।
बीजेपी को मिल सकती हैं 98-108 सीटें
वहीं बीजेपी को इस चुनाव में 98 से 108 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि पार्टी ने पिछले कुछ सालों में राज्य में अपनी पकड़ मजबूत की है, लेकिन सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि अभी भी उसे टीएमसी से कड़ी चुनौती मिल रही है। बाकी छोटी और क्षेत्रीय पार्टियों की भूमिका इस बार भी सीमित रहने की उम्मीद जताई गई है।
वोट शेयर में भी टीएमसी आगे
सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, वोट शेयर के मामले में भी टीएमसी बढ़त बनाए हुए है। करीब 41.9 फीसदी लोगों ने टीएमसी के पक्ष में समर्थन जताया है, जबकि बीजेपी को 34.9 फीसदी वोट मिलने का अनुमान है। खास बात यह है कि 36.5 फीसदी उत्तरदाताओं ने कहा कि वे मौजूदा टीएमसी विधायकों को दोबारा मौका देना चाहते हैं, जो सत्तारूढ़ पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
दो चरणों में होगा मतदान
इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव सिर्फ दो चरणों में कराए जाएंगे 23 और 29 अप्रैल को। पिछली बार जहां आठ चरणों में लंबा चुनाव हुआ था, उसके मुकाबले यह बड़ा बदलाव है। सभी 294 सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
सीधी टक्कर टीएमसी बनाम बीजेपी
राज्य की राजनीति फिलहाल टीएमसी और बीजेपी के इर्द-गिर्द ही घूमती नजर आ रही है। हालांकि कांग्रेस और वामपंथी दल भी अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला इन दोनों बड़ी पार्टियों के बीच ही माना जा रहा है। कुल मिलाकर, यह प्री-पोल सर्वे ममता बनर्जी के पक्ष में जाता दिख रहा है, लेकिन चुनावी नतीजों में क्या होगा, इसका फैसला आखिरकार मतदाता ही करेंगे।






























