Gas Connection scam: सावधान! IGL बिल के नाम पर आया एक लिंक और बैंक खाता खाली, ग्रेटर नोएडा में महिला से 21 लाख की ठगी अभी कुछ दिन पहले ही दिल्ली-NCR में गैस बिल के नाम पर हो रहे साइबर फ्रॉड को लेकर अलर्ट जारी किया गया था। लेकिन कहते हैं न कि ‘डर और जल्दबाजी में इंसान अक्सर सावधानी भूल जाता है’। यहां भी कुछ ऐसा ही हुआ, पाइपलाइन गैस कटने की टेंशन में लोग इस कदर डूबे हैं कि प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान ही नहीं दे रहे। ग्रेटर नोएडा का यह ताजा मामला इसी लापरवाही का नतीजा है।
बता दें कि देशभर में गैस सिलेंडर की सप्लाई को लेकर चल रही अफवाहों के बीच साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। ठग लोगों को डराकर उनके बैंक खातों से पैसे निकाल रहे हैं। ऐसा ही एक मामला ग्रेटर नोएडा वेस्ट से सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग महिला को गैस कनेक्शन काटने का डर दिखाकर साइबर ठगों ने करीब 21 लाख रुपये की ठगी कर ली।
मीडिया द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक बताया जा रहा है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक सोसायटी में रहने वाली 61 साल की गुजीब कालरा के मोबाइल फोन पर एक कॉल आया। कॉल करने शख्स ने खुद को आईजीएल गैस (इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड) कंपनी का कर्मचारी बताया जा रहा है। उसने महिला से कहा कि उनके गैस कनेक्शन से जुड़ा बिल बकाया है और अगर तुरंत भुगतान नहीं किया गया उनका गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा।
लिंक का है सारा खेल
गैस कनेक्शन कटने की धमकी सुनते ही महिला अपना विवेक खो बैठीं और जालसाज की बातों में आ गईं। आरोपी ने उनकी घबराहट का फायदा उठाया और तुरंत भुगतान के नाम पर एक फर्जी लिंक भेज दिया। जैसे ही महिला ने उस लिंक के जरिए बिल भरने की कोशिश की, ठगों ने उनके बैंक खाते का पूरा कंट्रोल हासिल कर लिया और देखते ही देखते 21 लाख रुपये पार कर दिए।
महिला ने जैसे ही लिंक खोला उसमें बैंक खाते से जुड़ी जानकारी भरने का विकल्प आया। बिना ज्यादा सोचे-समझे उन्होंने लिंक में मांगी गई सारी जानकारी भर दी। जैसे ही महिला ने डिटेल्स सबमिट कीं, उनके पास आए OTP (वन टाइम पासवर्ड) को भी ठगों ने झांसे में लेकर पूछ लिया या स्क्रीन शेयरिंग के जरिए देख लिया। इसी के साथ साइबर ठगों को उनके बैंक खाते का पूरा एक्सेस मिल गया।
11 बार में साफ किए 21 लाख रुपये
जानकारी मिलते ही ठगों ने बिजली की रफ्तार से हाथ साफ करना शुरू कर दिया। महज कुछ ही मिनटों के भीतर 11 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए महिला के खाते से करीब 21 लाख रुपये उड़ा लिए गए। जब मोबाइल पर एक के बाद एक पैसे कटने के मैसेज (Transaction Alerts) की झड़ी लगी, तब जाकर महिला को अहसास हुआ कि वे एक बड़े साइबर खेल का शिकार हो चुकी हैं।
साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत
ठगी का अहसास होते ही गुजीब कालरा ने बिना देरी किए साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद उन्होंने नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल के थाना प्रभारी विजय राणा ने बताया कि 61 वर्षीय महिला की शिकायत के आधार पर अज्ञात जालसाजों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस ट्रांजेक्शन डिटेल्स और लोकेशन के आधार पर ठगों के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
लोगों के लिए चेतावनी
पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें। बैंक या गैस कंपनी कभी भी फोन या लिंक के जरिए आपकी बैंक डिटेल, ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगती। ऐसे मामलों में सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।
